महिला एशिया कप 2022 का फाइनल मुकाबला शनिवार को भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया। भारतीय टीम ने यह फाइनल मैच 8.3 ओवर में ही 8 विकेट से जीत लिया। इसी के साथ भारतीय महिला टीम एशिया कप के इतिहास में 7वीं बार चैम्पियन बनी है। तेज गेंदबाज रेणुका सिंह मैच विनर रहीं, जिन्होंने 3 खिलाड़ियों को अपना शिकार बनाया।
एनसीआई@सिलचर/सेन्ट्रल डेस्क
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर एशिया में अपनी दबंगई साबित कर दी है शनिवार (15 अक्टूबर) को महिला एशिया कप 2022 का फाइनल मुकाबला भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया। इसमें टीम इंडिया ने श्रीलंकाई टीम को 8 विकेट से बुरी तरह हरा दिया।
श्रीलंका को हराने के साथ ही भारतीय महिला टीम ने एशिया कप के इतिहास में 7वीं बार खिताब जीत लिया है। इसमें बड़ी बात ये है कि अब तक एशिया कप के 8 ही सीजन हुए हैं, यानी एक सीजन छोड़कर हर बार भारतीय टीम ही चैम्पियन रही है। एक सीजन बांग्लादेश ने पिछली बार ही जीता था।
भारत की कहर बरपाती गेंदबाजी में श्रीलंका ढेर
उल्लेखनीय है कि इस बार महिला एशिया कप बांग्लादेश की मेजबानी में खेला गया। फाइनल सहित सभी मुकाबले सिलहट में खेले गए। शनिवार को हुए फाइनल मैच में श्रीलंकाई टीम ने टॉस जीतकर पहले बेटिंग का फैसला किया, जो एकदम गलत साबित हुआ। भारत की कहर बरपाती गेंदबाजी के आगे श्रीलंकाई टीम की एक नहीं चली। श्रीलंका ने 9 रन पर ही दो विकेट गंवा दिए थे और यह दोनों ही रन आउट हुए।
यानी भारतीय टीम ने फील्डिंग में भी श्रीलंकाई टीम को एकदम बेकफुट पर धकेल दिया। इसके बाद तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ने 3 खिलाड़ियों को शिकार बनाकर श्रीलंकाई टीम पूरी तरह घुटनों पर ला दिया। बाकी काम स्पिनर राजेश्वरी गायकवाड़ और स्नेह राणा ने कर दिया। इन दोनों ने 2-2 विकेट अपने नाम किए।
9 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके
इस तरह श्रीलंका टीम 9 विकेट गंवाकर सिर्फ 65 रन ही बना सकी। इसमें राणावीरा ने 18 और ओशादी राणासिंघे ने 13 रन बनाए। इनके अलावा श्रीलंकाई टीम के बाकी 9 बैटर दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। 66 रनों के टारगेट के जवाब में भारतीय टीम ने 8 विकेट से मैच जीत लिया।
मंधाना ने जड़ी ताबड़तोड़ फिफ्टी
टीम इंडिया की शुरुआत बेहद अच्छी रही, लेकिन 35 रन पर आकर दो विकेट गंवा दिए। शेफाली वर्मा 5 और जेमिमा रोड्रिग्स 2 रन बनाकर आउट हुईं। मगर स्मृति मंधाना ने कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ पारी को संभाला और मैच जिताकर ही लौटीं।
मंधाना ने 25 बॉल पर ताबड़तोड़ 51 रनों की नाबाद पारी खेली, जबकि हरमन ने 14 बॉल पर 11 रन बनाए। इनकी पारी के बदौलत भारतीय टीम ने 8.3 ओवर में ही 2 विकेट गंवाकर 71 रन बनाते हुए मैच जीत लिया।
