डमी केंडिडेट के रूप में एसआई का पेपर देने वाली सरकारी शिक्षक वर्षा कोटा से गिरफ्तार, स्टूडेंट बनकर रह रही थी, ऑपरेशन फिक्सिट में मिली यह कामयाबी
एनसीआई@जयपुर/जोधपुर
एसआई भर्ती 2021 धांधली मामले में डमी केंडिडेट के रूप में परीक्षा देने वाली वर्षा बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया गया है। सोमवार सुबह जोधपुर रेंज की टीम ने वर्षा को कोटा से पकड़ा। यह काफी समय से यहां स्टूडेंट बनकर फरारी काट रही थी। अब एसओजी वांटेड वर्षा बिश्नोई से पूछताछ करेगी। यह जालोर के सांचौर के सरनाऊ गांव की रहने वाली है।
एसओजी के सूत्रों ने बताया कि वर्षा जोधपुर में सरकारी शिक्षक के पद पर नियुक्त थी। यह डमी अभ्यर्थी बनकर कई परीक्षाएं दे चुकी है। राजस्थान पुलिस एसआई भर्ती-2021 में एसआई जगदीश सिहाग ने वर्षा को अपनी बहन इंदुबाला और भगवती की जगह डमी केंडिडेट बनकर परीक्षा में बैठाया था।
वर्षा बिश्नोई ने दोनों बहनों की जगह पर परीक्षा देने के लिए 15-15 लाख रुपए लिए थे। इसके लिए वर्षा ने इंदुबाला और भगवती के एडमिट कार्ड पर खुद की फोटो लगाई थी। 13 सितम्बर 2021 को जयपुर के झोटवाड़ा खिरणी फाटक स्थित सिद्धार्थ पब्लिक सेकंडरी स्कूल में डमी केंडिडेट बनकर परीक्षा दी थी।

25 हजार का घोषित था इनाम
मार्च 2024 में एसओजी की गिरफ्त में आए एसआई जगदीश सिहाग से पूछताछ में जोधपुर में ग्रेड फर्स्ट टीचर वर्षा बिश्नोई का नाम सामने आया। जांच में पता चला कि वर्षा अन्य कॉम्पिटिशन एग्जाम में भी डमी केंडिडेट बनी थी। डमी केंडिडेट बनकर परीक्षा देने के बदले मोटी रकम लेती थी। एसओजी टीम की दबिश से पहले ही वर्षा बिश्नोई फरार हो गई थी। इसके बाद उसकी जानकारी देने वाले तो 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।
ऑपेरशन का नाम इसलिए रखा डॉक्टर फिक्सिट
जोधपुर रेंज के आईजी विकास कुमार ने बताया- पेपर लीक कांड की जांच एसओजी कर रही है। करीब 6 महीने पहले 25 हजार का इनाम घोषित होने के बाद से वर्षा बिश्नोई फरार चल रही थी। ऑपेरशन डॉक्टर फिक्सिट के आधार पर वांटेड इनामी वर्षा बिश्नोई की तलाश शुरू की गई। ऑपरेशन का नाम डॉक्टर फिक्सिट रखने के पीछे कारण था कि पेपर ‘लीक’ हुआ था और वांटेड का नाम ‘वर्षा’ था।
पिछले तीन महीने की कोशिश के बाद टीम को कोटा की लोकेशन मिली। सोमवार तड़के हमारी टीम ने कोटा के जवाहर नगर इलाके में वर्षा बिश्नोई को पकड़ा। वह एक रिटायर्ड बैंक मैनेजर के घर पर फर्जी डॉक्यूमेंट व नाम बदलकर पीजी के रूप में रह रही थी। टीम के पहुंचने पर खुद का नाम विमला बताकर फर्जी आधार कार्ड भी दिखाया। सख्ती से पूछताछ के बाद वर्षा बिश्नोई को पकड़ा गया। प्रारम्भिक पूछताछ में पकड़ी गई वर्षा बिश्नोई ने डमी केंडिडेट के रूप में बैठकर परीक्षा देना स्वीकार किया है।
वर्षा ने भगवती और इंदूबाला की जगह डमी केंडिडेट के रूप में परीक्षा दी थी। उसने एक प्रवेश पत्र में चश्मे वाली, वहीं दूसरे पर बिना चश्मे वाली फोटो लगाई थी, ताकि पकड़ी नहीं जा सके।

जगदीश को पहली नियुक्ति में ही एसीबी ने किया था ट्रेप
जगदीश का साल 2014 में सब इंस्पेक्टर के पद पर चयन हुआ था। पहली नियुक्ति बालोतरा (बाड़मेर) में मिली थी। जगदीश पहली नियुक्ति में एक मामले में रिश्वत लेते पकड़ा गया था। हालांकि बाद में वह बरी हो गया था। अक्टूबर 2022 तक जैसलमेर में तैनात रहा। इसके बाद उसका भरतपुर एसपी ऑफिस में तबादला हो गया। एसओजी ने भरतपुर एसपी ऑफिस से ही उसे गिरफ्तार किया था।
