July 13, 2026

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बूंदी-खटकड़: सीएडी के एसई ने किसानों के मांग पत्र पर सहमति देते हुए किए हस्ताक्षर, नहरों में 8-10 दिन गेज 140 पर रहेगा मेंटेन, किसानों में खुशी की लहर

बूंदी-खटकड़: सीएडी के एसई ने किसानों के मांग पत्र पर सहमति देते हुए किए हस्ताक्षर, नहरों में 8-10 दिन गेज 140 पर रहेगा मेंटेन, किसानों में खुशी की लहर

एनसीआई@बूंदी

खटकड़ क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर 7 ग्राम पंचायतों के 50 गांवों के किसानों का चल रहा आंदोलन तीसरे दिन आज शुक्रवार को सीएडी प्रशासन की ओर से समस्या समाधान के लिए तुरत-फुरत की गई कार्रवाई के बाद खुशनुमा माहौल में समाप्त हो गया। उल्लेखनीय है कि बुधवार को किसानों के इस आंदोलन के शुरू होते ही बूंदी जिला प्रशासन से लेकर कोटा सीएडी महकमे तक में खलबली मच गई थी।

आज शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे अपने वायदे के अनुसार कोटा से सीएडी के एसई हैरत लाल मीणा, एक्सईएन शैलेन्द्र व्यास आदि अधिकारी गणेशपुरा टोल नाके के समीप राघव बावड़ी के पास चल रहे किसानों के धरने पर पहुंचे। यहां उनकी करीब एक घंटे तक वार्ता हुई। किसान नहरों में अभी तक पहुंचे पानी की स्थिति से संतुष्ट थे। मगर उन्होंने आंदोलन समाप्त करने के लिए कुछ शर्तें रखीं। ये शर्तें इस प्रकार थीं-

1. सीएडी या जिला प्रशासन से कोई सक्षम अधिकारी किसानों को आश्वस्त करें कि 12- 15 दिन तक चैन संख्या 1244 पर 140+ गेज लेवल मेंटेन रहेगा।

2. चैन संख्या 1244 पर गेज लेवल 140+ मेंटेन रखने की समीक्षा जिला प्रशासन से सक्षम अधिकारी बूंदी एसडीएम द्वारा की जाए।

3. चैन संख्या 1244 से नीचे के एरिया में किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप समानता से सम्पूर्ण वंचित एरिया में पानी पहुंचाने की समुचित व्यवस्था सीएडी द्वारा जिम्मेदारी से की जाए, ताकि सभी किसानों की समस्या का समाधान हो सके।

4. चैन संख्या 1244 पर 140+ गेज लेवल मेंटेन होने के दो दिन बाद चैन संख्या 1865 अखेड़ पर 140+ का गेज लेवल मेंटेन करवा कर सम्बन्धित एईएन सीएडी पानी की दिन रात पेट्रोलिंग की व्यवस्था करवा पानी को पूर्ण जिम्मेदारी से वंचित एरिया तक पहुंचाने की व्यवस्था करें, ताकि इस प्राकृतिक आपदा के समय सभी पीड़ित किसानों को राहत मिल सके।

इस मांग पत्र पर एसई सीएडी मीणा की ओर से 8-10 दिन तक 140+ गेज मेंटेन रखे जाने का वादा किया गया। ‌ इस पर किसानों ने सहमति दे दी। बाद में इस मांग पत्र के पीछे ही मौके पर मौजूद सभी किसानों के साथ एसई हैरत लाल मीणा ने भी अपने हस्ताक्षर किए।

पहले यह हुआ था

गणेशपुरा टोल नाके के समीप बुधवार को राघव बावड़ी के पास किसानों ने धरना शुरू कर नहरों में पानी नहीं आने पर बूंदी- नैनवां रोड जाम करने की चेतावनी दी थी। उसी समय प्रशासन किसानों को मनाने में लग गया था। ‌ इसकी शुरुआत सदर थाना अधिकारी अरविंद भारद्वाज को जिला प्रशासन ने तुरंत अपने प्रतिनिधि को रूप में मौके पर भेजकर की थी। भारद्वाज ने बूंदी एसडीएम सोहनलाल चौधरी से बातचीत कर अगले दिन गुरुवार शाम तक नहरों में पानी पहुंचाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद गुरुवार शाम एसडीएम (आईएएस) सोहनलाल चौधरी के साथ सीआईडी कोटा के एक्सईएन शैलेन्द्र व्यास भी किसानों के धरने पर पहुंचे। अधिकारियों का कहना था कि नहरों में पानी छोड़ा जा चुका है, इसलिए अब किसानों को अपना आंदोलन खत्म कर देना चाहिए। मगर किसान इससे संतुष्ट नहीं हुए। उनका कहना था कि यह मात्र पानी की झलक है, रैला सा है। वहीं अधिकारियों का कहना था कि पानी का यह गेज धीरे-धीरे बढ़कर 140 तक पहुंच जाएगा। आंदोलनकारी किसानों ने इस पर जवाब दिया कि हेड क्षेत्र में तो किसानों को 1 महीने से पानी मिल रहा है, इसलिए जब गेज 140 तक पहुंच जाए तो टेल के किसानों के लिए आगामी 15 दिन तक यही गेज मेंटेन रहे। यह आश्वासन मिलने के बाद ही वे अपना धरना स्थगित करेंगे। मगर अधिकारी यह वादा नहीं कर सके। इसके बाद इन किसानों ने अधिकारियों से कह दिया कि वह शुक्रवार को पूर्व घोषणा के अनुसार बूंदी-नैनवां मार्ग पर जाम लगाएंगे। इसके बाद इन किसानों से वार्ता के लिए शुक्रवार सुबह 10.30 से 11 बजे के बीच कोटा से सीएडी के एसई हैरत लाल मीणा का आना तय हुआ।

वार्ता में ये रहे शामिल

सीएडी के एसई हैरत लाल मीणा व एक्सईएन शैलेन्द्र व्यास के साथ एईएन भी वार्ता में मौजूद थे। ‌ इनसे बातचीत के दौरान सामने आए मांग पत्र पर 45 किसानों के हस्ताक्षर हैं। इनके अलावा सहमति के रूप में एसई हैरत लाल मीणा के भी हस्ताक्षर हैं। किसानों में प्रमुख रूप से भूमि विकास बैंक के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सत्यनारायण गौतम, जल प्रबंध वितरण समिति खटकड़ के अध्यक्ष महेन्द्र डोई, दिलबाग सिंह-राताबरड़ा, चेतराम मीणा जल प्रबंध समिति खटियाड़ी, रामस्वरूप मीणा पूर्व प्रधान पंचायत समिति बूंदी आदि शामिल रहे।

हेड एरिया में नहरों से रुकावटों को साफ किया

टेल एरिया में खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचना सुनिश्चित करने के लिए सीएडी की ओर से गुरुवार को नहरों में प्रभावशाली किसानों की ओर से लगाई गई रुकावटों को हटाने का अभियान भी शुरू किया गया।

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