पानी की टंकी गिरने से हुई बच्चे की मौत मामले में राजेश कृष्ण बिरला सहित तीन दोषियों को 2 वर्ष के कारावास की सजा, जबकि तीन आरोपी बरी
एनसीआई@कोटा
गुमानपुरा थाना क्षेत्र स्थित शकुंतला अपार्टमेंट की टंकी गिरने के मामले में न्यायालय संख्या 1, दक्षिण कोटा ने राजेश कृष्ण बिरला सहित संजीव साहनी व अनिक ईनाणी को दोषी मानते हुए 2 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। जबकि चेतन कोली, रामप्रसाद व रामदयाल को बरी कर दिया है। न्यायालय संख्या 1, दक्षिण कोटा के न्यायाधीश रजत गुप्ता ने यह आदेश सुनाया।
मामले के अनुसार, गुमानपुरा थाना क्षेत्र में 10 अप्रेल 2006 को अवैध बहुमंजिला इमारत की पानी की टंकी टूटकर पड़ोस के मकान पर गिर गई थी। इससे इस मकान में रहने वाले सार्थक नामक बालक की मौत हो गई थी। रुचि जैन उस वक्त अपने पुत्र सार्थक और संयम को पढ़ा रहीं थीं। उसी समय यह हादसा हुआ। सार्थक की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि संयम व रुचि घायल हो गए थे।
इस मामले में गुमानपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने अनुसंधान के बाद राजेश कृष्ण बिरला, संजीव साहनी, अनिल ईरानी, चेतन कोली, रामप्रसाद व रामदयाल के विरुद्ध चालान पेश किया था। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने 18 गवाह पेश किए थे, जबकि 57 दस्तावेज प्रदर्शित किए गए।
इस प्रकरण में अंतिम बहस के बाद राजेश कृष्ण बिरला, संजीव साहनी, अनिल ईनाणी, को 337 आईपीसी में 6 माह की सजा व 500 रुपए जुर्माना, 338 आईपीसी में 2 वर्ष की सजा, 1000 रुपए का जुर्माना तथा 304 आईपीसी में 2 वर्ष के कारावास व 2000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
यह है पूरा मामला
प्रकरण संक्षेप में इस प्रकार है कि फरियादी रघु जैन ने 10 अप्रेल 2006 को एक तहरीरी रिपोर्ट पेश की थी। इसमें कहा गया था कि 10 अप्रेल 2006 को रात्रि 10 बजे से 10.30 बजे के मध्य वह अपने सभी परिवारजनों के साथ उनके छावनी स्थित मकान ओसवाल भवन में थे। मकान के पश्चिम दिशा के कमरे में उसकी पत्नी रुचि अपने दोनों बच्चों सार्थक व संयम को पलंग पर बैठकर पढ़ा रही थी। तभी अचानक कमरे की छत पर जोरदार धमाका हुआ और कमरे की पट्टियां टूटकर नीचे गिर गईं। इनमें से एक पट्टी सार्थक के सिर पर गिरी, दूसरी पट्टी संयम के पैर के पास गिरी, जिससे दोनों बच्चों के चोटें आईं तथा उसकी पत्नी रुचि के भी चेहरे व शरीर पर चोटें आईं। यह घटना उनके मकान के पश्चिम दिशा में बनी अवैध बहुमंजिला इमारत की पानी की टंकी, जो नाजायज रूप से लापरवाही पूर्वक बनाई गई थी, के टूटकर उनके मकान की छत पर गिरने से हुई।
सार्थक की इस हादसे में मौत हो गई, वहीं संयम को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना से उनके मकान को काफी क्षति हुई है।
परिवादी रघु जैन ने बहुमंजिला इमारत के मालिक, ठेकेदार व सम्बंधित व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की प्रार्थना की। इस पर पुलिस थाना गुमानपुरा कोटा ने प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 196/2006 अपराध अंतर्गत धारा 304 ए, 427, 337 व 338 भारतीय दंड संहिता में दर्ज कर बाद अनुसंधान दिनांक 22-11-2006 को तत्कालीन फर्म के अन्य पार्टनर, कनिष्ठ अभियंता नगर निगम व उप नगर नियोजक से अन्वेषण धारा 173(8) दण्ड प्रक्रिया संहिता में लम्बित रखते हुए अभियुक्त राजेश कृष्ण बिड़ला, संजीव साहनी, अनिल ईनाणी, चेतन कोली, राम प्रसाद व रामदयाल के विरुद्ध अंतर्गत धारा 337, 338 व 304 ए भारतीय दंड संहिता में न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र पेश किया। इस पर न्यायालय द्वारा उक्त दिनांक को अभियुक्त राजेश कृष्ण बिड़ला, संजीव साहनी, अनिल ईराणी, चेतन कोली, राम प्रसाद व रामदयाल के विरुद्ध धारा 337, 338 व 304 ए भारतीय दंड संहिता में प्रसंज्ञान लिया जाकर प्रकरण नियमित फौजदारी के रूप में दर्ज किया गया था।
