April 28, 2026

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इंग्लिश टीचर को देख कर गाना गाते थे प्रिंसिपल, बच्चों को लात-घूंसों से पीटते हैं, गालियां देते हैं…. ऐसे गम्भीर आरोपों की जांच करने पहुंची टीम तो ग्रामीणों ने प्रिंसिपल को स्कूल में बंद कर दिया, ट्रांसफर की मांग की

इंग्लिश टीचर को देख कर गाना गाते थे प्रिंसिपल, बच्चों को लात-घूंसों से पीटते हैं, गालियां देते हैं…. ऐसे गम्भीर आरोपों की जांच करने पहुंची टीम तो ग्रामीणों ने प्रिंसिपल को स्कूल में बंद कर दिया, ट्रांसफर की मांग की

एनसीआई@भरतपुर

जिले के उच्चैन क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चक दारापुर के प्रिंसिपल पर छात्र-छात्राएं काफी समय से बेहद गम्भीर आरोप लगाते आ रहे थे। शिक्षा विभाग से शिकायत की गई थी। इस पर शनिवार को जांच कमेटी तहकीकात के लिए स्कूल में पहुंची तो ग्रामीणों का प्रिंसिपल के खिलाफ दबा हुआ आक्रोश बाहर आ गया।

दरअसल, विद्यार्थियों और ग्रामीणों की शिकायत पर जिला कलक्टर ने एक जांच कमेटी गठित की थी। यह टीम शनिवार को सच्चाई का पता लगाने के लिए स्कूल में पहुंची तो ग्रामीणों के सब्र का बांध जैसे फूट गया। उन्होंने नारेबाजी करते हुए प्रिंसिपल अजय जैन सहित सभी शिक्षकों को स्कूल के अंदर बंद कर बच्चों की छुट्टी करवा दी। सुबह करीब दस बजे ही स्कूल के मुख्य दरवाजे पर ताला लगा दिया। बाद में समझाइश पर ग्रामीणों ने करीब आधा घंटे बाद ताला खोला।

विद्यार्थियों के गम्भीर आरोप

स्कूल की एक छात्रा ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल सर ने इंग्लिश की महिला टीचर को स्कूल से भगा दिया। वो उन्हें देखकर गाना गाते थे। मैडम ने अधिकारियों को इसकी शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। सर बच्चों को भी लात-घूंसों से पीटते हैं। अगर कोई बच्चा कुछ कहता है तो गालियां भी देते हैं। यही वजह है कि हम सब उनका ट्रांसफर चाहते हैं।

विद्यार्थियों ने कहा-क्लास में पंखा भी नहीं है। प्रिंसिपल खुद के लिए तो इन्वर्टर ले आए, लेकिन हमारे लिए पंखा तक नहीं है। अब इंग्लिश टीचर नहीं होने से हमारे कम मार्क्स आएंगे, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?

ग्रामीणों का यह है पक्ष

वहीं, सरपंच प्रतिनिधि शेर सिंह ने बताया-स्कूल की तालाबंदी प्रिंसिपल का विरोध जताने के लिए की गई थी। इनके खिलाफ करीब एक महीने पहले ग्रामीणों ने कलक्टर से शिकायत की थी। ग्रामीणों की मांग है कि प्रिंसिपल का ट्रांसफर कर दिया जाए। स्कूल के प्रिंसिपल ने कई टीचर्स को नोटिस देकर स्कूल से हटवा दिया। स्कूल में इंग्लिश का टीचर नहीं है। इसलिए बच्चे इस विषय की पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। सभी ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि जब तक प्रिंसिपल का ट्रांसफर नहीं होगा, बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। उन्होंने पूरे स्कूल का माहौल बिगाड़ रखा है। ‌प्रशासन से निवेदन कि जल्द ही प्रिंसिपल अजय जैन का ट्रांसफर कर दिया जाए।

फैसला पूरी जांच के बाद होगा

कलक्टर द्वारा गठित की गई जांच कमेटी के सदस्य डॉ. शैलेन्द्र उपाध्याय ने बताया- ग्रामीणों ने प्रिंसिपल अजय जैन और एक अन्य टीचर उषा मुद्गल के खिलाफ कलक्टर को शिकायत दी थी। इसके बाद हमारी जांच कमेटी 3 जुलाई को स्कूल में जांच के लिए आई थी। तब दोनों टीचर के बयान लिए गए थे। इसके बाद 4 जुलाई को ग्रामीणों को बुलाया तो उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया था। ग्रामीणों का कहना था कि हमें जल्द ही कार्रवाई चाहिए।

जांच कमेटी ने कहा, इस मामले का फैसला पूरी जांच करने के बाद ही होगा। आज फिर से सभी ग्रामीणों को बुलाया गया है। इनसे बात की जा रही है। इसके आधार पर ही जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।

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