कोटा: घायल खिलाड़ी को मदद की जगह देर रात अस्पताल से डिस्चार्ज कर पहुंचा दिया घर, नाराज परिजन चारपाई पर लेकर पहुंचे कलक्ट्रेट और धरना किया शुरू
एनसीआई@कोटा
राजीव गांधी ग्रामीण ओलम्पिक के दौरान घायल हुए एक खिलाड़ी के साथ कोटा प्रशासन के द्वारा बेरहमी करने का एक गम्भीर आरोप सामने आया है।
बताया गया है कि गत 5 अगस्त को राजीव गांधी ग्रामीण ओलम्पिक के दौरान कबड्डी के खिलाड़ी चन्द्र प्रकाश मेहरा का पैर टूट गया। इसलिए एमबीएस अस्पताल में इसका उपचार चल रहा था। इसे प्रशासन से कोई राहत नहीं मिलने पर 11 अगस्त को जिला कलक्टर को ज्ञापन दिया गया, इसके बावजूद भी कोई राहत नहीं मिली।

इस पर खेड़ा रसूलपुर गांव निवासी इस खिलाड़ी के परिजनों ने आज 17 अगस्त को जिला कलक्टर कार्यालय पर धरने देने का निर्णय लिया। परिजनों का आरोप है कि मगर प्रशासन को इस बात की भनक लगी तो चन्द्र प्रकाश की सहायता करने की बजाय 16 अगस्त की देर रात उसे आनन-फानन में एमबीएस अस्पताल से डिस्चार्ज कर एम्बुलेंस से उसके घर पहुंचा दिया।
इससे परिवार सहित ग्रामीणों में रोष और बढ़ गया। वे आज घायल खिलाड़ी चन्द्र प्रकाश को चारपाई पर लेकर जिला कलक्टर कार्यालय के बाहर पहुंचे और धरना शुरू कर दिया।
चन्द्र प्रकाश के परिचित पूर्व सरपंच महेश खत्री ने कहा कि आरक्षित वर्ग के बड़े अधिकारी ही आज चन्द्र प्रकाश के भी आरक्षित वर्ग से होने के बावजूद उसकी सहायता करने की जगह उसे परेशान कर रहे हैं। उसका दर्द कोई नहीं सुन रहा।
धरना स्थल पर पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत , पूर्व सरपंच महेश खत्री, भाजपा नेता सत्यभान सिंह, भाई भाई ग्रुप के चेयरमैन बबलू पठान, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष भाजयुमो अजय चौधरी , पूर्व सरपंच अरविंद जैन बनियानी आदि मौजूद रहे। निराश ग्रामीणों ने अब खेड़ा रसूलपुर चौराहे पर चक्का जाम करने की चेतावनी दी है।
भाई भाई ग्रुप ने बढ़ाया मदद का हाथ
भाई भाई ग्रुप, अनन्तपुरा, कोटा के चेयरमैन बबलू पठान ने जब इस घटना के बारे में सुना तो वे भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने घायल खिलाड़ी चन्द्र प्रकाश के परिवार की स्थिति को देखते हुए उसे पांच हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी।

