बांग्लादेश में हिन्दू समुदाय पर एक और हमला: इस्कॉन मंदिर में घुसी भीड़, जमकर तोड़फोड़ व श्रद्धालुओं से मारपीट, 25 वर्षीय युवक की मौत, तालाब में मिला शव
पार्थ दास (फाइल फोटो)

एनसीआई@सेन्ट्रल डेस्क
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दू समुदाय पर हमले का एक और मामला सामने आया है। शुक्रवार,15 अक्टूबर को नोआखली इलाके में एक इस्कॉन मंदिर में घुस आई भारी भीड़ ने श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया। साथ ही मंदिर में जमकर तोड़फोड़ भी की। इसमें एक 25 वर्षीय श्रद्धालु पार्थ दास को मार डाला। उसका शव पास ही के तालाब में मिला है। कई अन्य श्रद्धालु घायल भी हो गए। इस्कॉन की ओर से ट्वीट कर इस हमले की जानकारी दी गई है।
इस्कॉन के ट्वीट में कहा गया है कि, बांग्लादेश के नोआखाली में आज (15 सितम्बर) इस्कॉन मंदिर और श्रद्धालुओं पर भीड़ ने हिंसक हमला किया। मंदिर को काफी नुकसान पहुंचा है। कई श्रद्धालुओं की हालत गम्भीर बनी हुई है। हम बांग्लादेश सरकार से हिन्दुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हैं।

इसके बाद इस्कॉन की ओर से शनिवार, 16 अक्टूबर को किए गए दूसरे ट्वीट में जानकारी दी गई है कि इस्कॉन के एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। इस्कॉन के इस ट्वीट में कहा गया है कि-
‘बड़े दुख के साथ हम इस्कॉन के सदस्य पार्थ दास की खबर साझा कर रहे हैं, जिनकी कल 200 से अधिक लोगों की भीड़ ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। उनका शव मंदिर के बगल में एक तालाब में मिला। हम बांग्लादेश सरकार से इस सम्बंध में तत्काल कार्रवाई की मांग करते हैं। 25 साल के पार्थ दास एक उत्साही भक्त थे। समुदाय के सभी लोग उन्हें पसंद करते थे। हम श्री कृष्ण से प्रार्थना करते हैं कि दुख की इस घड़ी में परिवार के सदस्यों और भक्तों को आश्रय और शक्ति प्रदान करें।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले दुर्गा अष्टमी (13 अक्टूबर ) को भी दुर्गा पूजा समारोह के दौरान बांग्लादेश में दुर्गा पंडालों में तोड़फोड़ और हिन्दू मंदिरों पर हमले की खबर आई थी। बांग्लादेश में नवरात्रि के लिए लगाए गए पांडाल को कट्टरपंथियों ने तहस-नहस कर दिया था। यह घटना ढाका से 100 किलोमीटर दूर चांदपुर जिले में हुई थी। कट्टरपंथियों ने हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियों को भी नुकसान पहुंचाया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिंसा में 4 लोगों की मौत और 50 लोगों के घायल होने की खबर आई थी।
उल्लेखनीय है कि इस घटना से पहले चांदपुर जिले के ही कोमिला इलाके में कुरान के अपमान की अफवाह फैली थी। सोशल मीडिया पर इस सम्बंध में टीका-टिप्पणी की जा रही थी। इनमें आरोप लगाया जा रहा था कि यहां लगाए गए एक दुर्गा पूजा पंडाल में कुरान का अपमान किया गया है। दुर्गा पूजा पंडाल में हिन्दू भगवान हनुमान जी की प्रतिमा के चरणों में कुरान रखी होने की अफवाह फैलाई जा रही थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस अफवाह से ही वहां बवाल मच गया और दुर्गा पूजा पंडालों और मंदिर में हमले हुए। माना जा सकता है कि इस तरह के मैसेज को षड्यंत्र के तहत फैलाया गया।
इस घटना की बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कड़ी निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि जो कोई भी इस हमले में शामिल हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वो किसी भी धर्म के हों। ये कोई मायने नहीं रखता है कि दोषी किस मज़हब का है, दोषियों को पकड़ा जाएगा और उन्हें सज़ा मिलेगी।
