फलोदी सट्टा बाजार के अनुसार राजस्थान में बन रही किस पार्टी की सरकार? इसके साथ ही जानें कौन दिग्गज हार सकते हैं और किस बागी की जीत सम्भव
एनसीआई@जयपुर
जो फलोदी सट्टा बाजार चुनाव से कुछ महीने पहले तक राजस्थान में कांग्रेस को भारी बता रहा था और टिकट वितरण के बाद बराबर की टक्कर। वहीं 25 नवम्बर को हुए मतदान के बाद इसके आंकड़े पूरी तरह उलटे हो गए हैं।अब यही फलोदी सट्टा बाजार राजस्थान में बीजेपी को 115 से 118 और कांग्रेस को 68 से 70 सीटें मिलना तय मान रहा।
बीजेपी की जीत पर 30 पैसे और कांग्रेस पर चार से पांच रुपए भाव दिए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सट्टा मार्केट में जिस पर जितना कम भाव लगता है, उसके जीतने की उतनी ही अधिक सम्भावना होती है।
यहां समीकरण सिर्फ सत्ता नहीं, मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर भी है। माना जा रहा है कि बीजेपी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला तो वसुंधरा राजे सीएम बन सकती हैं। पूर्ण बहुमत मिलने की स्थिति में बीजेपी की पहली पसंद के रूप में अर्जुनराम मेघवाल माने जा रहे हैं।
सट्टा बाजार के अनुसार, इस बार बाड़मेर की शिव सीट से बीजेपी के बागी और निर्दलीय उम्मीदवार रविंद्र सिंह भाटी तथा बाड़मेर से प्रियंका चौधरी की जीत और गहलोत सरकार के मंत्री बीडी कल्ला व भंवर सिंह भाटी की हार चौंकाने वाली होगी।
यह है फलोदी सट्टा बाजार का पूरा अनुमान
• फलोदी सट्टा बाजार में बीजेपी को बहुमत मिलने पर वसुंधरा राजे को सीएम की रेस में सबसे आगे माना जा रहा है।
दावा : एकतरफा जीतेंगी पूर्व सीएम वसुंधरा राजे
• झालरापाटन सीट पिछले 20 साल से कांग्रेस के लिए चुनौती बनी हुई है। वर्ष 2003 से यहां वसुंधरा राजे के आगे कोई भी मुद्दे और जातिगत समीकरण काम नहीं कर रहे हैं।
• यह सीट वसुंधरा राजे का गढ़ बनी हुई है। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने वसुंधरा को चुनौती देने के लिए मानवेन्द्र सिंह को बाड़मेर से बुलाकर खड़ा किया, लेकिन उन्हें भी वसुंधरा राजे ने 34 हजार वोटों से हरा दिया।
• इससे पहले वर्ष 2003 में सचिन पायलट की मां रमा पायलट ने उनके सामने चुनाव लड़ा था, लेकिन वे भी 27 हजार वोटों से हार गईं थीं।
• इस बार वसुंधरा राजे के सामने कांग्रेस के रामलाल चौहान चुनाव लड़े। फलोदी सट्टा बाजार के अनुसार वसुंधरा राजे की एक तरफ जीत होगी। उनकी जीत पर मार्केट में 20 से 30 पैसे का भाव चल रहा है।
• भाजपा ने राजस्थान में इस बार चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर लड़ा। सीएम फेस की घोषणा नहीं की गई।
• चुनाव के समय पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को साइड लाइन करने की चर्चा थी। कारण रहा पिछले चुनाव में वसुंधरा के खिलाफ एंटी इनकमबेंसी और जनता की नाराजगी। हालांकि टिकटों की दूसरी लिस्ट से तय हो गया कि भाजपा चुनावों में वसुंधरा को साथ लेकर ही आगे बढ़ेगी।
• सट्टा बाजार का आंकलन है कि पूर्ण बहुमत न आने या 100 से कम सीटें रहने पर वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। वसुंधरा राजे के सीएम बनने का भाव 3 रुपए चल रहा है। अर्जुन राम मेघवाल दूसरी चॉइस रहेंगे। मेघवाल के 6 से 7 रुपए भाव हैं।
रिकॉर्ड मतों से राजेन्द्र राठौड़ के जीत का दावा
चूरू जिले की तारानगर सीट कभी कांग्रेस तो कभी भाजपा का गढ़ बनी रही है। इस बार भाजपा के प्रतिपक्ष नेता राजेन्द्र राठौड़ के यहां से चुनाव लड़ने के कारण सीट फिर चर्चा में है।
इनके सामने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पांच बार लोकसभा और राज्यसभा सांसद रहे नरेन्द्र बुड़ानिया हैं। कांटे की टक्कर होने के कारण इस बार यहां 82.30 प्रतिशत मतदान हुआ। रिकॉर्ड मतदान से फलोदी सट्टा मार्केट भाजपा के राजेन्द्र राठौड़ की चार से पांच हजार वोटों से जीत बता रहा है।
इनकी हार बता रहा है सट्टा मार्केट
शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला : कांग्रेस सरकार में शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने इस बार बीकानेर पश्चिम से चुनाव लड़ा है। उनके सामने बीजेपी से जेठानंद व्यास हैं। हालांकि इस बार सीट पर पिछली बार से कम मतदान हुआ। सट्टा बाजार के अनुसार यहां एंटी इनकमबेंसी और हिंदुत्व फेक्टर के कारण बीडी कल्ला की हार होगी।
ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी : कोलायत सीट पर कांग्रेस से ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी, बीजेपी से देवी सिंह भाटी के पोते अंशुमान सिंह भाटी और आरएलपी के रेवत राम पंवार के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। भंवर सिंह भाटी ने वर्ष 2013 में देवी सिंह भाटी और वर्ष 2018 में देवी सिंह की बहू पूनम कंवर को हराया था, लेकिन इस बार सट्टा बाजार अंशुमान की जीत का दावा कर रहा है।
बद्रीराम जाखड़ : सट्टा बाजार के अनुसार, पाली जिला इस बार भी बीजेपी का गढ़ रहेगा। जिले की बाली सीट से कांग्रेस के पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ और बीजेपी से पुष्पेंद्र सिंह राणावत चुनाव लड़ रहे हैं। यहां मतदान में इस बार चार प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 65 प्रतिशत मतदान हुआ है। सट्टा बाजार के अनुसार यहां मुख्यमंत्री गहलोत के नजदीकी बद्रीराम जाखड़ हार रहे हैं।
राजपरिवार और सांसदों का रहेगा दबदबा
सिद्धी कुमारी : वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद बीकानेर पूर्व सीट से लगातार तीन बार से पूर्व राज परिवार की सदस्य सिद्धी कुमारी जीत रही हैं। इस बार बीजेपी की सिद्धी कुमारी के सामने कांग्रेस के यशपाल गहलोत हैं। सट्टा बाजार के अनुसार इस बार सिद्धी कुमारी करीब पांच हजार वोटों से जीत रही हैं।
दीया कुमारी : जयपुर की विद्याधर नगर सीट से चुनाव लड़ रही बीजेपी की सांसद दीया कुमारी की जीत पर 30 पैसे और तिजारा से बीजेपी के बाबा बालकनाथ के 80 पैसे भाव हैं, यानी सट्टा मार्केट दोनों की जीत बता रहा है। इसी तरह झोटवाड़ा से बीजेपी के राज्यवर्धन सिंह राठौड़ की भी जीत सुनिश्चित मानी जा रही है।
कांटे की टक्कर वाली सीटों के यह हैं अनुमान
दावा : रविंद्र भाटी की जीत सबको चौंका देगी
बाड़मेर जिले में पाकिस्तान सीमा से लगती शिव विधानसभा सीट इस बार हॉट सीट बनी हुई है। जहां चतुष्कोणीय मुकाबला है।
यहां बीजेपी से स्वरूप सिंह खारा, कांग्रेस से अमीन खान, बीजेपी से बागी बने युवा छात्र नेता रविंद्र सिंह भाटी और कांग्रेस से बागी बने फतेह खान निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।
यहां चारों प्रत्याशी मजबूत हैं। इसी कारण रिकॉर्ड 83.28 प्रतिशत मतदान हुआ। कंटल का पार व बाड़मेर का पार दो बूथों पर सबसे ज्यादा 100 प्रतिशत मतदान हुआ है।
यहां फलोदी सट्टा बाजार कांटे की टक्कर बता रहा है, लेकिन साथ ही ये दावा भी है कि रविंद्र सिंह भाटी की जीत होगी और अंतर भी कम रहेगा। रविंद्र सिंह भाटी की जीत पर 80 पैसे भाव चल रहे हैं।
दावा : प्रियंका का इमोशन कार्ड चलेगा
बाड़मेर जिले की इस बार सातों सीटों पर बागियों के कारण सबसे रोचक चुनाव हुए हैं। हर सीट पर प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर है। यहीं कारण है कि जिले में इस बार रिकॉर्ड मतदान हुआ।
बाड़मेर सीट पर कांग्रेस से मेवाराम जैन, बीजेपी से दीपक कड़वासरा और भाजपा से बगावत कर डॉ. प्रियंका चौधरी ने निर्दलीय चुनाव लड़ा है।
नामांकन के दौरान प्रियंका चौधरी के मीडिया से बातचीत के दौरान आंखों से आंसू आ गए थे। जाट समाज ने भी प्रियंका को समर्थन देकर नॉमिनेशन भरवाया।
इस त्रिकोणीय मुकाबले के कारण 80.88 प्रतिशत मतदान हुआ। फलोदी सट्टा बाजार के अनुसार बाड़मेर सीट पर प्रियंका चौधरी और मेवाराम जैन के बीच कांटे की टक्कर है। इसमें प्रियंका के इमोशन कार्ड का जादू चलेगा और उनकी जीत होगी।
दावा : जैसलमेर जिले से कांग्रेस की एक भी सीट नहीं आएगी
जैसलमेर जिले की दोनों सीट पर इस बार रोचक मुकाबला है। जैसलमेर सीट से भाजपा के छोटूसिंह भाटी और कांग्रेस के रूपाराम मेघवाल चुनाव लड़ रहे हैं। जैसलमेर सीट पर 77.56 प्रतिशत मतदान हुआ।
फलोदी सट्टा बाजार के अनुसार यहां पर कांग्रेस में चुनाव के दौरान गुटबाजी हुई थी। इस कारण यहां बीजेपी के छोटूसिंह भाटी जीत रहे हैं।
वहीं जिले की दूसरी सीट पोकरण पर बीजेपी से महंत प्रतापपुरी और कांग्रेस से सालेह मोहम्मद चुनाव लड़ रहे हैं। दो धर्मगुरुओं के कारण सीट चर्चा में है। दोनों के बीच पिछले चुनाव में कांटे की टक्कर हुई थी और महज 800 वोटों से साले मोहम्मद जीत गए थे। इतने कम वोटों से हार जीत होने के कारण इस बार यहां प्रदेश में सबसे ज्यादा 87.79 प्रतिशत रिकॉर्ड मतदान हुआ।
प्रदेश में सबसे ज्यादा मतदान के बावजूद सट्टा बाजार के अनुसार यहां एसटी एससी की वोटिंग कम हुई है। इस कारण यहां बीजेपी के महंत प्रतापपुरी जीत रहे हैं।
मुख्यमंत्री के गृह जिले जोधपुर में बीजेपी की सेंध
सट्टा मार्केट के अनुसार इस बार बीजेपी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिले जोधपुर में भी सेंध लगा रही है। जोधपुर जिले की 10 सीटों में से 6 बीजेपी, 2 कांग्रेस और 2 सीटों पर कांटे की टक्कर रहेगी।
फलोदी सट्टा बाजार के अनुसार, जिले में कांग्रेस के हाथ महज दो सीटें लग रही हैं। इनमें एक मुख्यमंत्री खुद अशोक गहलोत की सरदारपुरा सीट है। गहलोत के सामने बीजेपी से डॉ. महेंद्र सिंह राठौड़ हैं। दावा है कि यहां अशोक गहलोत चुनाव जीत जाएंगे।
दूसरी सीट जोधपुर शहर है। जहां कांग्रेस से मनीषा पंवार और बीजेपी से अतुल भंसाली के बीच टक्कर है। सट्टा बाजार के अनुसार, कांग्रेस की मनीषा पंवार जीत जाएंगी।
जोधपुर की 6 सीटों पर बीजेपी की जीत का दावा
सट्टा बाजार के अनुसार जिले की 6 सीटों पर बीजेपी जीत रही है। इनमें शेरगढ़ सीट से बीजेपी के बाबू सिंह राठौड़ करीब 20 हजार वोटों से जीतेंगे। फलोदी से पब्बाराम विश्नोई, लूणी से बीजेपी के जोगाराम पटेल, बिलाड़ा से बीजेपी के अर्जुनलाल, भोपालगढ़ से बीजेपी की कमसा मेघवाल और सूरसागर सीट से बीजेपी के देवेंद्र जोशी जीत रहे हैं।
दो सीटों पर कांटे की टक्कर
लोहावट सीट पर बीजेपी के गजेन्द्र सिंह खींवसर, कांग्रेस के किशनाराम विश्नोई और आरएलपी के सत्यनारायण विश्नोई चुनाव लड़ रहे हैं। सट्टा मार्केट के अनुसार इस सीट पर गजेंद्र सिंह खींवसर और सत्यनारायण विश्नोई में टक्कर है, लेकिन गजेंद्र सिंह खींवसर जीत रहे हैं।
वहीं ओसियां सीट पर कांग्रेस की दिव्या मदेरणा और भाजपा के भैराराम सियोल के बीच कांटे की टक्कर है। सट्टा मार्केट के अनुसार, यहां सियोल जीत सकते हैं।
अमेरिकी चुनाव से लेकर बारिश तक पर लगता है सट्टा
फलोदी सट्टा मार्केट पहली बार तब चर्चा में आया जब इमरजेंसी में सट्टा मार्केट ने जनता दल की सरकार बनने की दावा किया और वो सच हो गया था। इसके बाद देश में चुनाव कहीं भी हों, लेकिन हर पार्टी की फलोदी के सट्टा मार्केट के एग्जिट पोल और भावों पर नजर रहती है। फलोदी में अमेरिका के चुनाव से लेकर बारिश होगी या नहीं होगी इस पर भी सट्टे लगते हैं।
सर्वे करके तय करते हैं भाव
फलोदी सट्टा मार्केट अपना खुद का सर्वे करके ही चुनाव में हर प्रत्याशी का भाव तय करते हैं। सट्टे से जुडे़ लोग उस क्षेत्र में सर्वे करते हैं। वहां सरकारी कर्मचारी, लोगों से बात करने के बाद भाव तय किए जाते हैं। मार्केट के लोग ढाणी, गांव, शहर हर क्षेत्र में अपने लोगों से लगातार सम्पर्क में रहकर फीडबैक लेते रहते हैं। यहां तक की अमेरिका चुनाव में भी सट्टा मार्केट वहां रहने वाले इंडियन से सर्वे करवा कर बताता है कि अमेरिका में किसकी सरकार बनेगी।
