July 13, 2026

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राजस्थान में बिपरजॉय तूफान का असर शुरू, सीमावर्ती बाड़मेर से लेकर जयपुर तक बारिश, यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं निरस्त

राजस्थान में बिपरजॉय तूफान का असर शुरू, सीमावर्ती बाड़मेर से लेकर जयपुर तक बारिश, यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं निरस्त

एनसीआई@जयपुर/बाड़मेर

बिपरजॉय तूफान बाड़मेर जिले में आधी रात के बाद प्रवेश करेगा, लेकिन इससे पहले देर शाम से ही तूफान ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। बाड़मेर के अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी तेज हवा और बारिश होने लगी है। तूफान के असर को देखते हुए जोधपुर यूनिवर्सिटी की 16 और 17 जून को होने वाली परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।

शाम साढ़े छह बजे बाड़मेर जिला मुख्यालय पर भी बारिश शुरू हो गई। हालांकि, शाम 4 बजे के बाद से ही जिलेभर में तेज हवाओं का सिलसिला शुरू हो गया था। बिपरजॉय तूफान के खतरे से निपटने के लिए  बाड़मेर प्रशासन ने तमाम बंदोबस्त किए हैं। भारी बारिश और इलाके में पानी भरने की आशंका को देखते हुए प्रशासन की ओर से स्कूलों में लोगों को रखने की व्यवस्था की गई है। साथ ही लोगों के लिए फूड पैकेट की भी व्यवस्था की गई है।

बचाव एवं राहत कार्य के लिए एसडीआरएफ, सेना, एयरफोर्स और बीएसएफ को अलर्ट मोड पर रखा गया है। साथ ही एसडीआरएफ और नागरिक सुरक्षा विभाग की टीमें निचले स्थानों पर तैनात की गई हैं, ताकि जल भराव की स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।

पूर्वी राजस्थान में भी बारिश शुरू

इधर, राजधानी जयपुर, दौसा, अजमेर, टोंक, सवाई माधोपुर जिलों में भी बारिश का दौर शुरू हो गया है। जयपुर में शाम को मौसम बदल गया। हवाओं के साथ हल्की बारिश शुरू हो गई।

यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं केंसिल, बाजार बंद

आपदा विभाग की ओर से तूफान से जयपुर, टोंक, बूंदी, अजमेर, भीलवाड़ा जिलों और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। विभाग ने 60 किमी की रफ्तार से आंधी चलने की भी आशंका व्यक्त की है।

गुजरात बॉर्डर से सटे जालोर जिले के सांचौर के डूंगरी गांव में सबसे पहले इसका असर देखने को मिला था। इसके अलावा आसपास के करीब 36 गांवों में हल्की बारिश भी हो रही है। सांचौर में दो दिन बाजार बंद रहेंगे। वहीं बाड़मेर के गुड़ामालानी और इसके आसपास इलाकों में बारिश का दौर जारी था। पाली और सिरोही जिलों में भी शाम से इसका असर देखने को मिला। पाली के सुमेरपुर, तखतगढ़ और सिरोही शहर सहित माउंट आबू में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई।

चक्रवात को देखते हुए माउंट आबू में कार्यवाहक मजिस्ट्रेट डॉ. शुभमंगला ने दो दिन तक माउंट के सभी इंग्लिश मीडियम स्कूल में छुट्‌टी घोषित कर दी है। गौरतलब है कि यहां गर्मियों की छुटि्टयां नहींं होती हैं। ऐसे में स्कूल के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। इसके साथ ही नक्की लेक में भी दो दिन तक बोटिंग पर रोक लगा दी है।

तूफान को देखते हुए दो दिन विश्व विख्यात पर्यटन स्थल रणकपुर जैन मंदिर बंद रहेगा। मंदिर प्रबंधक जसराज माली ने बताया कि प्रशासन के निर्देश पर पर्यटकों के लिए 16-17 जून को मंदिर बंद रहेगा।

इधर, झालावाड़ जिले की झालरापाटन की हरिश्चंद्र कृषि उपज मंडी में 2 दिन कारोबार बंद रहेगा। खाद्य एवं तिलहन व्यापार संघ सचिव विजय मूंदड़ा हरि राठौर ने बताया कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन की सूचना पर 16-17 जून को मंडी बंद रहेगी।

बाड़मेर-जोधपुर ट्रेन रद्द, जैसलमेर में 100 परिवार शिफ्ट

चक्रवात के चलते बाड़मेर-जोधपुर पैसेंजर ट्रेन को 16 और 17 जून के लिए केंसिल कर दिया गया है। वहीं देर शाम बाद जैसलमेर में भी बारिश का असर दिखना शुरू हो गया था। यहां शुक्रवार को ऑरेंज अलर्ट है। इसी को देखते हुए प्रशासन डाबला गांव पहुंचा और यहां निचली बस्तियों के इलाके को खाली करवाया।

तहसीलदार निर्भाराम कोडेचा ने बताया कि डाबला गांव में 100 परिवारों के करीब 450 सदस्य हैं, इन्हें शिफ्ट कर दिया गया है। इन सभी को जिले के ग्राम पंचायत और स्कूल बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया।

इधर, जोधपुर के आस-पास ग्रामीण इलाकों में भी इसका असर दिखना शुरू हो गया। लूणी में देर शाम तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर चला।

इससे पहले पश्चिमी राजस्थान के अलग-अलग जिला प्रशासन की ओर से बिपरजॉय को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया था। उदयपुर में भी तूफान का असर नजर आया और आंधी-बारिश हुई।

इन हालातों को भी जान लें 

अरब सागर में बने चक्रवात बिपरजॉय की रात 10 बजे के करीब राजस्थान में एंट्री हो गई। बाड़मेर से लगते भारत-पाक बॉर्डर के पास रण क्षेत्र जो गुजरात और पाकिस्तान से लगता वहां से प्रवेश किया। शुरुआती दौर में पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, सिरोही, पाली, जैसलमेर, जोधपुर और जालोर में मौसम बदला। आंधी के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। तूफान के असर को देखते हुए जोधपुर यूनिवर्सिटी की 16 और 17 जून को होने वाली परीक्षाएं स्थगित कर दी।

आपदा विभाग की ओर से 24 घंटे में तूफान से जयपुर, टोंक, बूंदी, अजमेर, भीलवाड़ा जिलों और आसपास क्षेत्र में तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। विभाग ने 60 किमी की रफ्तार से आंधी चलने की भी संभावना व्यक्त की है।

जालोर जिले के सांचौर में 3 बजे बाद अचानक हवा चलने लगी। वहीं बाड़मेर के ग्रामीण क्षेत्रों में भी हवा के साथ बारिश का दौर शुरू हुआ। जैसलमेर के भी भणियाणा के झाबरा गांव में हल्की बारिश शुरू हुई।

गुजरात बॉर्डर से सटे सांचौर के डूंगरी गांव में सबसे पहले इसका असर देखने को मिला। इसके अलावा आस-पास के करीब 36 गांवों में हल्की बारिश भी हो रही है। सांचौर में दो दिन बाजार बंद रहेंगे। वहीं बाड़मेर के गुड़ामालानी और इसके आस-पास इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो चुका है।

शाम होते-होते इसका असर पाली और सिरोही भी जिलों में देखने को मिला। पाली के सुमेरपुर, तखतगढ़ और सिरोही शहर समेत माउंट आबू में तेज हवा के साथ बारिश हुई।

चक्रवात को देखते हुए माउंट आबू में कार्यवाहक मजिस्ट्रेट डॉ.शुभमंगला ने दो दिन तक माउंट के सभी इंग्लिश मीडियम स्कूल में छुट्‌टी घोषित कर दी है। गौरतलब है कि यहां गर्मियों की छुटि्टयां नहींं होती हैं। ऐसे में स्कूल के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। इसके साथ ही नक्की लेक में भी दो दिन तक बोटिंग पर रोक लगा दी है।

तूफान को देखते हुए दो दिन विश्व विख्यात पर्यटन स्थल रणकपुर जैन मंदिर बंद रहेगा। मंदिर प्रबंधक जसराज माली ने बताया कि प्रशासन के निर्देश पर पर्यटकों के लिए 16-17 जून को मंदिर बंद रहेगा।

झालरापाटन की हरिश्चंद्र कृषि उपज मंडी में 2 दिन कारोबार बंद रहेगा। खाद्य एवं तिलहन व्यापार संघ सचिव विजय मूंदड़ा हरि राठौर ने बताया कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन की सूचना पर 16-17 जून को मंडी बंद रहेगी।

बाड़मेर-जोधपुर ट्रेन रद्द

चक्रवात के चलते बाड़मेर-जोधपुर पैसेंजर ट्रेन को 16 और 17 जून के लिए कैंसिल कर दिया गया है। वहीं देर शाम बाद जैसलमेर में भी बारिश का असर दिखना शुरू हो गया था। यहां शुक्रवार को ऑरेंज अलर्ट है। इसी को देखते हुए प्रशासन डाबला गांव पहुंचा और यहां निचली बस्तियों के इलाके को खाली करवाया।

तहसीलदार निर्भाराम कोडेचा ने बताया कि डाबला गांव में 100 परिवारों के करीब 450 सदस्य है। इन्हें शिफ्ट करने की तैयारी शुरू कर दी है। इन सभी को जिले के ग्राम पंचायत और स्कूल बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाएगा।

इधर, जोधपुर के आस-पास ग्रामीण इलाकों में भी इसका असर दिखना शुरू हो गया। लूणी में देर शाम तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर चला।

इससे पहले पश्चिमी राजस्थान के अलग-अलग जिला प्रशासन की ओर से बिपरजॉय को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया था। उदयपुर में भी तूफान का असर नजर आया और आंधी-बारिश हुई।

सीएस ने ली थी रिव्यू बैठक

इधर, बुधवार शाम को सचिवालय में मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी कलेक्टर्स के साथ बैठक कर तैयारियों का रिव्यू किया था। बताया जा रहा है कि इस तूफान का सबसे ज्यादा असर जोधपुर संभाग में दिखेगा।

यहां भारी से अति भारी बारिश (200MM या उससे ज्यादा) की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है। राहत और बचाव के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की 9 कम्पनियां अलग-अलग जिलों में तैनात की गई हैं।

इधर, गुरुवार देर शाम आपदा विभाग ने अलर्ट मैसेज जारी कर जयपुर, टोंक, बूंदी, अजमेर और भीलवाड़ा समेत आस-पास के इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 60 किमी की स्पीड से हवा चलने का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा बाड़मेर-जालोर जिले, जहां भारी बारिश का अलर्ट है, वहां निचले जलभराव वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

इस बीच, चेतावनी वाले जिलों में सरकार ने तीन दिन (16 से 18 जून) तक एडवेंचर एक्टिविटी और टूरिस्ट ट्रिप के साथ महंगाई राहत केम्प पर रोक लगा दी है।

जैसलमेर में मनरेगा श्रमिकों को भी 16 और 17 जून को छुट्‌टी पर रहने के आदेश दिए गए हैं। देर रात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी अधिकारियों संग हाई लेवल मीटिंग करके तूफान-बारिश से आने वाली आपदा से निपटने के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा की।

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