एनसीआई@कोटा
‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत नगर निगम कोटा में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर दो दिवसीय विशेष प्रदर्शनी गुरुवार से प्रारम्भ हुई। इस प्रदर्शनी में देश के विभाजन के समय की परिस्थितियों, लोगों के विस्थापन, संघर्ष और उस दौर की मानवीय पीड़ा को चित्रों एवं ऐतिहासिक तथ्यों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
प्रदर्शनी में पहुंचने वाले लोगों के लिए यह केवल इतिहास को देखने का अवसर नहीं था, बल्कि 1947 के उस दौर को महसूस करने का अनुभव भी रहा। प्रदर्शनी में प्रदर्शित चित्रों और विवरणों के माध्यम से लोगों ने जाना कि देश के विभाजन के समय लाखों लोगों को किस तरह अपना घर-बार छोड़कर अनजान जगहों की ओर पलायन करना पड़ा। अपनों से बिछड़ने, सम्पत्ति और घर छोड़ने तथा कठिन परिस्थितियों में नया जीवन शुरू करने की पीड़ा को प्रदर्शनी में संवेदनशील तरीके से सामने रखा गया।
आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि यह प्रदर्शनी शुक्रवार शाम 6 बजे तक तक निगम के प्रशासनिक भवन में जारी रहेगी। प्रदर्शनी को देखने के लिए शुक्रवार को स्कूली विद्यार्थियों को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया है।
कई ऐतिहासिक तथ्य जानकर चौंके लोग
प्रदर्शनी में विभाजन से जुड़े कई ऐसे ऐतिहासिक तथ्य भी प्रदर्शित किए गए, जिनकी जानकारी बड़ी संख्या में लोगों को पहले नहीं थी। तस्वीरों, दस्तावेजों और ऐतिहासिक विवरणों के माध्यम से उस समय के सामाजिक और मानवीय हालात को समझने का अवसर मिला। प्रदर्शनी देखने पहुंचे लोगों ने कहा कि किताबों में पढ़े इतिहास को तस्वीरों और दस्तावेजों के माध्यम से सामने देखना बिल्कुल अलग अनुभव रहा।
दर्द के साथ दिखी संघर्ष और पुनर्निर्माण की कहानी
प्रदर्शनी में विभाजन की त्रासदी के साथ ही उन लोगों के संघर्ष और जिजीविषा को भी रेखांकित किया गया, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में अपने जीवन को दोबारा खड़ा किया। विस्थापन के बाद नए स्थानों पर जीवन शुरू करने की कहानी ने लोगों को भावुक किया। कई दर्शकों ने प्रदर्शनी के दौरान ऐतिहासिक घटनाओं से भावनात्मक जुड़ाव महसूस किया।विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का उद्देश्य विभाजन के दौरान पीड़ित हुए लोगों के संघर्ष, पीड़ा और बलिदान को स्मरण करना है। केन्द्र सरकार की ओर से 14 अगस्त को यह दिवस मनाया जाता है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उस दौर की मानवीय त्रासदी से परिचित हो सकें और इतिहास से सीख लेकर सामाजिक एकता एवं भाईचारे के महत्व को समझें।
नगर निगम की इस पहल ने स्वतंत्रता दिवस के उत्सवी माहौल के बीच इतिहास के उस अध्याय को भी लोगों के सामने रखा, जिसकी स्मृतियां आज भी देश के करोड़ों परिवारों के लिए भावनात्मक महत्व रखती हैं।
विद्यालय में बच्चों को भेंट किए ध्वज
इससे पूर्व हर घर तिरंग अभियान के तहत आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने नवाचार करते हुए विज्ञान नगर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बच्चों को तिरंगे भेंट किए। इस दौरान उन्होंने बच्चों को 15 अगस्त का महत्व बताते हुए कहा कि देश की भावी पीढ़ी के रूप में यह बच्चे ही भारत के सुनहरे भविष्य के कर्णधार हैं। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, संविधान में दिए गए कर्तव्यों को निभाने तथा देश के प्रति अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का आह्वान किया। इस दौरान उपायुक्त भावना सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी ऋचा गौतम तथा अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी जितेंद्र बग्गा भी साथ रहे।
केनवास पर व्यक्त की देश के प्रति भावना
हर घर तिरंगा अभियान के तहत निगम के प्रशासनिक भवन में कैनवास भी स्थापित किया गया। इस केनवास पर आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने संदेश के साथ हस्ताक्षर करते हुए हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। उपायुक्त राजस्व धीरज कुमार सोनी, उपायुक्त महावीर सिंह सिसोदिया सहित निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों और आमजन ने भी कैनवास पर अपनी भावनाएं अभिव्यक्त की।
