एसएससी परीक्षा पेपर लीक में तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष गिरफ्तार
एनसीआई@नई दिल्ली
तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष और सांसद बांदी संजय कुमार को एसएससी हिंदी परीक्षा का पर्चा कथित तौर पर लीक होने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राज्य की यात्रा से पहले करीमनगर में मंगलवार रात करीब 12 बजे उनके आवास से हिरासत में लिए जाने के कुछ घंटों बाद उन्हें गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भारी विरोध करना शुरू कर दिया। मंगलवार दोपहर को पुलिस ने आधिकारिक रूप से उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि कर दी।

वारंगल में मंगलवार, 4 अप्रेल को हिंदी परीक्षा के लिए एसएससी (सेकंडरी स्कूल सर्टिफिकेट) का पर्चा परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद कथित तौर पर लीक हो गया था। एक दिन पहले 3 अप्रेल को एसएससी के एक अन्य विषय का पर्चा भी कथित तौर पर लीक हो गया था।
इस तरह से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पेपर
पुलिस के मुताबिक, परीक्षा शुरू होने के बाद हिंदी का पेपर लीक हो गया था और इसकी तस्वीरें पूर्व पत्रकार और बीजेपी कार्यकर्ता बूराम प्रशांत ने सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। मामले के मुख्य आरोपी के बीजेपी से सम्बन्ध होने के कारण पुलिस ने बांदी संजय के खिलाफ यह कार्रवाई की है।

इससे पहले, बीजेपी प्रमुख को पुलिस द्वारा मेडिकल जांच के लिए पलकुर्थी के एक स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया। कक्षा 10 की हिंदी की परीक्षा मंगलवार सुबह 9.30 बजे शुरू हुई थी। आधे घंटे बाद 10 बजे तक पर्चे की तस्वीरें पहले वारंगल जिले और फिर पूरे राज्य में वॉट्सएप ग्रुपों पर भेज दी गईं। पुलिस के अनुसार, उन्होंने हनमकोंडा के कमलापुर के एक परीक्षा केन्द्र से पेपर लीक का पता लगाया है।
पुलिस कमिश्नर यह बोले
वारंगल के पुलिस कमिश्नर एवी रंगनाथ ने एक न्यूज़ चैनल बताया कि एक 16 वर्षीय लड़का अपने दोस्त हरीश की मदद करने के लिए कमलापुर में स्कूल के पीछे से एक पेड़ की मदद से अहाते की दीवार पर चढ़ गया। उसने सुबह 9.59 बजे तीसरे कमरे में एक लड़के से अपने मोबाइल फोन पर पर्चे की तस्वीर ली और उसे शिव गणेश को भेज दिया, जिसने एक स्थानीय वॉट्सएप ग्रुप (एसएससी 2019-21) में प्रश्न पत्र पोस्ट किया।
जांच के दौरान, ड्राइवर मौतम शिव गणेश, पूर्व पत्रकार और वर्तमान में बीजेपी कार्यकर्ता बूराम प्रशांत और 16 वर्षीय लड़के की इस मामले में पहचान हुई। इन में से तीन लोगों को कमलापुर पुलिस ने पकड़ा और तेलंगाना की धारा 5 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने कहा कि उनके मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए हैं। अधिकारी ने कहा कि इस मामले में एक और आरोपी जी. महेश, जो वर्तमान में केएमसी, वारंगल में लेब टेक्निशियन के रूप में काम कर रहा है, को गिरफ्तार किया जाना बाकी है।

पेपर लीक होने की हुई पुष्टि
पुलिस का कहना है कि इस बात की पुष्टि हो गई है कि हिंदी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो गया था। एक पूर्व पत्रकार ने परीक्षा के पेपर की पहली फोटो भेजी थी। सुबह 9.30 बजे परीक्षा शुरू हुई। इसके लगभग एक घंटे 15 मिनट के बाद 10.47 बजे, पेपर आउट हो गया। हम उसी का सत्यापन कर रहे हैं और जांच चल रही है। स्थानीय पुलिस और साइबर अपराध अपना काम कर रहे हैं।
वारंगल जिला शिक्षा अधिकारी वसंती ने कहा कि इस मुद्दे को कलक्टर के संज्ञान में लाया गया है और जांच चल रही है। अधिकारी ने कहा, निश्चित रूप से कोई चूक हुई है, जिसके कारण कोई फोन अंदर ले गया। हम जांच और निगरानी कड़ी कर रहे हैं। हमें इस पर गौर करना होगा।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह स्पष्ट है कि पेपर लीक हुआ था। आरोपी ने एक संदेश साझा किया था, जिसमें कहा गया था कि पेपर सुबह 9.30 बजे तक लीक हो गया था, लेकिन तस्वीरें बहुत बाद में ली गईं। ऐसा दिखाने के इरादे से किया गया था। परीक्षा अच्छी तरह से आयोजित नहीं की जा रही है। बंदी संजय कुमार की गिरफ्तारी के विरोध में बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता एकत्र हुए और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के खिलाफ नारे भी लगाए। उन्होंने थाने को भी घेर लिया। जहां उनकी पुलिस से भी झड़प हुई।
