एनसीआई@बूंदी
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रमों की शृंखला में सेवा पखवाड़े के तहत रविवार को नागर सागर कुंड पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। नगर परिषद सभापति भरत शर्मा ने श्रमदान कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।
यही नहीं, सभापति भरत शर्मा ने रामेष्ट युवा संस्थान के सदस्यों, नन्हें बच्चों और कर्मचारियों के साथ मिलकर दोनों कुंडों में उतरकर सफाई भी की। तीन घंटे की कड़ी मेहनत से कुंडों से प्लास्टिक, फूल-मालाएं, कांजी व कचरा निकाल कर दोनों कुंडों को स्वच्छ कर दिया गया।

इस अवसर पर पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक शरद व्यास ने सभापति को स्मृति चिह्न भेंट किया। सभापति भरत शर्मा ने कहा कि विरासत को संवारना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। आने वाले समय में आमजन को साथ लेकर सभी पर्यटन स्थलों को स्वच्छ किया जाएगा, ताकि यहां आने वाले विदेशी पर्यटक भी खुश होकर जाएं। पर्यटन स्थलों के लिए अलग से योजना बनाकर कार्य किया जाएगा।
अभियान में पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक शरद व्यास, पर्यटन अधिकारी प्रेमशंकर सैनी, संग्रहालय सहायक जगदीश वर्मा, रामेष्ट युवा संस्थान के अध्यक्ष शिखर पंचोली, सचिव भूपेन्द्र सिंह, रोहन गुर्जर, धैर्य सिंह, मयंक, दीपक मेघवाल, छायाकार नारायण मंडोवरा, टूरिस्ट गाइड नरेंद्र सिंह डोकुन, संदीप शर्मा, अभिषेक सोनी, राकेश मेघवाल, जीतू गुर्जर, रोहित मेघवाल, सोनू सैनी सहित कई युवाओं और बच्चों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सुखमहल में कच्छी घोड़ी नृत्य, विद्यार्थियों ने ली जानकारी
विश्व पर्यटन दिवस रविवार को पर्यटन विभाग की ओर से सुखमहल में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। करवर के लोक कलाकारों ने लोकगीतों पर एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों से समा बांध दिया। कार्यक्रम में कलाकारों ने ‘देख आई म्हारा बलमा’ गीत पर कच्छी घोड़ी नृत्य प्रस्तुत किया। इस दौरान उपस्थित छात्र-छात्राएं भी कलाकारों के साथ नृत्य कर झूम उठे।

विरासत से जुड़े कार्यक्रम में इंटेक के संयोजक राजकुमार दाधीच ने प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता कराई। इसमें बूंदी के कुंड, बावड़ियों और चित्रशाला के इतिहास से जुड़े सवाल विद्यार्थियों से पूछे गए। विजेता विद्यार्थियों को पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक शरद व्यास और पर्यटन अधिकारी प्रेमशंकर सैनी ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
इसके बाद संग्रहालय सहायक जगदीश वर्मा ने विद्यार्थियों को राजकीय संग्रहालय का भ्रमण कराया और वहां रखी मूर्तियों व कलाकृतियों की जानकारी दी। वहीं ओमप्रकाश शर्मा ‘कुक्की’ ने छात्रों को रॉक पेंटिंग की विशेषताओं से अवगत कराया।कार्यक्रम में नंदप्रकाश शर्मा, युवराज सिंह, केसी वर्मा, राजेन्द्र भारद्वाज सहित कई गणमान्य शहरवासी शामिल रहे।
बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पुरातत्व विभाग के अधीन आने वाले रानीजी की बावड़ी, सुखमहल, 84 खम्भों की छतरी और राजकीय संग्रहालय को देखने बड़ी संख्या में स्थानीय और बाहरी पर्यटक पहुंचे।
विदेशी पर्यटकों के साथ मनाया पर्यटन दिवस, बूंदी महोत्सव को विश्वस्तर पर पहचान दिलाने पर हुआ विचार-विमर्श
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर बूंदी में विदेशी पर्यटकों के साथ पर्यटन दिवस मनाया गया। इस दौरान विदेशी पर्यटकों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया तथा बूंदी में पर्यटन को बढ़ावा देने और आगामी बूंदी महोत्सव 2026 में देश-विदेश से अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

विचार गोष्ठी में बूंदी महोत्सव को भव्य बनाने पर हुआ मंथन
बूंदी महोत्सव समिति सदस्य पुरुषोत्तम पारीक ने बताया कि विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर बूंदी महोत्सव से जुड़े सदस्यों ने पूर्व राजपरिवार के सदस्य वंशवर्धन सिंह की अध्यक्षता में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में आगामी बूंदी महोत्सव 27, 28 एवं 29 नवम्बर 2026 को भव्य एवं आकर्षक रूप से आयोजित करने पर चर्चा की गई।
गोष्ठी में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि ‘बूंदी महोत्सव’ का व्यापक प्रचार-प्रसार देश ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्व तक पहुंचे तथा महोत्सव में अधिक से अधिक देशी एवं विदेशी पर्यटक बूंदी आएं। साथ ही महोत्सव में इस वर्ष क्या नया जोड़ा जाए और इसे किस प्रकार अधिक आकर्षक एवं प्रभावशाली बनाया जाए, इस पर भी विचार-विमर्श किया गया।
उन्होंने बताया कि बूंदी की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को विश्व के कोने-कोने तक पहुंचाने के साथ-साथ पर्यटकों को बूंदी की समृद्ध ऐतिहासिक धरोहर से रूबरू कराने के प्रयास किए जाएंगे। उद्देश्य है कि बूंदी महोत्सव की गूंज देश-विदेश तक पहुंचे और बूंदी को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर और अधिक पहचान मिले।
