राजस्थान चुनाव 2023: रिजल्ट से पहले वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने की सचिन पायलट की वकालत, कहा-भविष्य उनका है
एनसीआई@जयपुर
राजस्थान कांग्रेस में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच की अंतर्कलह से सभी वाकिफ हैं। यह अलग बात है कि कांग्रेस इसे पूरी तरह नकारती रही है। पार्टी का कहना रहा है कि-कोई टूट नहीं है। सभी नेता एकजुट होकर चुनाव लड़ रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस नेता रघु शर्मा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा कि भविष्य सचिन पायलट का ही है। हालांकि, उन्होंने अशोक गहलोत के समर्थन में भी बात रखी और कहा कि राजस्थान की सभी सीटों पर सीएम ही लड़ रहे हैं, क्योंकि पांच साल उन्होंने ही प्रदेश चलाया है। मुख्यमंत्री के अंदर यही भावना होनी चाहिए।
रघु शर्मा का कहना है कि सचिन पायलट की पर्सनलिटी अच्छी है, वो बोलते अच्छा हैं और राजस्थान में उनकी पकड़ भी बढ़िया है। इतना ही नहीं, सचिन पायलट को 36 कौम के लोग पसंद करते हैं। ऐसे में जाहिर है कि भविष्य उन्हीं का है। रघु शर्मा ने कहा कि सचिन पायलट ने राजस्थान में कांग्रेस को जिताने के लिए बहुत मेहनत की है। पिछली बार प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर और इस बार सामान्य विधायक के तौर पर उन्होंने कांग्रेस की जीत के लिए पूरी कोशिश की है।
रघु शर्मा ने बीजेपी पर भी बोला हमला
कांग्रेस नेता का कहना है कि चुनाव कभी भी एक तरफा नहीं होता, इसलिए नेक-टू-नेक फाइट रहेगी। हालांकि, एज कांग्रेस के पास है, क्योंकि इन पांच साल में लगा ही नहीं कि राजस्थान में कोई विपक्ष भी है। बीजेपी निष्क्रिय दिखी। इनके पास कोई डिफेंड लीडर नहीं है। 7-8 नेता मुख्यमंत्री की दावेदारी पेश कर रहे हैं, लेकिन उनके फॉलोअर्स देखो तो कोई नहीं दिखता।
‘निर्दलियों से सम्पर्क साधने की कोशिश में नहीं कांग्रेस‘
रघु शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने अभी तो निर्दलियों से सम्पर्क नहीं किया है, क्योंकि यह बाद की बात है। परिणाम में ही कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिल सकता है।
कौन होगा राजस्थान में मुख्यमंत्री का चेहरा?
इस सवाल के जवाब में रघु शर्मा ने कहा कि अगर कांग्रेस जीतती है तो यह पार्टी की परम्परा रही है कि विधायक दल की बैठक होती है। विधायकों से राय ली जाती है और उसके बाद आलाकमान अंतिम फैसला करता है। देश में आज तक जब भी कांग्रेस की सरकार बनी है, यही पैटर्न फॉलो किया जाता है। सिटिंग सीएम ही क्यों न हों, विधायक दल की बैठक में ही फैसला होता है कि वो रिपीट किए जाएंगे या नहीं। विधायकों की राय और कांग्रेस आलाकमान की मुहर, इन दो चीजों से मुख्यमंत्री तय होता है।
उल्लेखनीय है कि सीएम गहलोत ने हाल ही में बड़ा बयान देते हुए कहा था कि राजस्थान की सभी 200 सीटों पर वही लड़ रहे हैं। इस बयान का समर्थन करते हुए रघु शर्मा ने कहा कि यह सही है। राज्य में हर सीट पर लड़ाई सीएम की ही होती है, क्योंकि उन्होंने पांच साल में प्रदेश को सबसे करीब से देखा है। मुख्यमंत्री का भाव भी यही होना चाहिए, यही उनकी ड्यूटी भी है। इसी का अभाव बीजेपी में है, 200 सीटों पर लड़ाने के लिए बीजेपी के पास कोई चेहरा नहीं है। सब अलग-अलग मुख्यमंत्री बन कर घूम रहे हैं।
