आरबीआई का अलर्ट: सोशल-प्रिंट मीडिया में चलाया जा रहा कर्ज माफी का गैरकानूनी अभियान, इससे बचें
आरबीआई ने कहा ऐसे झूठे, भ्रमित करने वाले ऑफरों से वित्तीय संस्थानों की स्टेबिलिटी को चुनौती देने के साथ डिपॉजिटर्स के हितों की भी अनदेखी की जा रही है।
एनसीआई@सेन्ट्रल डेस्क
अगर आपने बैंकों से कर्ज लिया हुआ है और आपको सोशल मीडिया के जरिए कर्ज माफ करने का ऑफर मिला है तो इस पर खुश नहीं अपितु सावधान होने की जरूरत है। ऐसे कर्ज माफी के विज्ञापन अखबारों में भी देखे जा रहे हैं। तो ऐसे विज्ञापनों से भी सावधान हो जाइए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या फिर अखबारों में छपने वाले ऐसे विज्ञापनों के सम्बन्ध में बैंकिंग सेक्टर के रेग्यूलेटर्स भारतीय रिजर्व बैंक ने कर्ज लेने वाले ग्राहकों को आगाह किया है।
आरबीआई ने प्रेस रिलीज जारी कर आम नागरिकों को ऐसे झूठे और भ्रमित करने वाले विज्ञापनों से सावधान रहने को कहा है। बैंकिंग रेग्यूलेटर ने कहा कि गैरकानूनी तरीके से चलाए जा रहे ऐसे अभियान और विज्ञापनों के झांसे में आने पर लोगों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक ने नागरिकों से ऐसे ऑफर देने वालों या अभियान चलाने वालों के खिलाफ कानून का पालन कराने वाली एजेंसियों यानी पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने को कहा है।
बगैर किसी अथॉरिटी के कर रही हैं वादा
आरबीआई ने कहा, उसने ऐसे भ्रमित करने वाले विज्ञापन देखें हैं, जो कर्ज लेने वालों को कर्ज माफ कराने का ऑफर दे रहे हैं। ऐसी इकाईयां प्रिंट मीडिया से लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अभियान चला रही हैं। ऐसी रिपोर्ट है कि ये इकाईयां बगैर किसी अथॉरिटी के कर्ज माफी का सर्टिफिकेट देने के बदले में सर्विस या लीगल फीस चार्ज कर रही हैं। आरबीआई ने कहा कि हमारे संज्ञान में ये भी आया है कि कुछ जगहों पर कुछ लोगों के द्वारा इस तरह का अभियान चलाया जा रहा है, जो बैंकों के अधिकारों को चुनौती देने का काम है।
वित्तीय संस्थानों की स्थिरता को खतरा
आरबीआई ने कहा कि ये लोग नागरिकों से कह रहे हैं कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों को कर्ज वापस करने की जरुरत नहीं है। ऐसी घटनाएं वित्तीय संस्थानों की स्टेबिलिटी को चुनौती दे रही हैं, साथ ही डिपॉजिटर्स के हितों की भी अनदेखी कर रही हैं। आरबीआई ने आम लोगों को ऐसे झूठे और भ्रमित करने वाले विज्ञापनों के झांसे में ना आने की सलाह देते हुए कहा है कि ऐसे लोगों के साथ जुड़ने से उन्हें भारी नुकसान हो सकता है।
