एनसीआई@बूंदी
प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने एवं मातृ मृत्यु दर को और कम करने के लिए जिले में सभी गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य मानकों की सघन स्क्रीनिंग का 5 दिवसीय अभियान बुधवार से शुरू हुआ। इस अभियान के दौरान गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व स्वास्थ्य सम्बंधी महत्वपूर्ण जांचों का रिकॉर्ड संधारित कर उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी रखी जाएगी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. ओपी सामर ने बताया कि प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ के निर्देशानुसार जिले में बुधवार से सभी गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य मानकों की सघन स्क्रीनिंग के लिए 5 दिवसीय अभियान की शुरुआत की गई है।

सीएमएचओ ने यूपीएचसी रजत गृह में जांच की
इसके तहत जिले में प्रथम दिन बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य मानकों की सघन स्क्रीनिंग की गई। डॉ. सामर ने खुद यूपीएचसी रजत गृह पर जाकर व्यवस्थाओं की सघन जांच की। उन्होंने वहा स्टाफ की मीटिंग लेकर इस अभियान की जानकारी दी। साथ ही बिंदूवार प्रगति जानी और विशेष निर्देश दिए
डॉ. सामर ने बताया कि गर्भावस्था की शुरुआत से लेकर प्रसव एवं प्रसवोत्तर अवधि तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसलिए प्रत्येक गर्भवती महिला का गर्भधारण के प्रथम 12 सप्ताह के भीतर पंजीकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रत्येक गर्भवती महिला की कम से कम चार गुणवत्तापूर्ण एएनसी जांचें कराई जा रही हैं। जांच के दौरान रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, वजन, मूत्र परीक्षण, रक्त शर्करा तथा अन्य आवश्यक परीक्षण किए जा रहे हैं। इसके साथ ही हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समय पर पहचान कर आवश्यक उपचार प्रदान किया जा रहा है।

यह प्रक्रिया होगी इस अभियान में
अभियान में एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, पूर्व सिजेरियन, जुड़वां गर्भ, अत्यधिक रक्तस्राव तथा अन्य जटिलताओं वाले मामलों को चिह्नित कर नियमित रूप फॉलोअप सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा नियमित समीक्षा की जाएगी। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं, रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
