एसटीएफ लखनऊ और बनारस की टीम की संयुक्त कार्रवाई में मिली सफलता
एनसीआई@लखनऊ
बहुचर्चित शिवा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे को 11 दिन की आंख-मिचौली के बाद आज मंगलवार को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसे महाराष्ट्र के नागपुर से अरेस्ट किया है। घटना के 11 दिनों के बाद पुलिस ने 50-50 हजार रुपए के इनामी आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर को एक फ्लेट से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस का दावा है कि यह अपनी बहन और ड्राइवर के साथ लगातार बुर्का पहन ट्रेवल कर रही थी। STF ने इसकी लोकेशन को ट्रेस किया और नागपुर पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया। अब इसे ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जाएगा।बताया जा रहा है कि श्रद्धा दुबे एंटीसिपेटरी बेल लेने की कोशिश में थी।
नागपुर के फ्लेट से हुई गिरफ्तार
श्रद्धा दुबे सड़क मार्ग से आगरा से नागपुर पहुंची थी। नागपुर में एक परिचित के फ्लेट में रुकने की व्यवस्था करवाई गई थी। लोकेशन मिलने पर टीम देर रात नागपुर रवाना हो गई थी। पुलिस ने दोपहर में छापेमारी कर फ्लेट से तीनों को एक साथ गिरफ्तार किया।
पुलिस को मिला एसटीएफ का सहयोग
लखनऊ के शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य अभियुक्त श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के लिए लखनऊ पुलिस को UP STF का सहयोग मिला। मंगलवार को ही UP STF को भी श्रद्धा की धर पकड़ के निर्देश दिये गए थे, हालांकि मामले की जांच लखनऊ पुलिस ही करेगी।
11 दिन से फरार चल रही थी श्रद्धा दुबे
उल्लेखनीय है कि श्रद्धा दुबे करीब 11 दिन से फरार चल रही थी। पहले वो नेपाल चली गई थी, जिसके बाद वो लखनऊ आई। लखनऊ में उसने एक चैनल को बयान दिया और फिर से फरार हो गई। लखनऊ के हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट में 9 अक्टूबर 2026 को कैफे संचालक शिवा शर्मा की चौथी मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी। मामले में परिजनों का कहना था कि यह हत्या है और जल्द से जल्द श्रद्धा को गिरफ्तार किया जाए। आखिरकार पुलिस को 11 दिन बाद बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।
डीसीपी, एसीपी और इंस्पेक्टर पर गिरी थी गाज
लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर कमिश्नर ने पहले हजरतगंज थाने के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया। फिर डीसीपी विक्रांत वीर को भी जोन से हटा कर मुख्यालय अटेच कर दिया गया था। वहीं इसके बाद एसीपी रजनीश वर्मा पर भी कार्रवाई हुई थी।
25 से बढ़ा कर दिया था 50 हजार का इनाम
पुलिस ने पहले श्रद्धा, रश्मि और दानिश पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। जब करीब 8 दिनों तक उसे पकड़ नहीं पाई तो 18 अक्टूबर को इनाम की राशि दोगुनी करते हुए 50 हजार कर दी गई। इसके बाद जांच के लिए कई टीमों को बढ़ाया भी गया था।
