जल समाधि लेने पर किसान गिरफ्तार, बोले- ‘हम अपराधी नहीं कांतिक्रारी है’, ‘जय जवान-जय किसान’ के लगाए नारे
एनसीआई@पाली
पाली के नेहड़ा बांध को बचाने के लिए जल समाधि लेने वाले गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता दीपक बामणिया और किसानों को सोमवार को शांतिभंग में गिरफ्तार किया गया। इन किसानों का बांगड़ हॉस्पिटल में मेडिकल टेस्ट भी करवाया गया। इस दौरान इन्होंने ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे लगाए।
इस दौरान ये आंदोलनकारी किसान बोले- ‘हमें ऐसे मत देखा हम क्रांतिकारी है, अपराधी नहीं।’ इस दौरान किसानों ने पानी में कई घंटों तक खड़े रहने से उनके हाथ-पैर में हुए इंफेक्शन को भी दिखाया। शांति भंग में गिरफ्तार दीपक बामणिया सहित सभी 9 किसानों को शाम को रोहट एसडीएम के समक्ष पेश किया गया। यहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।

फेक्ट्रियों का रंगीन पानी बांध में जाने का आरोप
दरअसल, सामाजिक कार्यकर्ता दीपक बामणिया ने आरोप लगाया था कि फेक्ट्रियों का रंगीन पानी बांध में जाता है, इससे पानी गंदा हो जाता है। लम्बे समय से किसान भी इसके विरोध में थे। बामणिया 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के गेटअप में अमृतिया धाम कुलथाना से नेहड़ा बांध के लिए पैदल यात्रा पर निकले थे। 3 अक्टूबर से वे बांध पर भूख हड़ताल पर बैठ गए थे।
दस किसानों के साथ उतर गए थे बांध के पानी में
अनशन के छठे दिन रविवार सुबह दीपक बामणिया 10 किसानों को लेकर बांध के पानी में उतर गए। इस दौरान पुलिस जाब्ता तैनात रहा। किसानों को रात करीब 12 बजे बाहर निकाला गया और आग के सामने बैठाया गया। इसके बाद सोमवार सुबह करीब 4 बजे उन्हें हिरासत में लेकर सदर थाने ले जाया गया। इसके बाद उन्हें शांतिभंग में गिरफ्तार किया गया।

इन किसानों को किया शांतिभंग में गिरफ्तार
पुलिस ने रोहट थाना क्षेत्र के दिवांदी (जैतपुर) निवासी दीपक बामणिया (32) पुत्र भगवानराम मेघवाल, नेहड़ा (जैतपुर) निवासी मंशीलाल (37) पुत्र पेमाराम विश्नोई, नेहड़ा (जैतपुर) निवासी वागाराम (44) पुत्र जावताराम विश्नोई, नेहड़ा (जैतपुर) निवासी सवाराम (35) पुत्र चेनाराम मेघवाल, नेहड़ा (जैतपुर) निवासी पांचाराम (50) पुत्र मनूराम विश्नोई, दिवांदी (जैतपुर) निवासी पारस मीणा (25) पुत्र गींगाराम मीणा, मांडावास निवासी गणपतराम (42) पुत्र खीमाराम पटेल, दिंवादी निवासी निंबाराम (32) पुत्र सकाराम मीणा व नेहड़ा निवासी ओमप्रकाश (50) पुत्र सगामराम विश्नोई को शांतिभंग में गिरफ्तार किया गया।

बांगड़ हॉस्पिटल में करवाया मेडिकल टेस्ट
जेतपुर एसएचओ जबरसिंह मयजाप्ता करीब 11 बजे गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता दीपक बामणिया और उनके समर्थक बंशीलाल, श्रवण कुमार, गणपत चौधरी, भलाराम, आसाराम, वागाराम, दुर्गाराम को मेडिकल टेस्ट के लिए बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंची। यहां बामणिया ने कहा- वे सुबह सो रहे थे। इस दौरान पुलिस जबरदस्ती थाने लेकर आ गई। किसानों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बांध को गंदा करने वालों पर कार्रवाई नहीं की, बल्कि उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के दबाव में पुलिस ने शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे किसानों को उठाया। 2 डीएसपी, 4 एसएचओ के साथ 200 जवान बंदूकें दिखाते हैं, जैसे हम कोई आतंकवादी हैं।
बुजुर्ग किसान अकेले पहुंचे गिरफ्तारी देने
सोमवार सुबह करीब 9 बजे पाली शहर के मंडिया रोड क्षेत्र में रहने वाले बुजुर्ग किसान फगलुराम विश्नोई सदर थाने पहुंचे। उन्होंने कहा कि पुलिस-प्रशासन को नेहड़ा बांध को दूषित करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन जो कार्रवाई की मांग कर रहे थे, उन 9 भूमिपुत्रों को गिरफ्तार कर लेकर आ गई। इसकी जानकारी उन्हें मिली तो वे अपनी गिरफ्तारी देने आए हैं। इस पर पुलिसकर्मियों ने समझाइश कर उन्हें शांत किया।
सीओ बोले- समझाइश पर नहीं माने तो हिरासत में लिया
मामले में पुलिस ने कहा कि किसान समझाइश के बाद भी नहीं माने तो हिरासत में लेकर थाने लेकर आए। इसके बाद शांतिभंग में गिरफ्तार किया गया। करवाई के दौरान रोहट एसडीएम भंवरलाल जनागल, रोहट एसएचओ लक्ष्मण सिंह, जैतपुर एसएचओ जबरसिंह सहित भारी पुलिस जाप्ता तैनात रहा। सीओ ग्रामीण राजूराम ने बताया कि समझाइश के बाद भी नहीं माने तो प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर किसानों को हिरासत में लिया, ताकि पानी में खड़े रहने से किसानों को नुकसान न पहुंचे।
नेहड़ा बांध पर किसानों का धरना जारी

इधर, सोमवार सुबह से नेहड़ा बांध पर किसान तम्बू लगाकर बैठ गए हैं। उन्होंने पुलिस द्वारा 9 किसानों को शांतिभंग में गिरफ्तार करने का विरोध जताया। यहां धरने पर पुरुषों के साथ महिलाएं भी शामिल रहीं। सुरक्षा के लिए पुलिस जाप्ता तैनात रहा। एसडीएम रोहट के निर्देश पर नेहड़ा बांध के पानी के सेम्पल भी लिए गए।
