धर्मशाला के कमरे में माता-पिता और बेटा-बेटी के शव मिले, आत्महत्या की आशंका
एनसीआई@करौली
मेहंदीपुर बालाजी कस्बे की एक धर्मशाला में मंगलवार सायं माता-पिता और बेटा-बेटी के शव मिले। यह परिवार उत्तराखंड के देहरादून का रहने वाला था। सूचना मिलने पर बालाजी चौकी पुलिस और टोडाभीम थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल और एमओबी टीम को भी मौके पर बुलाया गया है।
प्राथमिक रूप से इनके आत्महत्या करने की बात सामने आई है। ये लोग दो दिन पहले इस धर्मशाला में कमरा लेकर रुके थे। पुलिस ने इस सम्बन्ध में बताया-12 जनवरी को समाधि वाली गली स्थित रामा-कृष्णा आश्रम धर्मशाला में एक परिवार के चार लोग किराए पर कमरा लेकर रुके थे। ये नितिन कुमार पुत्र सुरेन्द्र उपाध्याय, निवासी रायपुर, देहरादून (उत्तराखंड) के नाम से रुके थे। ये सभी लोग 14 जनवरी, मंगलवार को दोपहर बाद चेक आउट करने वाले थे। मगर सायं करीब साढ़े सात बजे सफाई कर्मचारी कमरे के बाहर पहुंचा तो वहां कोई हलचल नहीं दिखी। उसने इस बात की जानकारी मैनेजर गुड्डू भालपुर को दी। इस पर उसने कमरे में आकर देखा तो वहां चार शव मिले। सूचना पर पहले चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। इसके बाद टोडाभीम थाना इंचार्ज भी वहां पहुंच गए।
एसपी बोले- प्रथम दृष्टया सुसाइड की आशंका

करौली एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने कहा- एक परिवार के माता-पिता और बेटा-बेटी मृत अवस्था में मिले हैं। कमरे में दो शव बेड पर और दो जमीन पर पड़े हुए मिले। मौके पर क्राइम सीन से किसी प्रकार के संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। प्रथम दृष्टया सुसाइड का मामला लग रहा है, लेकिन पोस्टमॉर्टम और विसरा रिपोर्ट से ही स्थिति क्लियर हो पाएगी। देहरादून के रायपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। वे बुधवार सुबह यहां पहुंचेंगे। ऐसा लग रहा है कि परिवार के सदस्य लॉक खोलकर लेटे ही थे, तब इनकी मौत हो गई।
दोपहर को खाना खाकर लौटे थे
धर्मशाला के मैनेजर गुड्डू के अनुसार- माता-पिता के साथ बेटा और बेटी 12 जनवरी की शाम को धर्मशाला में आए थे। परिवार के सदस्यों के अनुसार पिता और बेटी पर कोई संकट था, जिसके निवारण के लिए ही वे मेहंदीपुर बालाजी धाम दर्शन करने आए थे। मंगलवार दोपहर को सभी सदस्य बाहर खाना खाने गए थे। लौटते समय भी वे सभी ठीक लग रहे थे। मौत कैसे हुई, पुलिस इसकी जांच कर रही है।
