April 21, 2026

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कर्जदारों से परेशान व्यक्ति ने बीमा क्लेम के लिए रची खुद की मौत की साजिश, भिखारी को बेरहमी से मार डाला, लाश के पास अपने कागजात डाल दिए, मगर प्लानिंग हो गई फेल

कर्जदारों से परेशान व्यक्ति ने बीमा क्लेम के लिए रची खुद की मौत की साजिश, भिखारी को बेरहमी से मार डाला, लाश के पास अपने कागजात डाल दिए, मगर प्लानिंग हो गई फेल

एनसीआई@बांसवाड़ा

कर्जदारों से परेशान एक व्यक्ति ने बीमा क्लेम के लिए खुद की मौत की साजिश रची। इसके लिए उसने दो व्यक्तियों की सहायता से कोटा के रामगंजमंडी निवासी एक भिखारी को शराब पिला-पिलाकर बेरहमी से मार डाला। यह जैसलमेर के रामदेवरा में भीख मांगता था। इसकी लाश के पास खुद के डॉक्युमेंट डालकर खुद को मृत जताने की कोशिश की, मगर उसके परिवार वालों ने ही लाश को पहचानने से इनकार कर दिया। फिर जांच में सारा सच सामने आ गया।

दरअसल हुआ यूं कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने लाश के पास एक बैग छोड़ दिया। इसमें साजिश रचने वाले के डॉक्युमेंट थे। पुलिस ने इनके आधार पर परिजनों को सूचना दी, लेकिन उन्होंने देखकर लाश को पहचानने से इनकार कर दिया। इस पर पुलिस का माथा ठनका और जांच शुरू की। इसके बाद शुक्रवार को मामले का खुलासा कर मुख्य आरोपी के साथ साजिश में शामिल 2 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी फरार है।

दिव्यांग आरोपी भैरूलाल और ट्रक ड्राइवर इब्राहिम गिरफ्तार।
दिव्यांग आरोपी भैरूलाल और ट्रक ड्राइवर इब्राहिम गिरफ्तार।

दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया

यह मामला बांसवाड़ा के सल्लोपाट थाना इलाके का है। थाना इंचार्ज देवीलाल खटीक ने बताया- मर्डर और सबूत मिटाने के आरोप में गरदाना (चित्तौड़गढ़) निवासी दिव्यांग भैरूलाल और आकोला खुर्द (चित्तौड़गढ़) निवासी ट्रेलर ड्राइवर इब्राहिम खान को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी गुवारड़ी (अजमेर) का रहने वाला नरेन्द्र सिंह रावत फरार है। उसकी तलाश में टीमें रवाना की गई हैं।

लाश का सिर बुरी तरह कुचला: एसपी

बांसवाड़ा एसपी हर्षवर्धन अगरवाला ने बताया- जिले के सल्लोपाट थाना इलाके में नेशनल हाईवे-56 (चित्तौड़गढ़-दाहोद) पर झेर बड़ी गांव में 1 दिसम्बर की सुबह अज्ञात शव मिला था। व्यक्ति को भारी वाहन से कुचला गया था। लाश का सिर बुरी तरह कुचला गया था। चेहरे से पहचान कर पाना मुश्किल था। लाश के पास एक बैग था, जिसकी तलाशी में नरेन्द्र सिंह रावत के डॉक्युमेंट मिले।

एसपी अगरवाला ने बताया- पुलिस ने डॉक्युमेंट के आधार पर नरेन्द्र सिंह के परिजनों को बांसवाड़ा जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी बुलाया। परिजनों ने लाश नरेन्द्र सिंह की होने से इनकार कर दिया। मृतक की पहचान नहीं होने पर 5 दिसम्बर को नगर पालिका बांसवाड़ा के जरिए लाश का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

जांच में हुआ साजिश का खुलासा

एसपी हर्षवर्धन अगरवाला ने बताया- परिजनों के द्वारा लाश को पहचानने से इनकार करने के बाद पुलिस ने नरेन्द्र सिंह की तलाश शुरू की। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस नरेन्द्र सिंह के एक साथी पूर्व ड्राइवर भैरूलाल तक पहुंची। पहले तो भैरूलाल ने कहा कि वह नरेन्द्र को ज्यादा नहीं जानता है, लेकिन पुलिस ने सख्ती की तो उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।

भैरूलाल के बताने पर ट्रेलर ड्राइवर इब्राहिम खान को भी गिरफ्तार कर लिया। भैरूलाल ने पुलिस को बताया था कि जो लाश मिली वह नरेन्द्र सिंह की नहीं, अपितु रामगंजमंडी (कोटा) के रहने वाले तूफान सिंह की थी, जो रामदेवरा में भीख मांगता था।

दोस्त भैरूलाल को बताई कर्ज की बात, फिर साजिश रची

भैरूलाल ने पुलिस को बताया- नरेन्द्र से मेरी मुलाकात रामदेवरा (जैसलमेर) में हुई थी। तभी से हम दोस्त थे। नरेन्द्र सिंह पर काफी कर्जा था। इससे कर्जदार उसे परेशान कर रहे थे। उसने कई बीमा करा रखे थे। ऐसे में उसने किसी का मर्डर कर खुद की मौत साबित करने की साजिश रची थी। उसने मुझसे कहा कि किसी को एक्सीडेंट में मार डालते हैं। इसके बाद लाश के पास उसके डॉक्युमेंट रख देंगे। इस तरह ऊसे कर्जदारों से छुटकारा मिल जाएगा और बीमा क्लेम भी उठा लेगा।

भैरूलाल ने बताया कि वह पहले ड्राइवर था और उसकी पहचान चित्तौड़गढ़ के ट्रेलर ड्राइवर इब्राहिम से थी। इन्होंने उसे भी साजिश में शामिल कर लिया। अब इन्हें एक ऐसे व्यक्ति की तलाश थी, जो लावारिस हो, अकेला रहता हो और उसके पास अपने दस्तावेज नहीं हों। 26 नवम्बर को नरेन्द्र रामदेवरा से एक भिखारी तूफान सिंह को अपने साथ लेकर आया। उसने तूफान को गुजरात में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। उस समय इब्राहिम ट्रेलर लेकर गुजरात गया हुआ था। ये इब्राहिम के लौटने का इंतजार करने लगे और चार दिन तक तूफान को शराब पिलाकर इधर-उधर घुमाते रहे।

साथियों को भी रुपए देने का किया वादा

भैरूलाल ने बताया- 30 नवम्बर को इब्राहिम ट्रेलर लेकर बांसवाड़ा पहुंचा। इस पर ये, नरेन्द्र और इब्राहिम लक्ष्मीपुर निंबाहेड़ा (चित्तौड़गढ़) की होटल पर मिले। वहां तीनों ने तूफान को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। नरेन्द्र ने भैरूलाल को 85 हजार रुपए और इब्राहिम को 65 हजार रुपए देने का वादा किया था।

उसी दिन ये तूफान को ट्रेलर में बैठाकर गुजरात में काम-धंधा दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गए। बांसवाड़ा से 30 किमी दूर कलिंजरा के पास ट्रेलर रोककर तूफान को खूब शराब पिलाई। वह बेसुध हो गया तो उसे ट्रेलर में डाला और सल्लोपाट क्षेत्र के झेर चौकी के आगे बोर डाबरा इलाके तक ले गए। यहां सुनसान जगह देख गाड़ी रोककर तूफान को नीचे उतारा। उसे सड़क पर लेटाया और इब्राहिम ने सीमेंट से भरा ट्रेलर उसके सिर के ऊपर से निकाल दिया। फिर नरेन्द्र के दस्तावेज वाला बैग लाश के पास पटक दिया। इसके बाद इब्राहिम ट्रेलर लेकर लीमड़ी (गुजरात) की तरफ रवाना हो गया। नरेन्द्र और भैरूलाल वहां से रोडवेज बस में बैठकर निकल गए।

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