गहलोत-पायलट विवाद पर रंधावा ने कहा- फाइव स्टार में नहीं बैठा हूं, छोटी-मोटी चीजें चलती रहती हैं
एनसीआई@जयपुर
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच चल रही राजनीतिक रस्साकशी एक बार फिर तेज होती दिख रही है। हालांकि कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने विवाद को जल्द सुलझा लेने का दावा किया है। रंधावा ने कहा कि विवाद सुलझाने का काम मेरा है, उनका नहीं है। मैं फाइव स्टार में नहीं, बल्कि लोगों के बीच बैठा हूं। विवाद भी सुलझा लेंगे।
मामले के अनुसार, गुरुवार रात को फीडबैक बैठक लेने के बाद रंधावा शुक्रवार को सर्किट हाउस पहुंचे। यहां उन्होंने मीडिया से बात की। इसमें रंधावा ने कहा कि मेरा पहला काम संगठन को मजबूत करना है। इस दिशा में हम सब काम कर रहे हैं। संगठन की खाली पड़ी नियुक्तियों को जल्द भर दिया जाएगा। मैं लगातार दो दिन से नेताओं-कार्यकर्ताओं के बीच बैठकर उनसे बात कर रहा हूं। फीडबैक के दौरान किसी की भी बहुत बड़ी शिकायत नहीं मिली है, छोटी मोटी चीजें चलती रहती हैं। गुरुवार को हुई बैठक में खाली राजनीतिक पदों पर नियुक्तियों को लेकर भी मुद्दा उठाया गया था। इस मुद्दे पर शुक्रवार को कांग्रेस प्रभारी रंधावा ने दो दिन में नियुक्तियां कर देने की बात कही।
सर्वे के आधार पर मिलेंगे टिकट
रंधावा ने कहा-विधानसभा चुनाव में टिकट सर्वे के आधार पर मिलेंगे। अभी हम किसी को टिकट नहीं बांट रहे हैं। टिकट से पहले हम सर्वे करवाएंगे और फिर उसके रिजल्ट के आधार पर ही टिकट तय होगा। सर्वे के टाइम पर रंधावा ने कहा कि सर्वे तो जारी है। जिनका नम्बर सर्वे में आएगा, वही टिकट के हकदार होंगे।
दो दिन में खाली पदों पर होंगी नियुक्तियां
ढाई साल से संगठन के पदों पर नियुक्तियां नहीं होने के सवाल पर रंधावा ने कहा कि अगले दो दिन में आपको ब्लॉक और जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की लिस्ट मिल जाएगी। सब काम होंगे। रंधावा ने जल्द सभी खाली पदों पर नियुक्तियां कर देने का दावा किया है।
कांग्रेस में 15 जुलाई 2020 के बाद से ब्लॉक व जिले बिना पदाधिकारियों के चल रहे हैं। पायलट खेमे की बगावत के समय भंग किए गए संगठन के पदों पर अब तक नियुक्तियां नहीं हुई हैं। केवल 39 प्रदेश पदाधिकारी और 13 जिलाध्यक्षों को छोड़कर संगठन में ढाई साल से पदाधिकाारी नहीं हैं। नेताओं के फीडबैक में गहलोत-पायलट का विवाद भी पार्टी के नेताओं ने उठाया। प्रभारी ने ये विवाद भी सुलझा देने का दावा किया है।
करीब ढाई हजार नियुक्तियां होनी हैं
कांग्रेस में कांग्रेस में 400 ब्लॉक अध्यक्ष, 26 जिलाध्यक्ष, 2200 मंडल अध्यक्षों के पद खाली चल रहे हैं। इन सबको मिलाकर मोटे तौर पर 2500 के आस-पास नियुक्तियां होती हैं। इसके बाद जिला, ब्लॉक और मंडलों की कार्यकारिणी भी बननी है। तीनों स्तरों पर कार्यकारिणी बनने से 50 हजार से ज्यादा नेताओं को पद मिलेंगे।
गहलोत-पायलट विवाद का मुद्दा उठा
गुरुवार को मंत्रियों की फीडबैक बैठक के दौरान गहलोत-पायलट के बीच विवाद का मुद्दा प्रमुखता से उठा था। कुछ मंत्रियों की राय थी कि चुनाव में जाने से पहले इस विवाद को सुलझाना जरूरी है। कई दूसरे पदाधिकारियों ने भी यह बात उठाई थी कि दोनों नेताओं के विवाद की चर्चा से ग्रास रूट स्तर तक पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं के साथ जनता में भी कन्फ्यूजन बना हुआ है।
