नाबालिग से छेड़छाड़ का मामला दर्ज हुआ, भारी अवसाद में आए शिक्षक ने अगले दिन ही कर ली आत्महत्या, सुसाइड नोट मिला
एनसीआई@टोंक
पॉक्सो एक्ट के तहत अपने खिलाफ दर्ज हुए मामले से भारी अवसाद में आए सरकारी स्कूल के लेक्चरर ने मंगलवार दोपहर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पिता खाना खाने के लिए उनके कमरे में बुलाने गए तो बेटा फंदे पर लटका हुआ मिला। पुराने टोंक इलाके का यह मामला है। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस को मौके से मृतक का सुसाइड नोट मिला है। इसमें लेक्चरर ने नाबालिग के परिजनों पर परेशान करने का आरोप लगाया है।

थाना प्रभारी उदयवीर सिंह ने बताया- मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे करीब 48 वर्षीय लेक्चरर के आत्महत्या कर लेने की सूचना मिली थी। परिजन ही उन्हें फंदे से उतारकर सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।
केमिस्ट्री के थे लेक्चरर
थाना प्रभारी ने बताया- सरकारी लेक्चरर ने घर में ही लोहे के एंगल से रस्सी का फंदा बनाकर सुसाइड किया है। वे रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) के लेक्चरर थे। उनके भाई ने सुसाइड नोट के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए एक व्यक्ति के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दी है। मामले में जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि लेक्चरर का घर दो मंजिला है। उनके पिताजी ने दोपहर करीब एक बजे उन्हें खाना खाने के लिए आवाज लगाई तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद पिता ऊपर बने हुए कमरे में बुलाने गए तो उन्हें फंदे से लटका हुआ देखा।
यह था मामला
पुलिस ने बताया- लेक्चरर के खिलाफ एक नाबालिग छात्रा के परिजनों ने 29 जुलाई को सदर थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था। इस मामले की जानकारी उनके परिजनों को नहीं थी। उन्हें सुसाइड नोट से ही यह जानकारी मिली। पूछताछ में सामने आया है कि लेक्चरर आज स्कूल भी नहीं गए थे। इससे अंदाजा है कि उनके खिलाफ दर्ज मामले के कारण ही भारी तनाव में होने से वे स्कूल नहीं गए थे।
