जेके लोन अस्पताल में शुरू होने जा रहा है मदर मिल्क बैंक, अक्षम माताओं के नवजात शिशुओं को मिलेगा बड़ा लाभ (वीडियो)
एनसीआई@कोटा
नए वर्ष में कोटा के नवजातों को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। यहां के जेके लोन अस्पताल में अब मां के दूध को सुरक्षित व संरक्षित रखा जा सकेगा। ऐसा यहां स्थापित होने जा रहे ‘मदर मिल्क बैंक’ से सम्भव हो सकेगा। इसकी स्थापना का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
अपने नवजातों को दूध पिलाने में अक्षम माताओं के लिए यह बड़ी खुशखबर है, क्योंकि इस बैंक से उनके नवजातों को इसका लाभ मिलेगा। हाड़ोती में केवल बूंदी में ही आज से 6 वर्ष पूर्व मदर मिल्क बैंक स्थापित किया जा चुका है। जबकि हाड़ोती के सबसे बड़े अस्पताल जेके लोन में भी इसकी महती आवश्यकता है।
इसलिए होती है इसकी आवश्यकता
जेके लोन अस्पताल की अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा ने बताया कि जेके लोन में सबसे अधिक प्रसूताएं बच्चों को जन्म देती हैं। ऐसे में कुपोषण व माता के स्वास्थ्य की कमजोरी के चलते बच्चों को पूरा पोषण नहीं मिल पाता है। कई माताएं शुरुआती दिनों में बच्चों को दूध नहीं पिला पाती हैं। कई महिलाओं को बच्चों को दूध की पूर्ति करने में परेशानी होती है।स्तनपान में आने वाली ऐसी परेशानियों को दूर करने के लिए ही मदर मिल्क बैंक की आवश्यकता होती है।
भवन तैयार, आवश्यक उपकरण भी स्थापित
मदर मिल्क बैंक के लिए 84 लाख रुपए से भवन तैयार किया गया है। वर्ष 2023 में इसे अस्पताल को संभला दिया गया था। यहां मशीन व अन्य उपकरणों को स्थापित करने की प्रक्रिया अब पूरी हुई है। पाश्चराइजेशन मशीन का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। इसमें अपने दूध को संरक्षित करने की इच्छुक नवजात शिशुओं की माताएं ऐसा कर सकेंगी। यह दूध अन्य नवजात शिशुओं के काम आ सकेगा।
