राजधानी जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र के गांव रामपुरा-कुंवरपुरा में कॉकरोच जनता पार्टी की टीम और ग्रामीणों के बीच जमकर हुए हंगामे के बाद एक तरफ जहां, आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, सियासत गर्माई हुई है। इसी बीच सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका की कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा व विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता टीकाराम जूली के साथ का एक फोटो सामने आया है। इसके बाद जो होना था, वह हो रहा है।
एनसीआई@जयपुर
राजधानी जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र में कॉकरोच जनता पार्टी की टीम और ग्रामीणों के बीच हुए जमकर हंगामे के बाद सियासत गरमाई हुई है। इसी बीच सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका की एक तस्वीर वायरल हो रही है। इसमें वो राजस्थान के बड़े कांग्रेसी नेताओं के साथ नजर आ रहे हैं। हालांकि इस बारे में आशुतोष रांका ने सफाई देते हुए इसे पुरानी फोटो बताया है, मगर कहने वाले तो कह रहे हैं कि, कुछ भी हो, सम्बंध तो उजागर हो ही गए हैं। देर सबेर बाकी तस्वीर भी साफ हो जाएगी। खास बात यह भी है कि आशुतोष जयपुर के ही रहने वाले हैं।
वहीं, इसी बीच सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आशुतोष रांका और उनकी टीम पर हुए हमले के बाद जयपुर के रामपुरा-कुंवरपुरा स्कूल के बाहर ही दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर धरना देने का एलान कर दिया है। इसके अलावा ग्रामीणों और कॉकरोच पक्ष की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ शिवदासपुरा थाने में मारपीट की रिपोर्ट दर्ज करा दी है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
ऐसे सामने आई तस्वीर
दरअसल, अंशुल सक्सेना नामक एक सोशल मीडिया इनफ्लूएंसर ने आशुतोष रांका की फोटो एक्स पर अपलोड करते हुए लिखा कि अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के दौरान राजस्थान में बार-बार पेपर लीक की घटनाएं हुईं। उस समय, 2018 से 2023 के बीच हुई 19 से 23 पेपर लीक की घटनाओं को लेकर राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने की जहमत आशुतोष रांका ने नहीं उठाई। इसके बजाय उन्हें कांग्रेस नेताओं के साथ घूमते हुए देखा गया। लेकिन अब स्कूलों का दौरा करना और उन्हें राजनीतिक मंच में बदलना अचानक प्राथमिकता बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फोटो में आशुतोष रांका कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के साथ नजर आ रहे हैं।
आशुतोष रांका ने यह दी सफाई
कांग्रेस नेताओं के साथ फोटो वायरल होने के बाद आशुतोष रांका ने सफाई दी। उन्होंने एक्स पर लिखा कि यह फोटो ‘डोल का बांध’ आंदोलन से जुड़ी है। जब हम जयपुर में 100 एकड़ के शहरी जंगल को बचाने के लिए लड़ रहे थे। लंदन से लौटने के बाद यह मेरा पहला आंदोलन था। इस जंगल में प्रवासी पक्षियों सहित 70 से ज़्यादा तरह के पक्षी पाए जाते हैं। आंदोलन के दौरान टीकाराम जूली और गोविंद सिंह डोटासरा अपना समर्थन देने आए थे। उस दौरान सचिन पायलट भी आए थे। राजस्थान सरकार जंगल को खत्म करके वहां एक मॉल बनाना चाहती थी। जंगल का 20 प्रतिशत हिस्सा पहले ही खत्म हो चुका है। 80 प्रतिशत अभी भी बचा हुआ है। हम इसके लिए आगे भी लड़ते रहेंगे। (नोट-यह आंदोलन अक्टूबर 2025 में हुआ था। अर्थात बहुत पुरानी बात नहीं है।)
इसलिए गरमाई प्रदेश में सियासत
उल्लेखनीय है कि बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल की बदहाल स्थिति का शुक्रवार को जायजा लेने पहुंची सीजेपी टीम और ग्रामीणों के बीच जमकर हंगामा हुआ था। मामूली कहासुनी धक्का-मुक्की और फिर मारपीट में बदल गई थी। कुछ लोगों ने सीजेपी कार्यकर्ताओं को दौड़ाकर पीटा। सीजेपी ने भाजपा समर्थकों पर हमले का आरोप लगाया था। जबकि ग्रामीणों ने राजनीतिक दखलअंदाजी का विरोध करते हुए कहा कि वे स्कूल की मरम्मत खुद करा लेंगे। मारपीट के मामले को लेकर आशुतोष रांका ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया तो प्रदेशभर में आंदोलन होगा। इस मामले को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, टीकाराम जूली सहित कई कांग्रेस नेताओं ने भी बीजेपी पर निशाना साधा था। इसके बाद अब इन कांग्रेस नेताओं के साथ आशुतोष रांका की नजदीकी का पता चल ही गया है।
