PFI ने बैन के खतरे को देखते हुए तैयार कर रखा है आतंकी गतिविधियां जारी करने का नया प्लान, उस पर विपक्षी दलों की बयानबाजी बेहद खतरनाक
PFI पर यदि बैन लगता भी है तो वो अपने मंसूबों को अंजाम देने के लिए काम को जारी रख सकेगा, इसके लिए वह काफी लम्बे समय से सुनयोजित तरीके से एक प्लान पर काम कर रहा है। इसी प्लान के तहत उसने कई विंग बना रखे हैं।
एनसीआई@सेन्ट्रल डेस्क
देशभर में पॉपुलर फ्रन्ट ऑफ इंडिया के खिलाफ NIA ने 21 सितम्बर की आधी रात से जबरदस्त कार्रवाई शुरू की। सुबह देर तक जारी रही इस कार्रवाई में इस संगठन से जुड़े लोगों और इनके ठिकानों से कई कई दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक सबूत बरामद करने के साथ राजस्थान सहित एक दर्जन राज्यों से 106 लोगों को गिरफ्तार कर दिल्ली स्थित मुख्यालय ले जाया गया। गृह मंत्री अमित शाह ने इस एक्शन लेकर एक अहम बैठक भी की। आगे भी इस संगठन के खिलाफ और सख्त एक्शन लिए जा सकते हैं। PFI को भी उसके खिलाफ सख्त एक्शन का अंदेशा था। यही कारण है कि उसने अपने साजिशों को अंजाम देने के लिए पहले से ही वैकल्पिक योजना तैयार कर ली थी। इसका खुलासा तेलंगाना पुलिस कोर्ट में भी कर चुकी है।
यह है PFI का नया प्लान
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक PFI ने अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने के लिए एक, दो नहीं, बल्कि विभिन्न नामों से कई विंग बना रखे हैं। उसके नए प्लान के मुताबिक इससे उस पर बैन लगाती है तो वो देश के खिलाफ अपने एजेंडे को नए नाम से अंजाम देगा। इस संगठन का काम वही रहेगा, लेकिन नाम अलग होगा। तेलंगाना पुलिस ने कोर्ट में भी PFI के नए प्लान का खुलासा किया है और उसके विंग के नामों की लिस्ट भी कोर्ट में पेश की है।
पीएफआई के स्लीपर सेल के खिलाफ देश भर में सरकार का एक्शन काफी समय से जारी है। इस बीच इस संगठन ने अपने विस्तार पर जोर दिया, जिससे स्पष्ट है कि पीएफआई ने सरकारी एजेंसियों से बचने और अपने एजेंडे को फैलाने के लिए कई विंग लॉन्च किए।
इसके विंग कुछ इस प्रकार हैं-
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ ऑफ इंडिया (SDPI), केम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI), नेशनल वुमन फ्रंट (NWF), ऑल इंडिया इमाम काउंसिल (AIIC), ऑल इंडिया लीगल काउंसिल (AILC), रेहाब इंडिया फाउंडेशन (RIF), सोशल डेमोक्रेटिक ट्रेड यूनियन (SDTU), नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट ऑर्गेनाइजेशन (NCHRO)।
SIMI बैन के बाद PFI के नाम से मौजूद
इसे ऐसे समझिए, जैसे SIMI पर जब बैन लगाया गया तो उसने अपने फ्रन्ट ऑर्गनाइजेशन Popular Front of India के नाम से अपने एजेंडे पर काम करना शुरू कर दिया। SIMI के सभी काडर इसमें शामिल हो गए। अब PFI पर बैन लगता है तो फिर से उसके काडर उसके नए विंग में शामिल हो जाएंगे। इस प्रकार साफ है कि अब यदि PFI पर बैन लगता है तो वो अन्य नाम से अपना संगठन चलाएगा और अपने देश विरोधी एजेंडे को अंजाम देगा, देशविरोधी गतिविधियां जारी करेगा।
खूंखार आतंकी संगठन IS से प्रेरित
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 में जब NIA ने उत्तरी केरल के कन्नूर में कनकमाला में एक गुप्त बैठक पर छापा मारा तो हैरान कर देने वाली सच्चाई सामने आई थी। उस समय सामने आया था कि ये संगठन आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) से प्रेरित होकर, युवाओं को देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और विभिन्न समुदायों के बीच अशांति फैलाने के लिए भड़का रहा था।
PFI के खिलाफ एक्शन पर सियासत बेहद ख़तरनाक
उसके बाद से कई मामलों में इसके लिंक और एजेंडों का खुलासा हुआ जिसके बाद इस संगठन के खिलाफ जांच एजेंसियां सख्त हैं। अब PFI के ठिकानों पर हो रही छापेमारी और गिरफ़्तारी पर भी सियासत शुरू हो गई है। विपक्षी दल इस कार्रवाई को मुस्लिम वर्ग के खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई के रूप में पेश करने लगे हैं। यह देश के नजरिए से बेहद खतरनाक और चिंताजनक है। जबकि देशभर में कई जगहों पर हुए दंगों में भी PFI का लिंक सामने आ चुका है। इसके बाद से केन्द्र सरकार लगातार इस संगठन के खिलाफ एक्शन ले रही है।
