सरपंच भाई की हत्या मामले में गवाह पत्रकार की घर पर गोली मारकर हत्या
एनसीआई@अररिया (बिहार)
अररिया के रानीगंज इलाके में आज शुक्रवार तड़के करीब चार बजे चार बदमाशों ने दैनिक जागरण के पत्रकार विमल यादव के घर आकर मेन गेट खुलवाया। जैसे ही विमल गेट पर पहुंचे, वैसे ही उनके सीने पर गोली दाग दी। इससे उनकी मौत हो गई। इस वारदात से इलाके में हड़कम्प मच गया। मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। विमल के 15 वर्षीय पुत्र और 13 साल की पुत्री है। माता-पिता का भी वही सहारा थे।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। वहां परिजनों व पत्रकारों के अलावा आम लोग भी भारी संख्या में जमा हो गए। पत्रकार विमल के परिजनों का आरोप है कि सुपौल जेल में बंद रूपेश ने ही इस हत्या की साजिश रची थी। उसने जेल से ही हत्या की सुपारी दी थी।
परिजनों का कहना है कि 4 साल पहले यानी अप्रैल 2019 में विमल यादव के छोटे भाई गब्बू यादव की हत्या कर दी गई थी। उस वक्त गब्बू यादव बेलसरा पंचायत के सरपंच थे। विमल अपने भाई के हत्याकांड के मुख्य गवाह थे। केस का स्पीडी ट्रायल चल रहा था। विमल की मुख्य गवाही होनी थी। इस बीच उन्हें गवाही नहीं देने के लिए धमकाया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि जिसने गब्बू यादव की हत्या करवाई, उसने ही विमल की हत्या की सुपारी दी है। इनकी गवाही से आरोपी को उम्रकैद की सजा हो जाने की आशंका थी, इसलिए उसने इस वारदात को अंजाम दिलवाया।
विमल को सताता रहता था हत्या का डर
परिजनों का आरोप है कि विमल यादव ने खुद की सुरक्षा के मद्देनजर बंदूक के लाइसेंस के लिए भी कई बार आवेदन दिया, मगर उन्हें लाइसेंस नहीं मिला। इस पर परिजनों ने प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया है। एक सप्ताह पहले भी विमल ने अपने दोस्तों से कहा था उनकी जान को खतरा है। उनका कहना था कि कुछ अपराधी लगातार उनका पीछा करते हैं। डर लगता है कहीं अपराधी उन्हें भी न मार दें। छोटे भाई की हत्या के बाद विमल ही अपने माता-पिता का सहारा थे। वारदात के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मामले में अररिया एसपी का कहना है कि वारदात को दो अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया है। दोनों को चिह्नित कर लिया गया है। इनकी तलाश में छापेमारी चल रही है। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
