एनसीआई@बूंदी
विजयादशमी पर मंगलवार को इंद्रगढ़ स्थित प्रसिद्ध बिजासन माता मंदिर में दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं पर वहां लगे छत्तों से भड़क कर उठी मधु मक्खियों ने जबरदस्त हमला कर दिया। मधुमक्खियों के इस हमले में करीब 25 श्रद्धालु घायल हो गए। इससे मंदिर परिसर में भारी अफरातफरी मच गई। हालांकि, बिजासन माता मंदिर मेला समिति से जुड़े सेवकों ने तुरंत मोर्चा संभाल घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। सभी घायलों को प्राथमिक चिकित्सा के बाद छुट्टी दे दी गई। इससे पहले नीचे से ऊपर आ रहे अन्य श्रद्धालुओं को रोकने का भी प्रयास किया गया। इससे अन्य हजारों श्रद्धालु मधुमक्खियों की चपेट में आने से बच गए। अन्यथा वहां भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती थी।
बिजासन माता मंदिर मेला समिति के अध्यक्ष अक्षय योगी के अनुसार, यह घटना मंगलवार देर शाम की है। विजयादशमी के अवसर पर श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहाड़ी की सीढ़ियां चढ़ रहे थे। इसी दौरान कुछ श्रद्धालुओं ने रास्ते में पहाड़ी के पास नारियल जला दिया। नारियल जलाने से उठे धुएं के कारण पहाड़ी पर मौजूद मधुमक्खियां अचानक उत्तेजित हो गईं और उन्होंने श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से श्रद्धालुओं में घबराहट फैल गई। कई श्रद्धालुओं को मधुमक्खियों ने डंक मार दिए। इससे कमसे कम 25 लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही मेला समिति के पदाधिकारी और सेवक सक्रिय हो गए। वे घायलों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाने और अस्पताल पहुंचाने में जुट गए।
माइक से घोषणा कर रोका श्रद्धालुओं का चढ़ना
घटना की गम्भीरता को देखते हुए मेला समिति के अध्यक्ष अक्षय योगी अन्य सदस्यों के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को संभालने के लिए मंदिर परिसर में माइक से घोषणा करवाई। पहाड़ी की सीढ़ियां चढ़ रहे श्रद्धालुओं को नीचे ही रुकने की हिदायत दी गई, जबकि ऊपर पहुंच चुके लोगों को मंदिर परिसर के भीतर ही सुरक्षित रहने के लिए कहा गया। समिति की इस त्वरित कार्रवाई से पहाड़ी की ओर बढ़ रहे हजारों श्रद्धालु मधुमक्खियों के हमले से बच गए। भीड़ के बीच समय रहते लोगों को रोकने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने से स्थिति नियंत्रण में रही। सबसे राहत की बात यह रही कि घटना के दौरान भगदड़ जैसी कोई स्थिति नहीं बनी। यदि समय रहते श्रद्धालुओं की आवाजाही नहीं रोकी जाती तो घायलों की संख्या काफी बढ़ सकती थी। इसके अलावा भगदड़ मच जाने से कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था।
अस्पताल पहुंचाए गए घायल
घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस, ऑटो और अन्य उपलब्ध वाहनों की मदद ली गई। मंदिर समिति के सेवकों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने और उनका उपचार करवाने में पूरा सहयोग किया। चिकित्सकों ने घायलों का प्राथमिक उपचार करने के बाद सभी को छुट्टी दे दी।
इधर बिजासन माता मंदिर मेला समिति के एक अन्य पदाधिकारी हरीश योगी ने बताया कि घटना के समय मंदिर में दर्शन के लिए करीब 50 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हुए थे, हालांकि अन्य दिनों की तुलना में आज श्रद्धालुओं की संख्या थोड़ी कम थी। उन्होंने कहा कि माता की कृपा और समिति के सदस्यों की तत्परता से कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। घायलों में कोटा, सवाई माधोपुर, टोंक, जयपुर और बूंदी सहित अन्य स्थानों से आए श्रद्धालु शामिल थे।
