नूंह हिंसा के दो आरोपी एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार, अरावली की पहाड़ी में छिपे थे उपद्रवी
एनसीआई@नूंह
हरियाणा के नूंह जिले में 31 जुलाई को हिन्दू संगठनों द्वारा निकाली गई ब्रजमंडल धाम जलाभिषेक यात्रा के दौरान हुई हिंसक झड़प के बाद पुलिस प्रशासन लगातार उपद्रवियों पर कार्रवाई कर रहा है। ताजा मामले में हरियाणा पुलिस ने नूंह हिंसा के दो आरोपियों का एनकाउंटर किया है। ये उपद्रवी अरावली की पहाड़ियों में छिपे हुए थे। नूंह थाना क्षेत्र के ग्वारका गांव के रहने वाले मुनफेद और सैकुल मामला दर्ज होने के बाद अपने गांव से फरार हो गए थे।
ये दोनों आरोपी तावडू क्षेत्र के गांव सीलखो से सटी अरावली की पहाड़ी में छिपे थे। क्राइम ब्रांच तावडू के प्रभारी संदीप मोर को इन दोनों की यहां लोकेशन होने की जानकारी मिली तो उन्होंने ड्रोन की मदद से भोर पहाड़ी को अपनी टीम के साथ घेर लिया। इनके ठिकाने की ओर जब पुलिस टीमें बढ़ी तो मुनफेद और सैकुल राजस्थान की ओर भागने लगे। इसी बीच 315 बोर के कट्टे से मुनफेद ने कई गोलियां चलाईं।
इस तरह किया गिरफ्तार
इंस्पेक्टर संदीप ने बचाव करते हुए मुनफेद की जांघ में अपनी पिस्टल से गोली मारी, जिससे वह वहीं गिर पड़ा। इसी बीच पुलिसकर्मियों ने सैकुल को भी दबोच लिया। मुनफेद को पुलिस निगरानी में नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
वहीं सैकुल को नूंह सदर थाना पुलिस के हवाले किया जा रहा है। मौके से पुलिस ने कट्टा, कई कारतूस तथा एक बाइक बरामद की है। उल्लेखनीय है कि सीलखों की पहाड़ी पर गौ तस्करों ने अपने अड्डे बना रखे थे। यहीं पर राजस्थान की ओर से गौ वंश को लाकर उनका वध किया जाता था।
पहले यह हो चुकी है कार्रवाई
एक माह पहले तावडू के तत्कालीन डीएसपी जयप्रकाश ने छापेमारी कर गौ तस्करों के ठिकानों को तोड़ चार गोतस्कर पकड़े थे।आपरेशन बुलडोजर के दौरान पहाड़ी के निचले इलाके में बने अवैध निर्माण तोड़ दिए थे। ऊपरी सतह पर बने अवैध निर्माण तोड़ने की तैयारी वाले दिन पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मुहिम रोक दी गई थी।
बदलापुर वॉट्सएप ग्रुप से दोनों के कनेक्शन
हिंसा के अगले दिन से ही मुनफेद और सैकुल अपने गांव से फरार हो गए थे। ये अपने ठिकाने लगातार बदल रहे थे। इस दौरान अपने लोगों से बात करने के लिए मोबाइल चालू करते थे, इसके बाद फिर बंद कर दिया करते थे। एसटीएफ तथा क्राइम ब्रांच की टीम दोनों के पीछे लगी हुई थी।
मुनफेद और सैकुल के सम्बन्ध भरतपुर के पहाड़ी थाना क्षेत्र के गांव सावलेर के रहने वाले अन्य आरोपियों सलीम, साबिर व अशफाक से बताए जा रहे हैं। इन आरोपियों ने पुलिस रिमांड में कबूला है कि इन्होंने भरतपुर जिले के गांव घाटमिका के रहने वाले नासिर व जुनैद की हत्या का बदला लेने के लिए ग्रुप के साथ मिलकर धार्मिक यात्रा पर हमला किया था।
अरावली पहाड़ी से पकड़े गए नौ संदिग्ध
इससे पहले आरोपियों की खोज में लगी एसटीएफ ने बुधवार सुबह ड्रोन की मदद से पहाड़ी पर ठिकाना तलाश कर नौ लोगों को हिरासत में ले लिया था। सभी नल्हड़ और मेवली गांव के रहने वाले हैं। पूछताछ कर साक्ष्य मिलने के बाद इनकी गिरफ्तारी की जाएगी। वहीं, मंगलवार हिरासत में लिए गए संदिग्ध लोगों में से आठ को गिरफ्तार कर लिया गया है।
अब तक 189 लोग हो चुके हैं गिरफ्तार
हिंसा में गिरफ्तार होने वाले आरोपियों की संख्या 189 हो चुकी है। गांव से सटी अरावली पहाड़ी बदमाशों की शरणस्थली बनी हुई है। नल्हड़ तथा समीपवर्ती गांव के चार सौ से अधिक मुस्लिम युवकों ने नल्हड़ मंदिर में फंसे शिव भक्तों पर गोली और पत्थर बरसाए थे।
नल्हड़ के पास पहाड़ी का हिस्सा नूंह की ओर अधिक ऊंचा नहीं हैं। कई चोर रास्ते भी बने हुए हैं। ऐसे में एसटीएफ तथा क्राइम ब्रांच को कार्रवाई में परेशानी आ रही है। पहले ड्रोन से सटीक ठिकाने खोजे गए, फिर पहाड़ी पर चढ़कर संदिग्धों को दबोच लिया।
हिंसा में गई थी छह लोगों की जान
उल्लेखनीय है कि नूंह के नल्हड़ शिव मंदिर से 31 जुलाई, सोमवार को निकाली गई ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा पर मुस्लिम समुदाय के पथराव के बाद हिंसा भड़क गई थी। इस कारण यात्रा स्थगित हो गई थी। हिंसा के दौरान घायल हुए दो होमगार्ड व बजरंग दल के दो कार्यकर्ताओं सहित छह लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद से अब तक भी नूंह में माहौल पूरी तरह शांत नहीं हो पाया है।
