शिक्षक की हत्या करने वाला उसका खास दोस्त ही निकला, वारदात के पीछे जादू-टोने का विवाद, पुलिस से घिर जाने पर आरोपी ने भी तलवार से काट लिया अपना गला
एनसीआई@उदयपुर
सलूम्बर के अदवास गांव की मेघवाल बस्ती में
गुरुवार शाम शिक्षक की तलवार से गर्दन काट कर हत्या करने वाला उसका दोस्त ही निकला। इसके बाद आरोपी ने भी दूसरे दिन आज शुक्रवार को तलवार से खुद की गर्दन काट ली। इससे उसकी भी मौत हो गई।
दरअसल, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी जंगल में जाकर छुप गया था। यह जानकारी मिलते ही पुलिस उसकी तलाश में वहां पहुंच गई। वहां जो नजारा सामने आया वह तो और भी सनसनीखेज था। हुआ यह कि हत्यारे ने खुद को पुलिस से घिरा पाकर खुद का गला काटने लगा। इस दौरान पुलिसकर्मी उसे रोकने के लिए चिल्लाते रहे, मगर वह रुका नहीं। इसके बाद पुलिस उसे गम्भीर हालत में अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शिक्षक की हत्या की वजह जादू-टोने को मानी गई है।

एसपी ने दी यह जानकारी
सलूम्बर एसपी अरशद अली ने बताया कि गुरुवार रात को शिक्षक शंकरलाल मेघवाल (40) की उसके दोस्त फतह सिंह (30) ने ही गला काटकर हत्या कर दी थी। इस दौरान बेटे को बचाने आए पिता डालचंद मेघवाल (60) पर भी आरोपी ने ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस हमले में शिक्षक के पिता का हाथ कट गया। उन्हें गम्भीर हालत में एमबी हॉस्पिटल, उदयपुर रेफर किया गया।

पुलिस शुक्रवार दोपहर आरोपी को तलाशते हुए जंगल में पहुंची तो उसने तलवार से खुद का गला काटना शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने उसे आवाज देकर समझाते हुए रोकने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने उससे बोला कि रुक जाओ, तुम्हें सजा नहीं होगी, इधर आ जाओ। गला मत काट अपना। बेटा तलवार फेंक दे, तुझे कुछ नहीं होगा। इधर आ जाओ। नहीं मारेंगे तुझे। नीचे आ जा, तेरी मदद करेंगे। तेरा जीवन क्यों खत्म कर रहा है, तेरी मदद करेंगे, तू विश्वास रख। तेरे बहुत खून आ रहा है, तेरे को ठीक करवा देंगे, जल्दी आ जा। लेकिन आरोपी नहीं माना और अपनी जान दे दी।
‘फूल’ ने मुझे बर्बाद कर दिया
पुलिस के सामने तलवार से गला काटते समय युवक बार-बार कह रहा था, फूल ने मुझे बर्बाद कर दिया। फतह सिंह पुलिस के नजदीक आया तब भी यहीं कह रहा था कि मेरे बयान ले लो। लॉक डाउन में मुझे फूल दिया और उसके बाद से नुकसान ही हुआ, फायदा नहीं। बताया जा रहा है कि अच्छे दोस्त रहे शिक्षक शंकरलाल और फतह सिंह में एक साल से बातचीत तक नहीं हो रही थी।
पहले सिगरेट मांगी, फिर अचानक कर दिया हमला
शिक्षक शंकरलाल के छोटे भाई प्रकाश मेघवाल ने बताया कि घर में बनी दुकान पर गुरुवार शाम एक व्यक्ति आया था। उसने सिगरेट मांगी थी। भाई शंकरलाल मेघवाल दुकान के पास ही खड़े थे। आरोपी ने अचानक तलवार निकाली और भाई की गर्दन पर वार करने शुरू कर दिए। एक पल में ही भाई खून से लहूलुहान हो गया। दुकान में बैठे पिता जब भाई को बचाने पहुंचे तो आरोपी ने उन पर भी तलवार से कई वार किए। मैं जब तक दौड़कर पहुंचा, तब तक आरोपी फरार हो चुका था।
पूरा घर खून से सन गया था
प्रकाश ने बताया कि कुछ ही समय में पिता-पुत्र के खून से घर का पूरा आंगन सन गया। खून ज्यादा बहने से पिता की हालत गम्भीर बनी हुई है। शंकरलाल मेथोड़ी स्थित पायरी प्राथमिक स्कूल में शिक्षक था। उसके 3 बच्चे हैं। इनमें 2 साल का बेटा, 5 और 9 साल की बेटियां हैं।

ग्रामीणों ने दी थी आंदोलन की चेतावनी
इस वारदात से आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दे दी थी। लोगों ने जल्द ही उसकी गिरफ्तार की मांग की थी। देर रात सलूम्बर एसपी और जावर माइंस थानाधिकारी पवन सिंह मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी मिलने के बाद समाज के लोग उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल पहुंच गए थे, जहां शंकरलाल के पिता भर्ती थे।
हत्यारे के पिता बोले- बेटे ने सही नहीं किया
शिक्षक के हत्यारे फतहसिंह के पिता देवीसिंह ने कहा कि उसके बेटे ने यह अच्छा काम नहीं किया। उसने शंकर को मारकर अच्छा नहीं किया। उसे उसकी सजा मिलनी चाहिए। दोनों में गहरी दोस्ती थी। वे अधिकांश समय साथ ही रहते थे। गांव में जिसे भी इस घटना की जानकारी मिली, किसी को इस पर विश्वास नहीं हुआ।

आरोपी के पिता ने माना ‘फूल’ दिया था
इधर, आरोपी फतेहसिंह के पिता देवीलाल ने बताया कि शिक्षक शंकरलाल ने उसके बेटे फतेहसिंह को कोरोना के समय एक फूल दिया था। वह अहमदाबाद में काम करता था। उसके मन में पिछले दो साल से यह बात बैठी हुई थी कि जबसे उसे ये फूल दिया गया,तब से वह तरक्की नहीं कर पा रहा है। इसके दो भाई है, जो गांव में ही अलग से रहते हैं और खेती करते हैं। बताया गया है कि बहुत पहले फतेहसिंह की बड़ी बहन उसे अहमदाबाद ले गई थी। वहां उसे साइकिल का काम करने पर लगाया, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हुआ तो वापस गांव लौट आया था।
