तूफान के कारण नर्मदा के बरगी डेम में हुआ बड़ा हादसा, पर्यटकों से भरा क्रूज डूबा, 6 शव मिले, 15 से ज्यादा लापता, 18 तैर कर बाहर निकले
मध्यप्रदेश के जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डेम में गुरुवार शाम हुआ यह हादसा
एनसीआई@जबलपुर (मध्य प्रदेश)
नर्मदा के बरगी डेम में गुरुवार शाम पर्यटकों से भरा क्रूज डूब जाने बड़ा हादसा हो गया। डेम से 6 पर्यटकों के शव बरामद किए जा चुके हैं। 18 पर्यटक तैर कर बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि 15 से ज्यादा लापता हैं। इनकी तलाश की जा रही है।
बरगी सिटी एसपी (CSP) अंजुल मिश्रा ने बताया कि मध्य प्रदेश टूरिज्म के क्रूज में 40 से 45 लोग सवार थे। अचानक आई आंधी के कारण क्रूज का बेलेंस बिगड़ जाने से यह हादसा हुआ। इसकी सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए पहुंची। मगर अंधेरा होने की वजह से इसमें परेशानी आ रही है। हालांकि बड़ी टॉर्च का इस्तेमाल करके लोगों की तलाश की जा रही है।
लाइफ जैकेट पहनने का मौका नहीं मिला: पायलट
हादसे का शिकार हुए क्रूज के पायलट महेश ने बताया कि वह पिछले 10 साल से क्रूज चला रहे हैं। पूरी तरह प्रशिक्षित व लाइसेंसधारी हैं। उनके मुताबिक क्रूज में सभी सुरक्षा इंतजाम और पर्याप्त लाइफ जैकेट मौजूद थे, लेकिन तूफान इतनी अचानक और तेजी से आया कि यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनने तक का मौका नहीं मिल सका।

घटना के कुछ मुख्य पॉइंट
• पर्यटन विभाग के अधिकारी योगेंद्र रिछारिया ने बताया कि बरगी डैम में एक क्रूज संचालित किया जा रहा है। इसका निर्माण 2006 में किया गया था। अर्थात यह करीब 20 साल पुराना है। इसकी क्षमता 60 यात्रियों की है। दूसरा क्रूज खराब है।
• तूफान के चलते एमपी टूरिज्म का क्रूज बरगी डैम में पलट गया।
• जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय हवा की रफ्तार 40 किमी प्रति घंटा थी।
• क्रूज में सवार ज्यादातर लोगों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी।
• बरगी डैम में क्रूज डूबने के बाद बचाव के लिए नाव पहुंची। कैप्टन को बचाया गया।
• एसडीआरएफ की टीम भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए पहुंची। रेस्क्यू जारी है।
• इस हादसे में क्रूज पर सवार 18 लोग तैरकर बाहर आ गए।
रेस्क्यू टीम ने डैम से दो महिलाओं के शव निकाले, बाकी लोगों की तलाश जारी है।

‘सुनामी जैसी हवा चली’, 20 साल में पहली बार ऐसा हादसा
मध्य प्रदेश पर्यटन निगम के वाटर टूरिज्म एंड एक्टिविटी एडवाइजर राजेंद्र निगम ने बताया कि बरगी का क्रूज भोपाल की ‘लेक प्रिंसेस’ की तर्ज पर संचालित होता है। यह पिछले 20 से अधिक वर्षों से सुरक्षित चल रहा था।
उन्होंने कहा, “अचानक सुनामी जैसी तेज हवा चली, जिसका कोई अंदेशा नहीं था। संचालन से पहले वेदर फोरकास्ट लिया गया था, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। जैसे ही जानकारी मिली कि क्रूज हवा में फंस गया है, तुरंत रेस्क्यू टीम रवाना कर दी गई।”
मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की सहायता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे में हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए मृतकों के परिवारजनों को राज्य शासन की ओर से 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री राकेश सिंह बोले: रेस्क्यू प्राथमिकता, जांच के निर्देश
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने हादसे को बेहद पीड़ादायक बताया। उन्होंने कहा कि फिलहाल प्रशासन की पहली प्राथमिकता लापता लोगों को खोजना और सुरक्षित बचाना है।
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, SDRF और पुलिस की टीमें मौके पर तैनात हैं और लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। घटना की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही कहा कि अंधेरा होने के कारण अभी हताहतों की संख्या पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी, रेस्क्यू पूरा होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
सीएम ने कहा- सरकार हर प्रभावित परिवारों के साथ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जबलपुर में तेज आंधी-तूफान के कारण हुए बरगी डैम क्रूज हादसे के बाद प्रशासन और रेस्क्यू टीम लगातार अभियान चला रही है। 15 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि लापता लोगों की तलाश जारी है।
सीएम ने लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव मदद दी जा रही है।
