एएसआई के ऑडियो में आरोप एसएचओ ने घूस लेकर निलम्बित करवाया, सुसाइड की दी धमकी, कहा: एसपी और एसएचओ होंगे जिम्मेदार
एनसीआई@भीलवाड़ा
भीलवाड़ा में एक निलम्बित एएसआई ने सुसाइड करने की धमकी दी है। साथ ही चेतावनी दी कि इसके लिए एसपी और एसएचओ सहित एक पुलिसकर्मी जिम्मेदार होंगे। एएसआई के इस ऑडियो के सामने आने से पुलिस डिपार्टमेंट में हड़कम्प मच गया। एसएचओ अब जांच का हवाला दे रहे हैं।

मामला जिले के बनेड़ा थाने का है। यहां 6 नवम्बर को एक ट्रक हादसा हुआ था। जांच अधिकारी के तौर पर मौके पर एएसआई सत्यनारायण नरूका को भेजा गया। ट्रक ड्राइवर ने कार को टक्कर मार दी थी। इस मामले में ट्रक ड्राइवर ने नरूका पर आरोप लगाया कि उसके साथ मारपीट कर दो हजार रुपए ले लिए और मोबाइल छीन लिया गया। जब शिकायत एसपी तक पहुंची तो उसे सस्पेंड कर दिया गया।
इस मामले को रविवार को एएसआई नरूका ने एक ऑडियो शेयर किया। इसमें कहा गया है कि हादसे में आरोपी को बचाने के लिए थाना प्रभारी नंदलाल रिणवा व दीवान मांगीलाल जाट ने ट्रक मालिक से 40 हजार रुपए ले लिए। इस मामले में एसपी को गुमराह किया गया। एएसआई का यह भी आरोप है कि एसपी ने भी उसकी बात सुने बिना 7 नवम्बर को निलंबित कर दिया। ऑडियो में एएसआई ने कहा है कि न्याय नहीं मिला तो आज सुसाइड कर लूंगा, एसपी और एसएचओ इसके जिम्मेदार होंगे।
एएसआई के 19 दिसम्बर को शेयर किए गए ऑडियो में कहा गया है कि सीएम अशोक गहलोत आज भीलवाड़ा आ रहे हैं। एक ईमानदार एएसआई का यह निवेदन है कि मुझे न्याय दिया जाए। मुझे 7 दिसम्बर को टाइगर साहब ने बिना सुने निलम्बित कर दिया, जबकि पूरी गलती दीवान मांगीलाल जाट और एसएचओ नंदलाल रिणवा की है। एक एक्सीडेंट के मामले में उन्होंने ट्रक मालिक से 40 हजार की रिश्वत लेकर उसे बचा लिया गया। मेरे खिलाफ टाइगर साहब को गुमराह करके मुझे निलम्बित करवा दिया गया। इसका मुझे न्याय दिया जाए। अन्यथा में शाम तक सुसाइड कर लूंगा।
मामले की जांच में सब सामने आ जाएगा
इस ऑडियो के सम्बन्ध में बनेड़ा थाना प्रभारी नंदलाल रिणवा का कहना है कि एएसआई नरूका द्वारा लगाया आरोप झूठा है। वह निलम्बित होने के बाद से ही थाने में अनुपस्थित है। ट्रक कार एक्सीडेंट मामले की जांच नरूका के पास ही थी। नरूका ने ट्रक चालक से मारपीट कर दो हजार रुपए व उसका मोबाइल छीना था। इसलिए उसे निलम्बित किया गया था। मामले की जांच चल रही है।
