बूंदी: दुष्कर्म के दो दोषियों को 20-20 साल का कारावास, नाबालिग से छेड़छाड़ व वीडियो बनाने के दोषियों को 3-3 साल की सजा
एनसीआई@बूंदी
पोक्सो अदालत ने नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के दो दोषियों को 20-20 साल के कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई हैं। वहीं, एक दूसरे मामले में रास्ते में छेड़छाड़ करने व उसका वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देने के मामले में भी दो दोषियों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है।
पहला मामला अप्रेल 2023 का है। इसमें फरियादी ने बसोली थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी कि शाम के समय करीब साढ़े सात बजे बजे ट पीड़िता शौच के लिए बाहर गई थी। वह काफी समय बाद भी घर नहीं लौटी। इस पर परिजनों ने उसकी आसपास तलाश करने के साथ पूछताछ भी की, मगर कोई पता नहीं चला। बाद में अन्य लोगों से पूछताछ में मे सामने आया कि दो आरोपी पीड़िता को बहला फुसलाकर भगा ले गया है।
रिपोर्ट पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पीड़िता को दस्तयाब किया। बाद मे पीड़िता ने बताया की आरोपी उसे बहला फुसलाकर कर ले गए और उससे दुष्कर्म किया। पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद पोक्सो क्रम संख्या 02 के न्यायाधीश बालकृष्ण मिश्र ने मंगलवार को निर्णय सुनाते हुए आरोपियों को बीस-बीस साल के कठोर कारावास और 58-58 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए विशिष्ट लोक अभियोजक महावीर प्रसाद मेघवाल ने 17 गवाह और 26 दस्तावेज प्रदर्शित करवाए।
छेडछाड़ के आरोपियों को 3-3 साल की सजा
दूसरे मामले में पॉक्सो कोर्ट ने दो दोषियों को तीन-तीन साल कारावास की सजा के साथ जुर्माने की सजा दी है। यह मामला मई 2022 का है। इसमें फरियादी ने थाना गेंडोली थाने में रिपोर्ट देकर बताया था कि वह और उसकी सहेली सुबह गांव में मुंह के छाले होने की दवाई लेने गई थी। दोनों दवाई लेकर पैदल ही वापस घर की ओर लौट रहे थे। रास्ते में आरोपी और उसका साथी मिले। आरोपी पीड़िता को रास्ते में रोक कर उससे छेड़छाड़ करने लगा। इसका विरोध किया तो वह मारपीट करने लगा। इस घटना का उसके दोस्त ने मोबाइल पर वीडियो बना लिया। आरोपी ने धमकी देते हुए कहा कि तू मुझसे दोस्ती नहीं करेगी तो मैं तेरे वीडियो को वायरल कर दूंगा।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने बाद जांच कर न्यायालय में चालान पेश किया। इस प्रकरण में मंगलवार को पोक्सो क्रम संख्या 1 बूंदी के न्यायाधीश सलीम बदर ने आरोपियों को 3-3 साल के कठोर कारावास की सजा एवं 5 लाख 66 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। इस प्रकरण की पैरवी करते हुए विशिष्ट लोक अभियोजक राकेश ठाकौर ने 12 गवाह एवं 36 दस्तावेज पेश किए थे।
