कोटा में 27-28 दिसम्बर को भव्य कायस्थ महाकुम्भ, लोकसभा अध्यक्ष बिरला होंगे मुख्य अतिथि, परिचय सम्मेलन के लिए देश-विदेश से 1100 से अधिक युवक-युवतियों का रजिस्ट्रेशन
कायस्थ महाकुम्भ के पहले दिन दीपू श्रीवास्तव का लाफ्टर शो, दूसरे दिन लोकसभा अध्यक्ष करेंगे 51 गणमान्य लोगों का सम्मान
एनसीआई@कोटा
सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत और युवा पीढ़ी को जोड़ने के उद्देश्य से अखिल भारतीय कायस्थ महासभा कोटा, कायस्थ समाज कोटा एवं कायस्थ आर्ट एंड कल्चर कोटा के संयुक्त तत्वावधान में 27-28 दिसम्बर 2025 को एलबीएस केम्पस, महावीर नगर विस्तार योजना, में भव्य ‘कायस्थ महाकुम्भ’ एवं निःशुल्क युवक-युवती परिचय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय मीडिया संयोजक कुलदीप माथुर ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस ऐतिहासिक आयोजन में देश के कोने-कोने से ही नहीं, बल्कि अमेरिका और दुबई से भी युवक-युवतियों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है। अभी तक 1100 से अधिक प्रतिभागियों का पंजीकरण हो चुका है। इनमें आईएएस, डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, एमबीए सहित विभिन्न सरकारी-निजी क्षेत्रों में कार्यरत युवा शामिल हैं।
पहला दिन: लाफ्टर शो एवं रंगोत्सव का आकर्षण
कार्यक्रम के प्रथम दिन शनिवार, 27 दिसम्बर को शाम 6 बजे से ‘लाफ्टर शो एवं रंगोत्सव’ का आयोजन होगा। इसमें देश के प्रसिद्ध स्टेंडअप कॉमेडियन एवं एंकर दीपू श्रीवास्तव अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को ठहाके लगाने को मजबूर कर देंगे। रंगोत्सव में नाटय प्रस्तुति, संगीत, कला एवं सामाजिक संवाद का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
दूसरा दिन: लोकसभा अध्यक्ष की गरिमामयी मौजूदगी
आयोजन के दूसरे व अंतिम दिन 28 दिसम्बर, रविवार को सुबह 11 बजे मां सरस्वती एवं भगवान चित्रगुप्त जी की पूजा-अर्चना से कार्यक्रम का शुभारम्भ होगा। इस अवसर पर भगवान चित्रगुप्त जी का भव्य कट आउट बनाकर स्थापित किया जाएगा। यहां समाज के सभी बंधु पूजा-अर्चना कर सकेंगे। इस दिन निःशुल्क युवक-युवती परिचय सम्मेलन, भामाशाह सम्मान समारोह और वरिष्ठजन सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। 51 गणमान्य व्यक्तियों को शॉल, साफा और मोतियों की माला पहनाकर सम्मानित किया जाएगा।
इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि होंगे। विशिष्ट अतिथियों में राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, विधायक कोटा दक्षिण संदीप शर्मा, रेडक्रॉस सोसाइटी अध्यक्ष व समाजसेवी राजेश बिरला अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।
देश-विदेश से आए आवेदन, डॉक्टर से लेकर सीए तक
कार्यक्रम के संयोजक नीरज कुलश्रेष्ठ ने बताया कि परिचय सम्मेलन के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों प्रकार से आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। संस्था को अभी तक देश-विदेश से 1100 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें गुजरात, पंजाब, दिल्ली, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, पांडिचेरी, झारखंड व राजस्थान के सभी जिलों से आवेदन आए हैं। साथ ही अमेरिका और दुबई से भी कायस्थ समाज के युवक-युवतियों ने अपना बायोडाटा भेजा है। प्राप्त आवेदनों में डॉक्टर, इंजीनियर, एमबीए, आईएएस, एमबीबीएस, पीएचडी, सीए, वकील हाईकोर्ट, एयर इंडिया, बैंक अधिकारी, आर्मी केप्टन, बीसीए, एमएससी जैसी उच्च योग्यताधारी युवक-युवतियां शामिल हैं।
‘कायस्थ बंधन’ स्मारिका का प्रकाशन
कुलदीप माथुर ने बताया कि महासभा की ओर से यह पांचवां युवक-युवती परिचय सम्मेलन है। इस कार्यक्रम की विशेष स्मारिका ‘कायस्थ बंधन’ का प्रकाशन किया गया है। इसमें 1100 से अधिक युवक-युवतियों के बायोडाटा प्रकाशित किए गए हैं। यह स्मारिका ‘कायस्थ बंधन’ मोबाइल एप पर भी ऑनलाइन उपलब्ध है।
कुंडली मिलान व विधुर-विधवा परिचय की विशेष व्यवस्था
कार्यक्रम के दौरान निःशुल्क कुंडली मिलान की व्यवस्था भी महासभा की ओर से की जाएगी। वर-वधू पसंद आने पर इच्छुक प्रतिभागी नि:शुल्क ज्योतिषीय सलाह प्राप्त कर कुंडली मिलान कर सकते हैं। विशेष रूप से विधुर-विधवा भी मंच से अपना परिचय देंगे। कोरोना काल में बिछुड़े दम्पतियों का पुनर्विवाह करवाने का प्रयास किया जाएगा। विधुर व विधवा जीवन साथी की तलाश के लिए भी मंच उपलब्ध रहेगा। कार्यक्रम स्थल पर तीन स्थानों पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से युवक-युवतियों के परिजन परिचय सम्मेलन को देख व सुन सकते हैं।
वर्षभर सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ा कायस्थ समाज
कुलदीप माथुर ने बताया कि अखिल भारतीय कायस्थ महासभा कोटा वर्षभर राष्ट्रीय एवं सामाजिक महत्व के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करती है। इनमें 2 अक्टूबर को लाल बहादुर शास्त्री जयंती, 3 दिसम्बर को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जयंती, 12 जनवरी राष्ट्रीय युवा दिवस, 23 जनवरी नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती, मार्च में होली मिलन एवं चित्रगुप्त पूजन, जुलाई में प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान, सितम्बर में शिक्षक सम्मान, नवम्बर में चित्रगुप्त पूजन तथा दिसम्बर में अंतरराष्ट्रीय चित्रगुप्त दिवस एवं वरिष्ठजन सम्मान प्रमुख हैं। इसके साथ ही वर्षभर संगीत संध्या, पिकनिक और बौद्धिक संगोष्ठियों का आयोजन भी किया जाता है।
महासभा द्वारा वर्ष 2026 में 12 जनवरी राष्ट्रीय युवा दिवस (स्वामी विवेकानंद जी की जंयती) का आयोजन, 23 जनवरी पराक्रम दिवस मनाया एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर बौद्धिक संगोष्ठी, मार्च माह मे चित्रगुप्त पूजन होली मिलन, जुलाई में प्रतिभावान छात्र सम्मान, सितम्बर माह में महान गायक मुकेश नाइट का आयोजन व शिक्षक सम्मान, नवम्बर में चित्रगुप्त पूजा और दिसम्बर में वर्षांत समीक्षा एवं वरिष्ठजन सम्मान आयोजित किए जाएंगे।
कायस्थ समाज की गौरवशाली परम्परा
विद्या, प्रशासन, साहित्य, संस्कृति और राष्ट्र सेवा में ऐतिहासिक योगदान के लिए पहचाना जाने वाला कायस्थ समाज भारतीय सामाजिक संरचना का वह सशक्त स्तम्भ रहा है। इसने देश को विचारक, राष्ट्रनायक, प्रशासक, साहित्यकार और सांस्कृतिक हस्तियां प्रदान की हैं। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय मीडिया संयोजक कुलदीप माथुर ने कहा कि कायस्थ समाज की परम्परा केवल गौरवशाली अतीत तक सीमित नहीं, बल्कि आज भी राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि समाज ने स्वामी विवेकानंद जैसे युगद्रष्टा संत दिए, जिन्होंने युवा चेतना और आध्यात्मिक जागरण का मार्ग प्रशस्त किया। वहीं नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सशस्त्र स्वतंत्रता आंदोलन को निर्णायक दिशा दी। लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी, ईमानदारी और “जय जवान–जय किसान” के मंत्र से देश को नेतृत्व दिया, जबकि डॉ. राजेंद्र प्रसाद, भारत के प्रथम राष्ट्रपति, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रतीक बने। साहित्य जगत में मुंशी प्रेमचंद ने सामाजिक चेतना को शब्दों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया। राजनीति और प्रशासन के क्षेत्र में भी कायस्थ समाज का योगदान उल्लेखनीय रहा है। स्व. शिवचरण माथुर जैसे राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री से लेकर ओम प्रकाश माथुर जैसे वरिष्ठ नेता एवं सिक्किम के राज्यपाल, बिप्लब कुमार देव जैसे त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री, नितिन नवीन जैसे राष्ट्रीय स्तर के नेता तथा बाल ठाकरे, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे जैसे महाराष्ट्र की राजनीति के प्रभावशाली चेहरे समाज की नेतृत्व क्षमता को रेखांकित करते हैं।
सिनेमा और मनोरंजन जगत में भी कायस्थ समाज की सशक्त उपस्थिति रही है। अमिताभ बच्चन, शत्रुघ्न सिन्हा, शेखर सुमन, रोनित रॉय जैसे कलाकारों ने भारतीय सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाई। हास्य जगत में दिवंगत राजू श्रीवास्तव स्व-निर्मित सफलता की मिसाल रहे, जबकि दीपू श्रीवास्तव आज भी मंचीय हास्य के माध्यम से समाज और संस्कृति को जोड़ रहे हैं।
व्यवस्था के लिए विभिन्न समितियां गठित
कार्यक्रम की सुचारू व्यवस्था के लिए विभिन्न समितियों का गठन कर उनके अध्यक्ष एवं संयोजक नियुक्त किए गए हैं। पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) समिति- वंदना सक्सेना, शिखा कुलश्रेष्ठ, प्रतिमा सक्सेना, सरिता सक्सेना, स्वागत एवं अतिथि सत्कार समिति- नैना सक्सैना, उर्मिला सक्सेना, मोनिका श्रीवास्तव, युवक-युवती परिचय सम्मेलन समिति- अनीता माथुर, शुभम सक्सेना, शीला माथुर, भोजन एवं जलपान व्यवस्था समिति- विजय श्रीवास्तव, भूपेन्द्र सक्सेना, प्रदीप कुलश्रेष्ठ, वरिष्ठ जन सम्मान समिति प्रदीप कांत भटनागर, सुधीर सक्सेना, भामाशाह सम्मान समिति-किशोर माथुर, स्वतंत्र सक्सेना, मुक्ता कुलश्रेष्ठ, सजावट एवं स्थल प्रबंधन समिति-सीपी सक्सेना, नितिन नरेश भटनागर, वित्त एवं लेखा समिति- राहुल कुलश्रेष्ठ, अतुल कुलश्रेष्ठ, सुरक्षा व्यवस्था- डाॅ. विनित मोबिया, रविंद्र श्रीवास्तव व समाज के सभी वरिष्ठ व्यक्तियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप माथुर, राममोहन मित्रा (बबला) दशहरा मेला समिति पूर्व अध्यक्ष व पूर्व पार्षद, चेतना माथुर पूर्व पार्षद, नीरज कुलश्रेष्ठ संयोजक कार्यक्रम, विनोद सक्सेना जिला अध्यक्ष शहर, अनीता माथुर महिला जिला अध्यक्ष, कमल कुलश्रेष्ठ जिला महामंत्री, नितिन भटनागर, ऋषभ माथुर, राहुल कुलश्रेष्ठ, वंदना सक्सेना, नितिन नरेश भटनागर, मयूर सक्सेना आदि मौजूद रहे।
