चायपत्ती समझ दीमक मारने की दवा डाल दी, जहरीली चाय पीने से मां, बेटे और दादी की मौत, बाकी तीन लोगों का चल रहा इलाज
एनसीआई@बांसवाड़ा
जिले के आम्बापुरा थाना इलाके के गांव नलदा में रविवार दोपहर एक परिवार में बनाई गई चाय पीने के बाद सभी को उल्टियां होने लगीं। बाद में इनमें से मां, बेटे और दादी की मौत हो गई। इस बड़ी घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। बड़ी बात यह है कि पूरा परिवार किसी शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था। इससे ठीक पहले इन्होंने यह चाय बनाकर पी।
थाना इंचार्ज रामरूप मीणा ने बताया- रविवार दोपहर नलदा गांव के किसान लालू की बहू दरिया (55) ने चाय बनाई थी। दरिया ने गलती से दूध में चायपत्ती की जगह दीमक और खरपतवार नष्ट करने वाला कीटनाशक डालकर उबाल दिया। दरिया ने यही चाय घर पर आए हुए एक पड़ोसी सहित परिवार के चार अन्य सदस्यों को देने के साथ खुद ने भी पी।
चाय पीते ही होने लगी उल्टियां
जहरीली चाय पीने के करीब आधे घंटे बाद दरिया सहित उसके पति शम्भू (55), ससुर लालू, बहू चंदा (28), पोते अक्षय (10) और पड़ोसी मनीष (35) पुत्र मोगजी की हालत बिगड़ने लगी। सभी उल्टियां करने लगे।
इस पर पड़ोसियों ने उन्हें एम्बुलेंस से बांसवाड़ा के जिला हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने दरिया को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शाम को बाकी 5 लोगों को उदयपुर के जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
मगर उदयपुर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही बहू चंदा ने दम तोड़ दिया। वहीं, उदयपुर अस्पताल में इलाज के दौरान आज सोमवार को पोते अक्षय की भी मौत हो गई। उदयपुर अस्पताल में में अभी शम्भू, लालू और मनीष का इलाज चल रहा है।
हंसी-खुशी का माहौल मातम में बदल गया
पड़ोसियों के अनुसार रविवार को लालू के परिवार के सभी सदस्य पास के गांव में शादी समारोह में शामिल होने जाने वाले थे। वहां जाने के लिए सभी तैयार हुए थे। इसके बाद दोपहर ढाई बजे करीब दरिया ने चाय बनाई थी। रसोई में दीमक और खरपतवार नष्ट करने की एक दवा पोटली में रखी हुई थी। दरिया ने इसे चायपत्ती समझ दूध में डाल दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विधायक ने दिया आर्थिक मदद का आश्वासन

दूसरी ओर इस मामले की जानकारी मिलने पर बांसवाड़ा विधायक अर्जुन सिंह बामनिया सोमवार को बांसवाड़ा हॉस्पिटल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। बामनिया ने कहा- चायपत्ती की गफलत में परिवार ने कीटनाशक डालकर चाय पी ली थी। इससे तीन की मौत हो गई, बाकी तीन लोगों का इलाज उदयपुर में चल रहा है। तीनों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। मैंने कलेक्टर से बात की है। आंबापुरा के तहसीलदार आज गांव गए हैं। परिवार को आर्थिक मदद दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
