एनसीआई@कोटा
बीजेपी के पूर्व विधायक और कोटा की लाडपुरा सीट से बागी होकर निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ रहे भवानी सिंह राजावत ने मंगलवार को बीजेपी की अधिकृत प्रत्याशी कल्पना देवी को समर्थन की घोषणा कर दी। इसी के साथ वह चुनावी मैदान से हट गए और पार्टी में उनकी वापसी भी हो गई। साथ ही राजावत ने कल्पना देवी के समर्थन में जुटकर काम करने की बात कही है।
कल्पना देवी को यह दी नसीहत
इस मौके पर राजावत ने पत्रकारों के सामने ही बीजेपी प्रत्याशी कल्पना देवी को अपनी कार्यशैली में बदलाव की नसीहत भी दे डाली। कल्पना देवी भी इस मौके पर मौजूद थीं। राजावत ने पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि मैंने कार्यकर्ताओं को भगवान माना है। मैं कल्पना देवी से भी अपेक्षा करता हूं कि वह कार्यकर्ताओं को देवता मानकर चलें और कार्यकर्ताओं और उनके बीच में जो दूरी रही है, वह नहीं हो। कल्पना देवी को कार्यशैली में बदलाव लाकर आने वाले समय में कार्यकर्ताओं और जनता के बीच जाना पड़ेगा। राजावत ने कहा कि अब राजतंत्र नहीं है, लोकतंत्र है। यह दूरी दूर करनी पड़ेगी और कार्यकर्ताओं के सुख-दुख में शामिल होना होगा। मैं उनसे यही अपेक्षा करता हूं। अब मिलकर काम करेंगे और हाड़ोती की सभी सीटों पर कांग्रेस को हराएंगे। गौरतलब है कि कल्पना देवी कोटा के पूर्व राज परिवार की बहू हैं। उनके पति इज्यराज सिंह कांग्रेस से सांसद रह चुके हैं। मगर गत विधानसभा चुनाव से पहले यह परिवार बीजेपी में शामिल हो गया था।
बीजेपी से इसलिए नाराज थे राजावत
उल्लेखनीय है कि तीन बार विधायक रहे भवानी सिंह राजावत ने इस बार भी बीजेपी से लाडपुरा सीट के टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन पार्टी ने दुबारा विधायक कल्पना देवी को ही प्रत्याशी घोषित किया था। इसके बाद राजावत खुलकर बीजेपी और पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी विरोध में आ गए थे। एक सभा कर कार्यकर्ताओं के बीच निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। इसके बाद नामांकन दाखिल किया और नाम वापसी की तारीख पर भी नाम वापस नहीं लेने की जिद पर अड़े रहे। उस दिन भी उन्हें मनाने की कोशिशें हुईं थीं, लेकिन राजावत नहीं माने। उल्लेखनीय है कि आज मंगलवार को कोटा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा है। इससे पहले सोमवार देर रात को राजावत की लोकसभा अध्यक्ष ओम बिडला से मुलाकात हुई। आधे घंटे हुई बातचीत के बाद मंगलवार सुबह राजावत ने भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में चुनावी मैदान से हटने की घोषणा कर दी।
राजावत ने यह भी कहा
राजावत ने कहा कि मैं 45 साल से पार्टी की तन-मन से सेवा कर रहा हूं। पार्टी ने मुझे भरोसा दिलाया है कि आपके कार्यकर्ताओं का व आपका पार्टी में पूरा सम्मान रहेगा। मैं निर्दलीय प्रत्याशी था, लेकिन पार्टी को मैंने मां माना है, इसलिए पार्टी से दूरी मुझ से बर्दाश्त नहीं होती। इसलिए आज मैंने पार्टी में वापस शामिल होने का निर्णय लिया है। मैंने पंद्रह साल से लाडपुरा में लगातार मेहनत करके पानी, बिजली, शिक्षा, सड़क जैसे अभूतपूर्व काम किए हैं। अब मेरे कार्यकर्ता और मैं पूरी ताकत के साथ कल्पना देवी के समर्थन में जी जान से जुट जाएंगे और जिताएंगे। पार्टी से दूरी मेरे से बर्दाश्त नहीं हुई। इसलिए मैंने मन बनाया है। ठीक है समर्थन लगातार मिल रहा था, मेरे खड़े रहने से कांग्रेस नहीं जीत जाए यह आशंका थी। अब यह आशंका नहीं रहेगी, मैं कल्पना देवी के समर्थन में आ गया हूं। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला छोटे भाई हैं, पद में बड़े हैं। उन्होंने आग्रह किया कि आप वरिष्ठ नेता हो, आपका कदम ठीक नहीं है, आप ये कदम वापस ले लो। उन्होंने कहा और मैंने माना।
कल्पना देवी ने जताया आभार
वहीं इस मौके पर बीजेपी प्रत्याशी कल्पना देवी ने कहा कि मैं राजावत को धन्यवाद देती हूं। वह मेरे समर्थन में आए हैं। हम सब एक परिवार हैं। कार्यकर्ताओं का हमेशा सम्मान रहेगा।
