बूंदी: रोडवेज बस की टक्कर से मेडिकल स्टूडेंट की मौत मामले में जारी धरना-प्रदर्शन समाप्त, आक्रोशित स्टूडेंट्स की जिला कलेक्टर से हुई वार्ता, कई मांगों पर बनी सहमति, जानें पूरा मामला
एनसीआई@बूंदी
सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के बाईपास पर रविवार सुबह रोडवेज बस की टक्कर से मेडिकल स्टूडेंट की हुई मौत के मामले में उसके साथियों का जारी धरना-प्रदर्शन शाम चार बजे करीब समाप्त हो गया। जिला अस्पताल के बाहर ये आक्रोशित मेडिकल स्टूडेंट्स जमा थे। जिला कलेक्टर से हुई वार्ता के बाद इनकी कई मांगों पर सहमति बन गई।

सुबह नौ बजे करीब हुए हादसे के बाद मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट्स जिला अस्पताल के सामने रास्ता जाम कर सड़क पर बैठ कर प्रदर्शन कर रहे थे। इन्होंने मृतक छात्र के परिजनों को 5 करोड़ मुआवजा देने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने सहित कई मांगें रखी थीं। ये जिला कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े हुए थे। मगर उनके वहां नहीं आने पर मेडिकल स्टूडेंट्स ने सड़क पर जाम लगा दिया था। इससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से हुई स्टूडेंट की मौत, कई अन्य गम्भीर आरोप लगाए
आक्रोशित स्टूडेंट्स मेडिकल कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इनका आरोप था कि कॉलेज प्रशासन की लापरवाही के कारण ही यह हादसा हुआ है। अगर मेडिकल वैन और कॉलेज के बाहर बस स्टॉप की सुविधा मिल जाती तो ऐसा नहीं होता। इनका यह आरोप भी था कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन विद्यार्थियों को परेशान भी करता है। खासतौर पर वार्डन और एक अन्य फेकल्टी पर अनावश्यक परेशान करने का आरोप लगाया। इन्हें निलम्बित किए जाने की मांग की। कॉलेज प्रिंसिपल के द्वारा शिकायतों पर सुनवाई नहीं करने की बात भी कही। सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं मिल रहा है। फेकल्टी गर्वित यादव के खिलाफ भी इन्होंने जमकर नारेबाजी की।

जिला अस्पताल के डॉक्टर्स का भी मिला साथ
दोपहर तक प्रशासन और छात्रों के बीच बातचीत का दौर चलता रहा। स्टूडेंट्स मौके पर ही उनकी समस्याओं का समाधान किए जाने की मांग पर अड़े हुए थे। सड़क जाम होने से ट्रेफिक प्रभावित हो रहा था। उस पर एसडीएम एचडी सिंह ने मौके पर आकर मेडिकल स्टूडेंट्स से बात की। धरना-प्रदर्शन खत्म करने के लिए समझाने की कोशिश की।पुलिस अधिकारियों ने भी ऐसा प्रयास किया, लेकिन स्टूडेंट्स अपनी मांगों पर अड़े रहे। इधर, प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स को बूंदी जिला अस्पताल के डॉक्टरों का भी साथ मिल गया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े डॉक्टर इनके बीच पहुंचे और उनसे बात की। यहां स्टूडेंट्स ने अपनी मांगें दोहराईं।
पैसा लेकर भी नहीं की बस की व्यवस्था
मेडिकल स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन कॉलेज से बूंदी आने और वापस जाने के लिए बस के पैसे लेता है, लेकिन आज तक बस की व्यवस्था नहीं की गई है। कॉलेज प्रशासन से इस बारे में कई बार शिकायत की, मगर समाधान नहीं हुआ। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की इसी लापरवाही के कारण आज एक स्टूडेंट की जान चली गई।

कलेक्टर पहुंचे, वार्ता हुई और बात बन गई
इसके बाद अपराह्न साढ़े तीन बजे करीब जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा मौके पर पहुंचे। स्टूडेंट्स की उनसे हुई बातचीत में कई मांगों पर सहमति बन गई। इनमें करीब 6 महीने में कॉलेज तक जानी वाली सर्विस रोड पर बस स्टेड बन जाने व मृतक छात्र के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की बात शामिल थी। यह अदालत तय करेगी कि आर्थिक सहायता रोडवेज प्रबंधन, मेडिकल कॉलेज या प्रशासन के द्वारा दी जाए।
मेडिकल कॉलेज को एम्बुलेंस उपलब्ध कराने और वहां पुलिस चौकी खोलने पर विचार करना भी तय हुआ। साथ ही मेडिकल कॉलेज की फेकल्टी डॉ. प्रशांत हिसालकर और डॉ. अरविंद यादव पर स्टूडेंट्स को बेवजह परेशान करने के आरोपों की जांच के लिए स्टेट लेवल कमेटी के आने की बात कही गई। यह कमेटी यहां आकर स्टूडेंट्स के बयान दर्ज करेगी। इनके आधार पर बाद में कार्यवाही की जाएगी। इसके शाम करीब 4 बजे आक्रोशित मेडिकल स्टूडेंट्स ने अपना धरना-प्रदर्शन खत्म कर दिया।
यह है मामला
जानकारी के अनुसार तालाब गांव स्थित मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट लोमश जांगिड़ (21) पुत्र निरंजन जांगिड़, निवासी केलवाड़ा, जिला बारां कॉलेज के बाहर बस स्टॉप नहीं होने से मेडिकल कॉलेज के ही दूसरे स्टूडेंट अलवीश गौरी, निवासी बूंदी के साथ बाइक पर बूंदी बस स्टेंड जा रहा था। उसे जयपुर जाना था।

नवलसागर तालाब (छोटा तालाब) के पास पीछे से आई रोडवेज बस ने उनकी बाइक को ज़ोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में लोमश और अलवीश दोनों गम्भीर घायल हो गए। कुछ देर बाद कॉलेज के ही छात्र दीपक और विक्रम वहां से गुजरे तो उनके साथी सड़क पर बुरी तरह लहुलूहान हालत में पडे़ मिले।
इस पर दीपक और विक्रम ने दोनों घायलों को बाइक पर बैठाकर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद लोमश को मृत घोषित कर दिया। वहीं, अलवीश को भर्ती कर लिया। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस जिला अस्पताल पहुंची और शव को मॉर्च्युरी में रखवाया।

