एनसीआई@सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)
जिला कलक्ट्रेट परिसर की मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर टिप्पणी करने वाली पूर्व आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता, यूट्यूबर और सामाजिक कार्यकर्ता हुदा जरीवाला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हुदा जरीवाला सोमवार शाम मस्जिद गिराए जाने के विरोध में सहारनपुर के सर्किट हाउस पहुंची थी। उसके पहुंचने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। सर्किट हाउस के अंदर जाने की जिद करने पर पुलिस ने उसे रोक लिया और बाद में हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।

उल्लेखनीय है कि हुदा जरीवाला का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उसने कलक्ट्रेट परिसर में बनी हुई मस्जिद गिराए जाने की कार्रवाई पर प्रशासन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। वीडियो में वह कहती नजर आई कि मुसलमानों की मस्जिद शहीद की गई है। यह क्रिमिनल एक्टिविटी है। आखिर मस्जिद गिराने का हक किसने दिया? पूरा मुस्लिम समाज ऐसे लोगों के खिलाफ खड़ा है। हम चुप नहीं बैठेंगे। वीडियो में हुदा जरीवाला ने बहुत तैश में मुख्यमंत्री योगी को लेकर अभद्र टिप्पणियां करते हुए कहा कि -उसकी क्या औकात है? वो क्रिमिनल है।
वकील ने दर्ज कराई थी शिकायत
इस वीडियो के सामने आने के बाद अधिवक्ता दुष्यंत सिंह ने सोमवार सुबह सहारनपुर के सदर बाजार थाने में हुदा जरीवाला के खिलाफ शिकायत दी थी। दुष्यंत सिंह का आरोप है कि हुदा ने मस्जिद हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। मुख्यमंत्री के खिलाफ भी आपत्तिजनक बातें कहीं। दुष्यंत सिंह ने कहा कि हुदा जरीवाला के बयान का वीडियो सामने आया है और उसके बयान से लोगों में आक्रोश है। हुदा की टिप्पणियों को आपत्तिजनक, अशोभनीय व भड़काऊ बताया था। उन्होंने पुलिस से उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हुदा जरीवाला को गिरफ्तार कर लिया।

हुदा जरीवाला आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता भी रह चुकी है। वह बीबीसी लंदन में एंकर के तौर पर काम कर चुकी है। फिलहाल वह खुद को सामाजिक कार्यकर्ता और यूट्यूबर बताती है।
यह है मामला
मामला सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर में बनी करीब 70 साल पुरानी मस्जिद के ध्वस्तीकरण से जुड़ा हुआ है। प्रशासन के अनुसार मस्जिद करीब 3300 वर्ग फीट क्षेत्रफल में बनी थी। दो मंजिला इमारत में दो बड़े हॉल सहित पांच कमरे थे। ग्राउंड फ्लोर पर एक बड़ा हॉल और दो कमरे थे, जबकि पहली मंजिल पर हॉल के साथ एक बड़ा कमरा था।
इनमें से एक कमरे में डाकघर संचालित होने की बात सामने आई थी। मस्जिद को अवैध बताते हुए 10 फरवरी 2025 को बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने जिला कलेक्टर से शिकायत की थी। शिकायत में मस्जिद परिसर के कमरों और डाकघर से किराया वसूले जाने का भी आरोप लगाया गया था। इस पर जिला कलक्टर ने मजिस्ट्रेट को जांच के आदेश दिए। प्रशासनिक जांच में मस्जिद को अवैध पाया गया।
इसके बाद 24 मार्च 2025 को प्रशासन की ओर से नगर मजिस्ट्रेट कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। 16 जुलाई 2026 को कोर्ट ने मस्जिद को अवैध मानते हुए उसे हटाने और 6.41 करोड़ रुपए हर्जाना वसूलने का आदेश दिया था। कब्जेदारों को परिसर खाली करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया था। मस्जिद पक्ष ने 20 जुलाई को मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ जिला कोर्ट का रुख किया। 24 जुलाई को जिला कोर्ट ने मजिस्ट्रेट के आदेश पर स्टे देते हुए मामले की सुनवाई आगे बढ़ाई। इसके बाद 2 सितंबर को जिला जज सतेंद्र कुमार की कोर्ट ने सिटी मजिस्ट्रेट के ध्वस्तीकरण के आदेश को बरकरार रखते हुए मस्जिद पक्ष की याचिका खारिज कर दी।

आगे ऐसे हुई कार्रवाई
इसके बाद प्रशासन ने 5 सितम्बर को कलक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के बाद से ही सहारनपुर में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हुदा जरीवाला की गिरफ्तारी इसी विवाद के बीच हुई।
यूट्यूबर हुदा जरीवाला आम आदमी पार्टी (AAP) की प्रवक्ता के रूप में भी जुड़ी रही है। इस रूप में 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान हरियाणा, पंजाब तथा दिल्ली में प्रचार किया था। अपर पुलिस अधीक्षक (शहर) व्योम बिंदल ने हुदा की गिरफ्तारी की पुष्टि की।
हुदा जरीवाला ने सऊदी टीवी चैनल 2 के साथ समाचार एंकर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वर्ष 2015 तथा 2021 के बीच बीबीसी तथा नोएडा स्थित एक चैनल के साथ काम किया।
हुदा की पुलिसकर्मियों से बहस हुई थी
पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता जांच रही है। 5 सितम्बर को मस्जिद ध्वस्त होने के बाद समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल सर्किट हाउस पहुंचा था। इसी में सपा प्रतिनिधिमंडल के साथ जाने को लेकर हुदा जरीवाला की पुलिसकर्मियों से बहस हुई थी। महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें मौके से हटाने का प्रयास किया, जिस पर विवाद बढ़ गया और हंगामे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री के खिलाफ टिप्पणी से सम्बंधित शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया और हुदा को शांतिभंग में चालान कर जेल भेज दिया गया।
हुदा ने अपने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि उसका जन्म और शुरुआती पढ़ाई सऊदी अरब के रियाद में हुई थी, क्योंकि उसके पिता वहां रहते थे। उसका परिवार भोपाल और कराची से भी ताल्लुक रखता है। हुदा का दावा है कि वह सऊदी अरब के संस्कृति और सूचना मंत्रालय की रिसर्च टीम का हिस्सा भी रह चुकी हैं।
