अफगानिस्तान से सुरक्षित निकाल कर लाए गए कम से कम 10 लोग कोरोना संक्रमित मिले
एनसीआई@नई दिल्ली
अफगानिस्तान से सुरक्षित निकाल कर भारत लाए गए कम से कम 10 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। भारत सरकार के साथ लोगों को वहां से निकालने के प्रयासों में समन्वय कर रहे लोगों के मुताबिक मंगलवार को यहां इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद अफगानिस्तान से निकाले गए कम से कम 10 लोगों में कोविड-19 की पुष्टि हुई है।
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के एक अधिकारी ने कहा कि सोमवार और मंगलवार को अफगानिस्तान से पहुंचे 81 लोगों को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के छावला में आईटीबीपी के पृथकवास केन्द्र (isolation centre) में भेजा गया है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से जारी एक सूचना के अनुसार अफगानिस्तान से लाए जा रहे लोगों के लिए यहां भारत आईटीबीपी के छावला स्थित शिविर में न्यूनतम 14 दिन के संस्थागत पृथकवास को अनिवार्य किया गया है। कोविड-19 महामारी के मद्देनजर मंत्रालय ने यह कदम उठाया है।
इस सूचना के मुताबिक अफगानिस्तान से आए किसी भी व्यक्ति में कोरोना वायरस की पुष्टि होने और उसमें बीमारी के लक्षण दिखने के बाद उसे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के किसी अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। अफगानिस्तान से लोगों को निकालने में सहयोग करने वाले उद्यमी कण्व भल्ला ने कहा, “दुशांबे के रास्ते काबुल से पहुंचे सभी 78 लोगों का आईजीआई हवाई अड्डे पर कोविड-परीक्षण किया और उनमें से लगभग 10 लोग वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। ”
14 दिन के अनिवार्य पृथकवास में रहना होगा: केन्द्र
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति जारी कर अफगानिस्तान से लाए जा रहे लोगों के लिए यहां भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के छावला स्थित शिविर में न्यूनतम 14 दिन के संस्थागत पृथकवास को अनिवार्य किया है। कोविड-19 महामारी के मद्देनजर मंत्रालय ने यह कदम उठाया है।
मंत्रालय ने कहा कि केन्द्र आपात स्थिति में अफगानिस्तान से लोगों को भारत ला रहा है और संकट की स्थिति को देखते हुए, उसने पहले ही उन लोगों को अनिवार्य आरटी-पीसीटीआर जांच (वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए अनिवार्य) से छूट दी है, जिन्हें युद्धग्रस्त देश से निकाला जा रहा है।
23 अगस्त को जारी इस विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘अफगानिस्तान में वर्तमान में कोरोना वायरस प्रसार स्पष्ट नहीं है, सावधानी के रूप में यह निर्णय लिया गया है कि आने वाले व्यक्तियों को आईटीबीपी के छावला शिविर, नजफगढ़ रोड, नई दिल्ली में 14 दिन के अनिवार्य पृथकवास में रहना होगा।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘विदेश मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय इन आने वाली उड़ानों की सही तारीख और समय तथा यात्रियों के बारे में आईटीबीपी को पर्याप्त रूप से पहले से सूचित करेंगे। उक्त जानकारी दिल्ली की एनसीटी सरकार को भी प्रदान की जा सकती है।’’
ज्ञापन में कहा गया है कि आईटीबीपी हवाई अड्डे से छावला शिविर, नजफगढ़ तक यात्रियों के परिवहन के लिए आवश्यक व्यवस्था करेगा। इसमें कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति संक्रमित पाया जाता है या उसमें महामारी के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे दिल्ली सरकार के कोविड देखभाल केन्द्र या कोविड अस्पताल ले जाया जाएगा।
