सांसद मीणा के दावे वाले गणपति प्लाजा के तीन लॉकर से निकले सवा करोड़ रुपए और एक किलो सोना, नोट गिनने के लिए मंगवानी पड़ीं मशीनें, कार्रवाई रहेगी जारी
एनसीआई@जयपुर
राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा के आरोपों के बाद गणपति प्लाजा के लॉकरों की जांच के क्रम में इनकम टेक्स डिपार्टमेंट ने मंगलवार को 3 लॉकर खोले। इनमें सवा करोड़ रुपए और एक किलो सोना मिला है।
इनकम टेक्स डिपार्टमेंट के अधिकारियों को कार्तिक कूलवाल के लॉकर से एक किलो सोना मिला है, जबकि इदरीश हसन के लॉकर से एक करोड़ रुपए से ज्यादा मिले। कार्तिक कूलवाल और इदरीश हसन के बारे में अभी तक जानकारी नहीं मिल सकी है।

यह है मामला
उल्लेखनीय है कि राज्यसभा सांसद डॉ. मीणा ने 13 अक्टूबर को दावा किया था कि गणपति प्लाजा स्थित 100 लॉकर्स में 50 किलो गोल्ड और करीब 500 करोड़ का काला धन है। यह पैसा कई घोटालों से जुड़ा हुआ है। इसके बाद इनकम टेक्स डिपार्टमेंट के साथ ही ईडी के अधिकारी भी गणपति प्लाजा पहुंचे। ईडी और इनकम टेक्स के अधिकारियों ने लॉकरों के दस्तावेज की जांच की। जिन-जिन लोगों के लॉकर हैं, उनकी डिटेल निकाली गई। लॉकर मालिकों को बुलाकर लॉकर की जांच की जा रही है।

एमआई रोड स्थित गणपति प्लाजा के अंडर ग्राउंड में बने लॉकर्स रूम में कुल 1100 लॉकर हैं। इनमें से 540 लॉकर एक्टिव नहीं हैं। कुछ लॉकर्स ऐसे भी मिले, जिनके मालिक का नाम और पता मिल नहीं रहा है। यानी जिस नाम से लॉकर खोला गया, वह नाम अस्तित्व में नहीं हैं।
कुछ लॉकर ऐसे जिनके मालिक के नाम और पते का अता पता नहीं
जानकारी के अनुसार, कुछ लॉकर ऐसे भी मिले हैं, जिनके मालिक के नाम और पते मिल ही नहीं रहे हैं। जिस नाम से लॉकर खोला गया, वह नाम अस्तित्व में नहीं है। जो पता लिखा रखा है, वहां वह व्यक्ति रहता ही नहीं है। इनकम टेक्स डिपार्टमेंट को ऐसे ही लॉकर की जांच करने में समय लग रहा है।

इनकम टेक्स डिपार्टमेंट के अधिकारियों का कहना है कि जब तक सारे लॉकर ऑनर आकर अपने लॉकर नहीं खोल देते, जांच जारी रहेगी। सोमवार को भी 7 लोगों के लॉकर इनकम टेक्स डिपार्टमेंट ने खोले हैं। हालांकि ये लॉकर किसके थे, यह नहीं बताया।
नौकर के नाम से लेते लॉकर, फिर उसे निकाल देते
आईटी रेड के एक एक्सपर्ट अधिकारी ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया- वह कई बार इस तरह की रेड कंडक्ट कर चुके हैं। लोग अपने नौकरों के नाम से अपने लॉकर के आसपास वाले लॉकर ले लेते हैं। फिर उन नौकरों को नौकरी से निकाल देते हैं। उन नौकर के लॉकर को ये लोग खुद यूज करते हैं। अगर ईडी और आईटी की टीम सर्च करती है तो ये लोग जानकारी से इनकार कर देते हैं।इससे इनकम टेक्स डिपार्टमेंट के हाथ रुपए या अन्य दस्तावेज तो लगते हैं, लेकिन असली मालिक पकड़ा नहीं जाता है। इस केस में भी ऐसा ही होने वाला है। अभी आईटी की टीम बुला कर जांच कर रही है, लेकिन कुछ दिन में आईटी को कोर्ट के आदेश पर लॉकर तुड़वाने होंगे। इसके बाद ही लॉकरों में रखे सामान के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
राजस्थान को लूटने वाले बेनकाब होंगे

इधर, लॉकर से सोना और रुपए मिलने के बाद किरोड़ी लाल मीणा ने कहा- मैंने दावा किया था कि गणपति प्लाजा के लॉकर्स में करोड़ों का कालाधन व सोना रखा है। आज ये करोड़ों की नकदी और सोना उगल रहे हैं। DOIT के अधिकारी सीपी सिंह ने यहां अकूत सम्पत्ति रखी थी। मेरे मामला उठाने के बाद लॉकर्स खाली कर दिए। उन्होंने बेनामी लॉकर्स में काला धन रख दिया है। मेरी सरकार से मांग है कि गणपति प्लाजा के सभी बेनामी लॉकर्स की गहनता से जांच की जाए। यदि ऐसा किया गया तो भ्रष्टाचार कर इकट्ठा किया गया करोड़ों का काला धन बरामद होगा और वो लोग बेनकाब होंगे, जिन्होंने राजस्थान को लूटा है।
