April 27, 2026

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ट्रेप फेल होने के बावजूद ऐसे पकड़ी गई 2 करोड़ रुपए रिश्वत मांगने की आरोपी एएसपी दिव्या मित्तल, 2 घंटे की रिकॉर्डिंग में है सनसनीखेज सबूत

ट्रेप फेल होने के बावजूद ऐसे पकड़ी गई 2 करोड़ रुपए रिश्वत मांगने की आरोपी एएसपी दिव्या मित्तल, 2 घंटे की रिकॉर्डिंग में है सनसनीखेज सबूत

एनसीआई@जयपुर/सेन्ट्रल डेस्क

उत्तराखंड के हरिद्वार में स्थित दवा फेक्ट्री के मालिक से 2 करोड़ रुपए रिश्वत मांगने के मामले में जयपुर एसीबी की टीम ने अजमेर एसओजी की एडिशनल एसपी दिव्या मित्तल को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। एसओजी की एएसपी जैसी महिला अधिकारी के खिलाफ इतनी बड़ी रिश्वत मांगने का यह पहला मामला माना गया है। उस पर महत्वपूर्ण बात यह है कि इतनी बड़ी अधिकारी को ट्रेप करना आसान नहीं था।

ऐसे में हमारे सामने यहां कई बड़े सवाल थे। पहली जिज्ञासा तो यही थी कि आखिरकार एसओजी की इतनी बड़ी अधिकारी कैसे किसी दवा फेक्ट्री के मालिक को धमका रही थी? इसके अलावा एसीबी का इस कार्रवाई से पहले बिछाया ट्रेप का जाल कैसे फेल हो गया? तथा एसीबी के पास ऐसे कौनसे ठोस सबूत थे कि ट्रेप फेल होने के बावजूद अधिकारियों ने हाथों-हाथ इतनी बड़ी अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार भी कर लिया?

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इन सवालों का यह मिला जवाब

इस बारे में एसीबी के एएसपी बजरंग सिंह शेखावत के अनुसार, तैयारी से पहले हमें मामले की सच्चाई जानने के लिए इसका गोपनीय सत्यापन करवाना जरूरी था। ऐसे में विकास को एक वॉइस रिकॉर्डर दिया गया और कॉन्स्टेबल देवेन्द्र सिंह को सत्यापन के लिए कुछ दिन विकास के साथ रहने के लिए अपॉइंट कर दिया गया। विकास का काम था कि जब भी उसके पास दलाल सुमित या एएसपी मित्तल का फोन आएगा तो वह देवेन्द्र के सामने ही बात करें और उसे बताकर ही मिलने के लिए जाए। इसके बाद कॉन्स्टेबल देवेन्द्र विकास के साथ आगरा चला गया।उल्लेखनीय है कि जयपुर एसीबी के एडिशनल एसपी बजरंग सिंह के नेतृत्व में ही टीम ने यह कार्रवाई की थी।

2 दिन बाद दलाल सुमित का वॉट्सएप कॉल आया

2 दिन तक जब एएसपी मित्तल और दलाल सुमित का विकास के पास कोई कॉल नहीं आया तो 7 जनवरी के दिन विकास ने कॉन्स्टेबल देवेन्द्र के सामने एएसपी और दलाल दोनों के नम्बर पर वॉट्सएप कॉल किए, लेकिन नो रिप्लाई मिला। इसके काफी देर बाद दोपहर पौने एक बजे दलाल सुमित ने विकास को वॉट्सएप कॉल किया और पेमेंट के बारे में पूछा। विकास ने बताया कि उसने अपने पिता विनोद अग्रवाल से इस बारे में बात की है , लेकिन वो एक करोड़ रुपए नहीं दे पाएंगे। ज्यादा से ज्यादा 10 लाख रुपए ही दे सकते हैं। इतना कहते ही दलाल सुमित ने फोन काट दिया। इस दौरान कॉन्स्टेबल देवेन्द्र ने इस पूरी बातचीत की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली थी। ये रिकॉर्डिंग पहला सबूत था।

विकास को ईमेल पर नोटिस मिला

दलाल सुमित से हुई बातचीत के थोड़ी देर बाद ही विकास को उसके ईमेल पर अजमेर एसओजी ऑफिस से एक और नोटिस मिल गया। इस बार उसे 3 दिन बाद 10 जनवरी को सुबह 11 बजे अपने पिता विनोद अग्रवाल के साथ अजमेर ऑफिस बुलाया गया था। विकास ने नोटिस का मेल पर ही रिप्लाई करते हुए 10 जनवरी को आना सम्भव नहीं बता कर 12 जनवरी का समय मांगा।

फिर 10 जनवरी को बनी ट्रेप की प्लानिंग

विकास अपने दोस्त शेर खान और कॉन्स्टेबल देवेन्द्र सिंह के साथ 10 जनवरी की सुबह एसीबी ऑफिस जयपुर पहुंचा। जहां पूरी डिटेल लेने के बाद 12 जनवरी के लिए ट्रेप की प्लानिंग करनी शुरू कर दी गई। विकास को भी ट्रेप की रकम का इंतजाम करने के लिए कहा गया।

अगले दिन 11 जनवरी विकास एसीबी ऑफिस पहुंचा और बताया कि उसने 25 लाख रुपए की व्यवस्था कर ली है और इसके अलावा 25 लाख रुपए के डमी नोट भी लाया है। ऐसे में तय हुआ कि एक करोड़ की रिश्वत में से एएसपी मित्तल और दलाल सुमित को पहली किश्त 50 लाख रुपए देते हुए ही ट्रेप कर लिया जाएगा। पूरी प्लानिंग और तैयारी होने के बाद सभी नोटों के सीरियल नम्बर की डिटेलिंग और कलरिंग के बाद 12 जनवरी को ट्रेप करना फ़ाइनल कर लिया गया।

यह बनिए की दुकान नहीं है, हमें भी अधिकारियों को देने पड़ते हैं, रुपए नहीं देने पर पिता-पुत्र की गिरफ्तारी की धमकी

इसके बाद वॉइस रिकॉर्डर लेकर विकास अपने दो दोस्तों मोहित व शेर खान के अलावा कॉन्स्टेबल देवेन्द्र सिंह के साथ अजमेर में एसओजी ऑफिस पहुंचा। वहां एएसपी मित्तल से मिलते ही उसने बताया कि वह ज्यादा से ज्यादा 10 लाख रुपए ही दे सकता है। इस पर एएसपी दिव्या मित्तल ने उसे धमकाया- ‘ये बनिए की दुकान नहीं है। हमें भी ऊपर अधिकारियों को रुपए देने पड़ते हैं। अगर नहीं दोगे तो मजबूरन हमें आगरा पहुंचकर तुम्हें और तुम्हारे पिता को बाइज्जत गिरफ्तार करना पडे़गा। गिरफ्तारी का मतलब तो तुम जानते ही हो ना। पहले भी एक गुरनानी ने रुपए नहीं दिए तो गिरफ्तारी करनी पड़ी थी। अब बेइज्जती का दाग एक बार लगा तो कभी धुलेगा नहीं। तुम तो बिजनेसमैन हो ज्यादा बार्गेनिंग मत करो।’

उदयपुर वाले रिसोर्ट में जाकर रुपए देने को कहा

आखिर में विकास ने एएसपी मित्तल को फिलहाल 25 लाख रुपए की व्यवस्था होने और 25 लाख रुपए एक फरवरी के बाद देने के लिए कहा। उसने घर में शादी होने की भी बात कही। इस पर एएसपी मित्तल ने विकास से कहा कि उदयपुर वाले रिसोर्ट में ही जाकर रुपए देने होंगे। इस पर विकास ने कहा कि इतनी दूर नहीं, यहीं अजमेर में ले लो। वह 25 लाख रुपए की व्यवस्था तो अभी घंटे भर में कर लेगा। इस पर मित्तल ने कहा कोई दिक्कत नहीं है वो रिसोर्ट अपना ही है। अभी थोड़ी देर बाद आपके पास कॉल आ जाएगा। उसके अनुसार देख लेना। वो बता देगा पेमेंट कहां देना है। इस दौरान हुई करीब दो घंटे की यह सारी बातचीत सीक्रेट वॉइस रिकॉर्डर में कैद हो गई।

फिर दलाल का फोन आया और यह कहा

इसके बाद अजमेर में सायं करीब पौने 7 बजे विकास के पास दलाल सुमित का वॉट्सएप कॉल आया। उसने कहा कि रात को अजमेर में ही रुकोगे न? इस पर विकास ने कहा-नहीं मैं निकलूंगा और ये मैंने मैडम को भी बता दिया था। इस पर सुमित ने कहा कि फालतू बातें फोन पर मत करो और वहीं रुको। साढ़े चार घंटे में मैं अजमेर आ जाऊंगा। अजमेर में खुद के लिए रात को रुकने के लिए होटल की व्यवस्था करने को भी कहा। ये पूरी बातचीत भी रिकॉर्ड की गई।

अलग-अलग गाड़ियों से सभी होटल पहुंचे

इसके बाद विकास अपने साथियों के साथ और एसीबी की टीम अलग-अलग गाड़ियों से अजमेर के आगरा गेट स्थित केसी इन होटल में जाकर ठहर गए। यहां दलाल सुमित का इंतजार हो रहा था। रात करीब 10 बजे विकास के पास सुमित ने वॉट्सएप कॉल किया और बोला, कहां हो? अभी निकलोगे क्या? इसके बाद कहा थोड़ी देर बाद जयपुर बाईपास पर आ जाना। विकास ने कहा इतनी बड़ी रकम लेकर उत्तराखंड नम्बर की गाड़ी से बाईपास पर आने में खतरा है, पुलिस पकड़ लेगी। इस पर दलाल सुमित ने कहा टेंशन मत लो, बात करवा देना मेरी। यह सारी बातचीत भी रिकॉर्ड कर ली गई।

25 लाख रुपए लेकर विकास के साथ एसीबी के कॉन्स्टेबल को भेजा

इसके बाद विकास के पास पड़ी रकम में से 25 लाख रुपए के डमी नोट बाहर निकाले गए। वहीं 25 लाख रुपए के असली नोट देकर उसे व कॉन्स्टेबल को पूरी ट्रेप कार्रवाई समझाते हुए बाईपास के लिए रवाना कर दिया गया। वहीं आसपास ही एसीबी की टीम भी अलग-अलग पहुंचकर हाईवे पर छिप गई।

इस दौरान कुछ गाड़ियों से हाईवे पर विकास की रैकी की गई। बार-बार ये गाड़ियां आती और निकल जाती। इसके थोड़ी देर बाद सुमित अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी से वहां आया लेकिन वह विकास के पास रुका नहीं और फुल स्पीड में आगे निकल गया। सम्भवतया उसे एसीबी की कार्रवाई का अंदेशा हो गया था। इसके बाद सुमित ने विकास को दुबारा कॉल भी नहीं किया और न ही उसका कॉल रिसीव किया। इन्होंने रातभर केसी इन होटल में रुककर उसका इंतजार भी किया।

ऐसे मामला दर्ज कर वारंट इश्यू करवाया

एएसपी बजरंग सिंह शेखावत ने बताया कि ये साफ हो चुका था कि आरोपियों को एसीबी कार्रवाई की भनक लग गई थी। यह अलग बात है कि मित्तल और दलाल सुमित द्वारा विकास से रिश्वत मांगने का पूरा सत्यापन हो चुका था और मामला दर्ज करने के लिए पर्याप्त सबूत भी मिल गए थे। ऐसे में अधिकारियों से बात कर 14 जनवरी को विकास की शिकायत पर मामला दर्ज कर अगले दिन कार्रवाई के लिए वारंट इश्यू करवाए गए। मांगीलाल को आईओ नियुक्त कर दिया गया।

एएसपी मित्तल को किया गिरफ्तार, 5 ठिकानों पर सर्च

15 जनवरी को ही सुबह अजमेर में एसओजी की एडिशनल एसपी दिव्या मित्तल को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं उनके अजमेर के एआरजी सिटी में स्थित निवास पर, एसओजी स्थित उनके ऑफिस पर, जयपुर स्थित फ्लेट पर, उदयपुर के रिसोर्ट और चिड़ावा स्थित इनके पैतृक निवास पर सर्च की कार्रवाई की गई। जयपुर में फ्लेट पर कोई मौजूद नहीं होने के कारण उसे सील कर दिया गया और बाकी जगह सर्च की गई।

इस कार्रवाई के बाद मित्तल के पुराने रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। वहीं दलाल सुमित कुमार पुत्र रामनिवास निवासी चिड़ावा फिलहाल फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। सामने आया है कि सुमित बर्खास्त पुलिसकर्मी है।

दवा फेक्ट्री के मालिक की आपबीती

आगरा के रहने वाले विकास अग्रवाल ने बताया कि 23 दिसम्बर 2022 को एसओजी की अजमेर एडिशनल एसपी दिव्या मित्तल हरिद्वार में उसकी JPEE ड्रग्स के नाम से संचालित एक दवा फेक्ट्री में पहुंची। वहां एडिशनल एसपी मित्तल ने दवा फेक्ट्री के स्टाफ विवेक को बताया कि अजमेर में साइकोट्रॉपिक ड्रग के 3 मामले दर्ज हुए हैं। वहां पकड़ी गईं दवाइयों में आपकी फेक्ट्री की भी दवाइयां हैं। इस पर विवेक ने एडिशनल एसपी मित्तल से विकास की बात कराई। बातचीत में एडिशनल एसपी मित्तल उसे नोटिस इश्यू करने की कहकर 26 दिसम्बर को अजमेर आने के लिए बोल दिया।

विकास अजमेर गया तो एएसपी ने यह कहा

विकास 26 दिसम्बर को ठीक 10 बजे अपने दोस्त मोहित और शेर खान के साथ अजमेर एसओजी ऑफिस पहुंच गया। वहां एडिशनल एसपी मित्तल ने उसे दुबारा 30 दिसम्बर को POD लेकर आने के लिए बोल दिया। ऐसे में वह दोस्तों के संग लौट गया। 30 दिसम्बर को उसने पहले एडिशनल एसपी को उनके प्राइवेट नम्बर पर कॉल किया तो उसने उन्हें 2 जनवरी को अजमेर आने के लिए बोल दिया।

इस बार एडिशनल एसपी ने धमकाया

विकास ने बताया कि 2 जनवरी के दिन वह फिर से अजमेर SOG अजमेर ऑफिस पहुंच गया। वहां उसे एडिशनल एसपी मित्तल ने जमकर धमकाया। वो बोली, मैंने तुम्हारे डॉक्युमेंट्स देखे हैं। तुम पूरा गलत काम करते हो और डॉक्युमेंट भी अधूरे हैं।

इस पर विकास ने एएसपी मित्तल को बताया कि उसकी फेक्ट्री में कोई अवैध दवाइयां नहीं बनती हैं और उसके डॉक्युमेंट्स भी पूरे हैं, लेकिन मित्तल नहीं मानी और उसे धमकाती रही। अगले दिन 3 जनवरी के दिन उसे फिर एसओजी ऑफिस बुलाया गया। इस बार थोड़ा इधर-उधर की नॉर्मल बातें करने के बाद मित्तल ने उसे उदयपुर की तरफ जाने के लिए कहा और बोली-वहां तुम्हारे पास एक कॉल आएगा। वो जैसा कहे वैसा कर लेना।

उदयपुर रिसोर्ट में कपडे़ उतरवाकर तलाशी

विकास ने बताया कि इसके बाद वह एडिशनल एसपी मित्तल के बताए अनुसार अपनी कार से उदयपुर की तरफ रवाना हो गया। तभी आधे घंटे बाद उसके पास दलाल सुमित का वॉट्सएप कॉल आया। उसने उसे तुरंत नाथद्वारा पहुंचने को कहा। जैसे ही नाथद्वारा पहुंचे तो सुमित ने उसे उदयपुर स्थित एक स्कोडा शोरूम पर बुलाया। वहां पहुंचने के बाद दो गाड़ियों से एस्कॉर्ट कर विकास को नेचर हिल रिसोर्ट में ले जाया गया। वहां पहुंचते ही सुमित ने विकास के कपडे़ और जूते उतरवाकर उसकी पूरी तलाशी ले ली।

दलाल सुमित ने 3 मुकदमों में से नाम हटाने के लिए 2 करोड़ रुपए मांगे

तलाशी लेने के बाद सुमित ने विकास को धमकाते हुए कहा कि एएसपी मेडम के पास दर्ज 3 मामलों में तुम आरोपी हो। जेल जाना पडे़गा। अगर बचना चाहते हो और इन मामलों में से नाम हटवाना चाहते हो तो 2 करोड़ रुपए देने होंगे। इस पर विकास ने खुद को बेकसूर बताते हुए रुपए देने से मना कर दिया।

दलाल सुमित ने खुद के मोबाइल से एएसपी मित्तल से विकास की बात करवाई तो उसने भी फोन पर सुमित की डिमांड पूरी करने की धमकी दी। यहां एएसपी मित्तल ने विकास को कहा कि उन्हें ये रुपए ऊपर तक अपने ऑफिसर्स को देने होते हैं, इसलिए देने तो पड़ेंगे। आखिर में एक करोड़ रुपए देने की बात तय हुई। डरे सहमे विकास ने कुछ दिनों की मोहलत मांगी तो एएसपी मित्तल ने उसे 2 दिन का टाइम दिया। इसके बाद उसे दुबारा से उन्हीं दो स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर से एस्कॉर्ट कर हाईवे पर छोड़ दिया।

तब एसीबी के जयपुर ऑफिस पहुंच शिकायत दी

विकास ने बताया कि 3 जनवरी के दिन जो उसके साथ हुआ, उससे वह बुरी तरह घबरा गया था। इसके बाद उसने यह तय कर लिया कि वो अब करप्ट एडिशनल एसपी मित्तल और इसके दलाल को गिरफ्तार करवा कर रहेगा। इसके बाद अगली सुबह 4 जनवरी को अपने दोस्त मोहित के साथ वह सीधा जयपुर स्थित एसीबी ऑफिस पहुंचा और इस मामले की शिकायत दी।

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