राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद’ (राजीविका) की ‘समावेशी आजीविका योजना’ बनी सहारा, ग्राम संगठन से मिला 50 हजार रुपए ऋण
एनसीआई@बूंदी
जिले के केशवरायपाटन ब्लॉक की प्रतीक्षा गुर्जर ने अपनी मेहनत और लगन से महिला सशक्तिकरण की अनूठी मिसाल पेश की है। ‘राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद’ (राजीविका) की ‘समावेशी आजीविका योजना’ के बल पर उन्होंने अपनी जिंदगी को नई दिशा दे दी है।
‘देवनारायण स्वयं सहायता समूह’ से जुड़कर मिली प्रेरणा
राजीविका से जुड़ने के बाद प्रतीक्षा गुर्जर को अपनी क्षमता को पहचानने का सुनहरा अवसर मिला। परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए प्रतीक्षा ने ‘देवनारायण स्वयं सहायता समूह’ से जुड़कर ‘किचन गार्डन’ शुरू करने का दृढ़ निर्णय लिया। अपने कार्य को व्यवस्थित रूप देने के लिए उन्होंने ग्राम संगठन से 50 हजार रुपए का ऋण लिया। इस राशि से वह पूरे उत्साह के साथ सब्जी उत्पादन में जुट गईं।उन्होंने अपने खेत और घर के आसपास उपलब्ध स्थान का बेहतरीन उपयोग कर विभिन्न मौसमी सब्जियों का उत्पादन शुरू किया। इस सफर में राजीविका से मिले तकनीकी सहयोग, उचित प्रशिक्षण और सही मार्गदर्शन ने उन्हें खेती की आधुनिक तकनीकें अपनाने में बहुत मदद की।
प्रतीक्षा से अन्य महिलाओं को भी मिल रही प्रेरणा
इसका परिणाम यह हुआ कि प्रतीक्षा गुर्जर को अच्छी खासी आय होने लगी है। इसके बारे में तो उन्होंने पहले कभी सोचा तक नहीं था। ‘आरती क्लस्टर लेवल फेडरेशन’ से जुड़ीं प्रतीक्षा आज क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। अपनी सफलता पर वे गर्व से कहती हैं, आज मेरी मेहनत रंग लाई है। किचन गार्डन से न केवल मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि मुझे आत्मविश्वास भी मिला है। मेहनत और सही मार्गदर्शन का यह संगम सचमुच एक खुशहाल परिवार की मजबूत नींव है।
