प्रधानमंत्री किसानों से वार्ता कर तुरंत उनकी मांगें मानें, ट्रेक्टर लेकर दिल्ली जाना गुनाह नहीं: रामनारायण मीणा
एनसीआई@बूंदी
कोटा-बूंदी के पूर्व सांसद एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामनारायण मीणा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मांग की है कि वह आंदोलनकारी किसानों की सभी मांगों को तुरंत मानें। उन्होंने इस मुद्दे पर मोदी पर हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को तुरंत किसानों से वार्ता करनी चाहिए। मीणा ने किसानों को उनके आंदोलन के तहत ट्रेक्टर सहित देश की राजधानी दिल्ली में आने देने की भी वकालत की। इससे चाहे वहां का पूरा सिस्टम बिगड़ जाए? इस सवाल के जवाब को हालांकि वह गोलमोल कर गए। मीणा विधानसभा उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
पूर्व सांसद रामनारायण मीणा शुक्रवार को बूंदी स्थित उनकी होटल में पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा-किसानों को देशद्रोही कहना देश के अन्नदाताओं का अपमान है। मैं इसकी कठोर शब्दों में निंदा करता हूं। किसी ने कुछ गलत किया है तो उसे क्रिमिनल कहा जा सकता है, देशद्रोही नहीं। इस अवसर पर मीणा ने अपनी बाजू पर काली पट्टी बांध कर केन्द्र सरकार का विरोध व आंदोलनकारी किसानों का समर्थन जताया।
ट्रेक्टर-ट्रॉली लेकर जाना गुनाह नहीं
मीणा ने आगे कहा- किसानों का ट्रेक्टर-ट्रॉली लेकर दिल्ली जाना कोई गुनाह नहीं है। इसके अलावा उनके पास और कोई साधन नहीं है। यही किसानों की आजीविका का साधन है, इसलिए इन्हें दिल्ली ले जाने से रोकना गलत है। जब उनसे पूछा गया कि चाहे इससे दिल्ली का सारा सिस्टम बिगड़ जाए, तब भी आपको यह मंजूर है? इस पर उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
पूर्व सांसद मीणा ने किसानों की एमएसपी पर कानून बनाने सहित अन्य मांगों को उचित बताया। उन्होंने कहा-यह पंजाब-हरियाणा के किसानों का ही आंदोलन नहीं है, यह पूरे देश के किसानों की आवाज है। मैं हमेशा से किसानों का समर्थक रहा हूं। मैं भी किसान का बेटा हूं और आज भी खेत में रहकर खेती कर रहा हूं। इसलिए किसानों की मजबूरी और समस्याओं को मैं भली-भांति समझता हूं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जीएसटी कानून लागू किया है। खेती में उपयोग में लिए जा रहे संसाधनों पर जीएसटी बढ़ाकर किसानों से टेक्स भी लिया जा रहा, फिर किसान को बिना टेक्स वाला बताना गलत है।
प्रधानमंत्री कुचल रहे हैं आंदोलन
मीणा ने कहा- प्रधानमंत्री एक ओर तो अपने आपको गरीब का पुत्र बताते हैं, वहीं दूसरी ओर किसानों से वार्ता नहीं कर उनके आंदोलन को कुचलने का कार्य कर रहे हैं। यह निंदनीय है।
मीणा ने बूंदी के विकास पर पूछे गए प्रश्न पर कहा कि इसमें दृढ़ इच्छा शक्ति की कमी है। यहां की जनता और नेताओं को दृढ़ इच्छा शक्ति से इस दिशा में कदम बढ़ाने चाहिएं।
जिम्मेदार गारंटी दें तभी चुनाव लड़ूंगा
एक प्रश्न के जवाब में पहले तो मीणा ने कोटा-बूंदी सांसद का चुनाव लड़ने से साफ इनकार किया। मगर फिर कहा कि अगर जिम्मेदार (पार्टी के ही विरोधी नेता) व्यवधान पैदा नहीं करने की गारंटी दें, तभी पार्टी के कहने पर चुनाव लड़ सकता हूं। हालांकि उन्होंने इन नेताओं का नाम नहीं बताया, मगर जब पत्रकारों ने अपनी ओर से कुछ नेताओं का नाम लिया तो उन्होंने इनसे इनकार भी नहीं किया।
पत्रकार वार्ता में कर्मचारी नेता पुरुषोत्तम पारीक, कांग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच व रामदेव गोचर भी मौजूद रहे।
