एनसीआई@कोटा
दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के तहत फसल कटाई उपरांत मूल्य संवर्धन के लिए दलहन प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग इकाइयां लगाने पर कृषक उत्पादन संगठन क्लस्टर लेवल फेडरेशन प्राथमिक कृषक, सहकारी समितियां तथा व्यक्तिगत आवेदक कृषि विभाग कोटा में आवेदन कर सकते हैं।
संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार अतीश कुमार शर्मा ने बताया कि आवेदन के लिए एफपीओ एवं सीएफएफ का न्यूनतम 2 वर्ष पूर्व का पंजीकरण होना चाहिए। साथ ही प्रोजेक्ट लागत की 15 प्रतिशत वर्किंग केपिटल होनी चाहिए। व्यक्ति श्रेणी के आवेदक की उम्र 21 वर्ष तथा प्रोजेक्ट लागत की 15 प्रतिशत मार्जिन मनी वर्किंग केपिटल होना चाहिए। दलहन प्रसंस्करण व पैकेजिंग इकाई (300 किलोग्राम प्रति घंटे क्षमता) के लिए मशीनरी और उपकरणों की खरीद व स्थापना तथा भवन, गोदाम, भंडारण अवसंरचना के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता देय है। इसमें भूमि, बिजली, कार्यबल आदि की लागत शामिल नहीं होगी। वित्तीय सहायता परियोजना लागत की 33 प्रतिशत तक होगी और प्रति यूनिट अधिकतम सीमा 25 लाख रुपए या जो भी कम हो देय है।
यहां 30 प्रतिशत मिलेगी सब्सिडी
भवन, गोदाम, भंडारण अवसंरचना के निर्माण के लिए सब्सिडी का अधिकतम हिस्सा कुल पात्र सब्सिडी राशि का 30 प्रतिशत होगा। अर्थात परियोजना लागत का 33 प्रतिशत या अधिकतम सीमा 25 लाख रुपए प्रति यूनिट, जो भी कम हो के अनुसार सहायता देय है। सब्सिडी की गणना के लिए केवल मशीनरी एवं उपकरणों तथा भवन, गोदाम, भंडारण अवसंरचना के निर्माण की लागत को ही पात्र माना जाएगा। आवेदन के साथ जीएसटी-पंजीकृत निर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं के कोटेशन प्रस्तुत करने होंगे। दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए बैंक लोन अनिवार्य होगा।
