योजना भवन में मिले करोड़ों रुपए और सोना रिश्वत का निकला, डीओआईटी के जॉइंट डायरेक्टर का था सूटकेस, पुलिस ने पकड़ा

एनसीआई@जयपुर
सचिवालय स्थित योजना भवन की सरकारी अलमारी से 2.31 करोड़ रुपए और एक किलो सोना मिलने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक योजना भवन के बेसमेंट की बंद पड़ी अलमारी में रखा सूटकेस डीओआईटी (DOIT) के जॉइंट डायरेक्टर वेद प्रकाश यादव का बताया जा रहा है। उधर, पुलिस ने जॉइंट डायरेक्टर के घर पर छापेमारी कर उन्हें हिरासत में ले लिया है।

बताया जा रहा है कि अलमारी में मिले करोड़ों रुपए व सोना रिश्वत में लिया गया था। फिलहाल यादव से पुलिस अधिकारी पूछताछ कर मामले की पूरी जानकारी जुटा रहे हैं। ब्लैक मनी होने का पता चलने पर एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) भी मामले की तह तक जाने के लिए पूछताछ करेगी। यादव के खिलाफ एसीबी आय से अधिक सम्पत्ति का मामला भी दर्ज करेगी।
यह है पूरा मामला
19 मई की रात जयपुर में सचिवालय के ठीक पीछे योजना भवन के बेसमेंट की बंद पड़ी अलमारी से 2.31 करोड़ रुपए से ज्यादा और एक किलो सोना बरामद हुआ था। अलमारी में रखे ट्रॉली सूटकेस में 2000 और 500 के नोट थे। अलमारी से 2000 के 7,298 और 500 रुपए के 17,107 नोट मिले थे। सोने की सिल्ली पर मेड इन स्विट्जरलेंड लिखा था। सोने की कीमत करीब 62 लाख रुपए बताई जा रही है।

राजस्थान की मुख्य सचिव (सीएस) ने इस हाई प्रोफाइल व चौंकाने वाले घटनाक्रम की जानकारी सीएम गहलोत को भी दी। जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव के अनुसार- जिस बेसमेंट से नकदी और सोना मिला है, वहां ई-फाइलिंग प्रोजेक्ट के तहत फाइलों को स्केन करके उन्हें डिजिटलाइज्ड किया जा रहा है।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर छापेमारी
यह मामला सामने आने के बाद योजना भवन के विभागों के अफसर-कर्मचारियों को शक के दायरे में रखा गया। पुलिस अफसरों की एक स्पेशल टीम बनाकर जांच शुरू की गई। सात कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के साथ ही बेसमेंट में लगे सीसीटीवी फुटेजों को भी खंगाला गया। बेसमेंट में आने-जाने वाले लोगों के बारे में पूरी तरह जानकारी जुटाई गई।
सूत्रों के मुताबिक, उसके बाद पुलिस स्पेशल टीम ने सूटकेस के मालिक डीओआईटी के जॉइंट डायरेक्टर के घर पर दबिश दी। छापेमारी कर जॉइंट डायरेक्टर को पकड़ने के साथ घर का सर्च किया गया। जांच में सामने आ रहा है कि बंद अलमारी में मिला कैश-गोल्ड ब्लैकमनी है। रिश्वत के एवज में यादव ने इसे लिया था। हालांकि, पुलिस अफसरों ने अभी खुलासा नहीं किया है, जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर खुलासा किया जाएगा।
एडिशनल कमिश्नर (फर्स्ट) कैलाश चन्द्र बिश्नोई का कहना है, ‘जल्द ही मामले का विस्तार से खुलासा किया जाएगा। हमने आरोपी अफसर को पकड़ लिया है। इसमें कौन-कौन शामिल हैं, इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। एसीबी भी आरोपी अफसर के खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति का मामला दर्ज करने जा रही है। अभी पकड़े गए अफसर के बारे में ज्यादा नहीं बता सकता हूं, जल्द ही मामले में अपडेट कर दिया जाएगा।
पुलिस कमिश्नर श्रीवास्तव ने यह दी जानकारी

जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव के मुताबिक जिस बेसमेंट से नकदी और सोना मिला है, वहां ई-फाइलिंग प्रोजेक्ट के तहत फाइलों को स्केन करके उन्हें डिजिटलाइज्ड किया जा रहा है। वहां दो अलमारियां बंद थीं, कर्मचारियों को उनकी चाबियां नहीं मिल रही थीं। उन्होंने अलमारियों को लॉक तोड़कर खोला, तब यह खुलासा हुआ।
एक अलमारी में फाइलें मिलीं, जबकि दूसरी अलमारी में एक ट्रॉली सूटकेस मिला। इस सूटकेस में करीब 2 करोड़ 31 लाख की नकदी और एक किलो सोने के बिस्किट थे। इसके बाद कर्मचारियों ने अशोक नगर थाने को सूचना दी। पुलिस ने नकदी और सोना जब्त कर लिया है।

योजना भवन में करोड़ों की नकदी मिलने के बाद रात करीब 11 बजे मुख्य सचिव उषा शर्मा, डीजीपी उमेश मिश्रा, एडीजी दिनेश एमएन और जयपुर कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव ने सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस बरामदगी की जानकारी दी थी।
