सोनोग्राफी के बहाने डॉक्टर ने नाबालिग लड़की से की अश्लील हरकत, चिल्लाने पर दूर हटा, लड़की सदमे में, पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज
राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक निजी डॉक्टर पर नाबालिग लड़की से जांच के बहाने गलत तरीके से छूने का आरोप है। पुलिस और चिकित्सा विभाग ने अपनी-अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
एनसीआई@बाड़मेर
जिले के शिव उपखंड मुख्यालय पर स्थित एक निजी अस्पताल के संचालक डॉक्टर के खिलाफ एक नाबालिग लड़की ने सोनोग्राफी करने के नाम पर उसे अश्लील तरीके से छूने का मामला दर्ज कराया है। यह नाबालिग पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल आई थी। बताया गया है कि इस घटना से पीड़िता सदमे में है। परिजन ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस सम्बंध में शिव थाना पुलिस को दी गई रिपोर्ट में पीड़िता के पिता ने बताया कि शनिवार शाम उनकी नाबालिग बेटी को पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई। इस पर वह शिव कस्बे के एक निजी अस्पताल में गई। अस्पताल में डॉ. विष्णु चौधरी ने वहां उसे सोनोग्राफी करने के नाम पर कमरे में अकेले बुलाया और अश्लील हरकतें कीं। रिपोर्ट के अनुसार, विष्णु चौधरी ने नाबालिग को गलत तरीके से छूने (बेड टच) के साथ अश्लील व्यवहार किया। पीड़िता के विरोध करने और चिल्लाने पर वह दूर हट गया। मगर पीड़िता ने डर और सदमे के कारण अगले दिन रविवार को जाकर परिजनों को यह बात बताई। इसके बाद परिवार ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
परिजनों ने डॉक्टर पर यह आरोप भी लगाया है कि उसके नाबालिग बेटी इस घटना के बारे में किसी को भी नहीं बताने के लिए धमकाया था। इस घटना से लोगों में आक्रोश है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आज पीड़िता के लिए बयान
थानाधिकारी सत्यप्रकाश ने बताया कि, नाबालिग के पिता की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर रविवार को पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आज सोमवार को पीड़िता के बयान ले लिए गए हैं।
हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन नहीं
वहीं, सीएमएचओ डॉ. विष्णुराम विश्नोई ने बताया कि, हॉस्पिटल का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। विष्णु चौधरी के नाम से बस सोनोग्राफी का लाइसेंस लिया हुआ है। ब्लॉक हेल्थ ऑफिसर को हॉस्पिटल सीज करने को कहा है। पुलिस भी मामले में कार्रवाई कर रही है।
