एनसीआई@नई दिल्ली
कॉकरोच जनता पार्टी ने आज रविवार को फिर से प्रदर्शन करने का ऐलान कर दिया है। कॉकरोच का कहना है कि वो इस मामले से पीछे हटने वाले नहीं है। उल्लेखनीय है कि कल शनिवार को दिल्ली पुलिस कॉकरोच चीफ अभिजीत दीपके सहित उनके साथी आशुतोष रांका व सौरव दास को हिरासत में ले चुकी है। दीपके के ऐलान के मुताबिक अब नेतृत्व की जिम्मेदारी अजिंक्य शिंदे के हाथों में है। कॉकरोच नेताओं को छोड़कर कल हिरासत में लिए गए हजारों प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने छोड़ देने का दावा किया है। ANI के सूत्रों के मुताबिक, कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

दिल्ली मेट्रो के सभी एंट्री-एग्जिट खुले
DMRC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि मेट्रो नेटवर्क के सभी मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट अब खुल गए हैं। सभी सम्बंधित मेट्रो स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा भी उपलब्ध है।
अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट करेगा विशेष सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट रविवार, 11 अक्टूबर को एक अवमानना याचिका पर विशेष सुनवाई करेगा। यह याचिका जंतर-मंतर पर शनिवार, 10 अक्टूबर को हुए कॉकरोचों के विरोध-प्रदर्शन से पहले सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह बंद करने के कोर्ट के 9 अक्टूबर के आदेश की जानबूझकर अनदेखी करने के आरोप में दायर की गई थी। जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच सुबह 10.30 बजे इस मामले की सुनवाई करेगी। याचिका में केन्द्रीय गृह सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और DMRC चेयरमैन के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि घोषणा के अनुसार 45 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद रखे गए थे।
7 हजार लोगों को हिरासत में लिया
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने 7 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। साथ ही पुलिसकर्मियों पर हुए हमलों के मामले में एफआईआर भी की जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की पुलिसकर्मियों पर FIR की मांग
साकेत कोर्ट ने कॉकरोच पार्टी की लीगल अफेयर्स हेड, रत्ना सिंह की ओर से दायर उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई थी। आरोप था कि पुलिस ने उन्हें उनके घर पर ही हिरासत में ले लिया था। अर्जी में उन्हें तुरंत रिहा करने का निर्देश देने की भी मांग की गई थी, हालांकि शाम को पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया।

राहुल गांधी की मोदी सरकार को खुली चुनौती
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट किया, ‘मैं नरेंद्र मोदी, RSS और इनसे जुड़े लोगों के ख़िलाफ़ एक दशक से भी ज़्यादा समय से लड़ रहा हूं। मैं अपने विरोधियों को उतनी अच्छी तरह समझता हूं, जितना कोई भी अपने प्रतिद्वंद्वी को समझता है। मैं इन्हें अंदर तक जानता हूं, इनकी हर चाल से वाकिफ हूं। इन लोगों की सबसे बड़ी पहचान है – कायरता। नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत, ज्ञानेश कुमार, अजीत डोभाल – इस कहानी के खलनायक – अब धीरे-धीरे घिरते जा रहे हैं। इनके चारों तरफ से दायरा सिमट रहा है। जो करना है, कर लीजिए। जितनी पुलिस बुलानी है, बुला लीजिए – 10 हज़ार, 20 हज़ार, 50 हज़ार, जितनी चाहें बुला लीजिए। सारे नेताओं को गिरफ़्तार कर लीजिए। सारे युवाओं को गिरफ़्तार कर लीजिए। हम सबको गिरफ़्तार कर लीजिए।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘ घबराइये मत – हम आपको चारों तरफ़ से घेर रहे हैं, और हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। मेरी बात याद रखिए – हमें जो जानकारी चाहिए, वह हमारे पास पहले से है। हम अपने संविधान की रक्षा करेंगे। हम हिन्दुस्तान की जनता की आवाज़ की हिफ़ाज़त करेंगे। और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि पिछले 10-15 सालों में हिन्दुस्तान के साथ जो हुआ है, वह दोबारा कभी, किसी भी सूरत में न हो। हिन्दुस्तान के युवाओं, मुझे आप पर गर्व है। अपना विरोध जारी रखिए। हम आपके साथ खड़े हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इस सरकार और हमारे संविधान पर हमला करने वालों को शिकस्त मिले।’
प्रदर्शन के दौरान सब इंस्पेक्टर बजरंग जाधव घायल
कॉकरोचों के प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात सब इंस्पेक्टर (SI) बजरंग जाधव घायल हो गए। उन्होंने बताया कि अभी तो मेरा प्राथमिक उपचार किया गया है। हमें सूचना मिली थी कि कुछ लोग यहां भागते हुए आ रहे हैं, जो रुक नहीं रहे थे और कह रहे थे कि वे जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल पर जाएंगे। उन्हें रोकते हुए मुझे धक्का लगा और मैं घायल हो गया…मेरे हाथ और कमर पर चोट आई है..।
‘देश संसद से चलेगा, सड़क से नहीं’: रविशंकर प्रसाद
भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कहा, ‘आज जो दिन भर से चला है और इसके पहले तीन दिन तक चला है, उससे दो बातें स्पष्ट हैं। अराजकता को प्रोत्साहित करने की कोशिश को भारत के लोकतंत्र ने ध्वस्त किया है। एक और संदेश गया है कि देश संसद से चलेगा, सड़क से नहीं। कल (शुक्रवार) नतीजे आए, असम में भाजपा जीती, नंदीग्राम में जीती और एक क्षेत्र तो 70 फीसदी अल्पसंख्यक मतदाता प्रभावित है, वहां भी भाजपा 70 हजार से ज्यादा वोटों से जीती। पुडुचेरी में NDA जीती। ये सभी नतीजे तब आए हैं, जब दिल्ली में पिछले कई दिनों से ये सारी ‘खुराफात’ हो रही है… आपने अपनी हार के कारण सड़क के प्रदर्शन को हथियार बना दिया है। उसमें भी आप सभी लोग एक साथ नहीं चल रहे हैं, एक प्रतिस्पर्धा है। राहुल गांधी के लोग तीन दिन रहे, फिर आ गए AAP की ‘शैडो बॉक्सिंग’ करने वाले CJP… आपने देखा होगा कि सुबह से उनका नाटक चल रहा था, बाद में अरविंद केजरीवाल और बाकी लोग आ गए और बाद में ममता बनर्जी, CPI आदि भी आ गए… ये जो हारे हुए हताश लोग हैं, उन्होंने दिल्ली की जनता को पिछले कई दिनों से परेशान कर रखा है… हमें हिन्दुस्तान की जनता पर गर्व है कि उन्होंने उनके षड्यंत्र को असफल किया है… लोकतंत्र की शालीनता, जनता का विश्वास अराजकता पर विजयी हुआ है।’
