दहेज हत्या मामले में पति और सास-ससुर को 10 साल की सजा, शादी के 7 महीने बाद फंदे पर लटकी मिली थी विवाहिता, पिता को बोला था-मार देंगे
एनसीआई@कोटा
दहेज हत्या के करीब 10 साल पुराने मामले में महिला उत्पीड़न क्रम-1 कोर्ट ने मंगलवार को तीन आरोपियों को सजा सुनाई। आरोपी पति, सास और ससुर को 10-10 साल के कारावास की सजा मिली है। शादी के 7 महीने बाद ही विवाहिता फंदे पर लटकी मिली थी।
उल्लेखनीय है कि मृतका के परिजनों ने उसके पति हिमांशु (25), सास सुनीता मालव (50) व ससुर कैलाशचंद (50) पर प्रताड़ित करने व दहेज हत्या का आरोप लगाया था।
दहेज के लिए देते थे ताने
मामले में फरियादी महावीर प्रसाद निवासी कल्याणपुरा, थाना सिमलिया ने 19 अगस्त 2014 को महिला थाने में शिकायत दी थी। इसमें कहा गया था कि उनकी बेटी मीना की शादी 21 जनवरी 2014 को हिमांशु निवासी अटवाल नगर, थाना बोरखेड़ा के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही हिमांशु, उसके पिता कैलाश, सास सुनीता व ननद कम दहेज देने के ताने देते थे। आरोपी उनकी बेटी से दहेज में चारपहिया गाड़ी की डिमांड कर रहे थे। बेटी के चरित्र पर आरोप लगाते हुए उसके साथ मारपीट करते थे। बेटी को दहेज के लिए शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे।
बेटी ने पिता से कहा था- ये मार डालेंगे
19 अगस्त को दामाद का फोन आया उसने कहा आपकी बेटी आपसे बात करना चाहती है। बेटी से बातचीत की तो उसने सुबह से मारपीट करने की बात बताई और कहा कि ये लोग मेरी हत्या कर सकते है। बेटी की बात सुनकर भाई के साथ कोटा रवाना हुआ। रास्ते में दामाद का फोन आया कि मीना हॉस्पिटल में है, वहां आ जाओ। हॉस्पिटल जाकर देखा तो बेटी की मौत हो चुकी थी। बेटी ससुराल में फांसी के फंदे पर लटकी थी। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट में 21 गवाहों के बयान करवाए गए।
