केन्द्र सरकार ने घटाई एक्साइज ड्यूटी तो भाजपा शासित राज्यों ने भी पेट्रोल-डीजल से वैट घटाने शुरू किए
एनसीआई@नई दिल्ली
पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में कमी के बाद राज्यों से की गई सरकार की अपील का असर दिखने लगा है। केन्द्र सरकार ने जहां, डीजल पर 10 रुपए तो पेट्रोल पर 5 रुपए एक्साइज ड्यूटी कम की है। इसके बाद एक के बाद एक बीजेपी शासित राज्यों ने भी वैट घटाए जाने का ऐलान करना शुरू कर दिया है। अब तक 6 बीजेपी शासित राज्यों ने वैट कम किए जाने की घोषणा कर दी है, वहीं एक राज्य ने जल्द ही आदेश जारी करने की बाद कही है।
इन बीजेपी शासित राज्यों ने घटाया वैट
1. त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने दिवाली से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 7 रुपए की कमी करने की घोषणा की है।
2. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने पेट्रोल और डीजल के वैट में तत्काल प्रभाव से 7 रुपए कम करने की घोषणा की है।
3. वहीं गोवा के सीएम डॉ. प्रमोद सावंत ने कहा है, गोवा सरकार पेट्रोल पर 7 रुपए और डीजल पर 7 रुपए कम करेगी, जिससे डीजल की कीमत में 17 रुपए प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमत में 12 रुपए प्रति लीटर की कमी आएगी।
4. वहीं कर्नाटक सरकार ने भी डीजल और पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 7 रुपए की कमी करने का फैसला किया है। इसके बाद राज्य में पेट्रोल की कीमत 95.50 रुपए और डीजल की कीमत 81.50 रुपए हो जाएगी।
5. उत्तराखण्ड सरकार ने भी पेट्रोल पर 2 रुपए प्रति लीटर की अतिरिक्त राहत देने का फैसला लिया है।
6. मणिपुर सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमत में 7 रुपए कम करने का ऐलान किया है।
हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर ने कहा है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने का सराहनीय निर्णय लिया है। इसके लिए प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री का हार्दिक आभार। पेट्रोल और डीजल पर वैट कम करने को लेकर प्रदेश सरकार जल्द ही अधिसूचना जारी करेगी।
विपक्षी दलों के लिए चुनौती
भारत सरकार द्वारा डीजल और पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के बाद एक के बाद बीजेपी शासित राज्य भी वैट कम किए जाने की घोषणा कर रहे हैं। इससे निश्चित ही गरीब और मध्यम वर्ग को काफी राहत मिलेगी। सरकार का कहना है कि ये फैसला पूरे इकोनॉमिक साइकिल को और स्पीड देगा। हालांकि, डीजल और पेट्रोल पर वैट की दरों को बहुत ज्यादा रखते हुए गरीबों, किसानों और मध्यम वर्ग की देखभाल करने का तर्क देने वाले विपक्षी पार्टियों से शासित राज्यों की ओर से भी अब ऐसे ही फैसले का इंतजार है।
क्या वैट कम करेंगे विपक्ष शासित राज्य?
उल्लेखनीय है कि, दिल्ली में पेट्रोल पर वैट 30% है तो मुम्बई में 26% या 10.12/ लीटर मैसेज जो भी अधिक हो है। वहीं कोलकाता में 25% या 13.12/लीटर जो भी अधिक हो और हैदराबाद में 35.20 प्रतिशत तक वैट लगाया जा रहा है। वहीं कांग्रेस शासित राजस्थान में वैट की दरें 36 प्रतिशत प्लस 1,500 रुपए/केएल है। डीजल में वैट विपक्षी शासित राज्यों में भाजपा शासित राज्यों की तुलना में बहुत ज्यादा है। गुजरात में वैट दर सिर्फ 20% है।
