प्रयागराज महाकुम्भ में देर रात भगदड़, 10 श्रद्धालुओं की मौत, राहत-बचाव पर पीएम मोदी ने 3 बार की सीएम योगी से बात, निरस्त करने के बाद अखाड़ा परिषद अमृत स्नान के लिए तैयार
प्रयागराज महाकुम्भ में भगदड़ की घटना पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नजरें बना रखी हैं। पिछले 2 घंटों में पीएम मोदी यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से 3 बार फोन पर बात कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि भगदड़ में 10 से ज्यादा लोगों की मौत होने की आशंका है।
एनसीआई@प्रयागराज
महाकुम्भ में देर रात दो बजे करीब मची श्रद्धालुओं की भगदड़ में 10 से ज्यादा लोगों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है।प्रयागराज में जबरदस्त भीड़ के बीच मची इस भगदड़ में कई लोग घायल भी हुए हैं। इनका अस्पताल में इलाज जारी है। यह हादसा दूसरे अमृत स्नान पर्व मौनी अमावस्या से पहले हुआ। हालांकि इसके तुरंत बाद शासन-प्रशासन, पुलिस ने हालात पर नियंत्रण पा लिया। इसके अलावा इस हादसे के बाद अखाड़ा परिषद ने अमृत स्नान का कार्यक्रम निरस्त करते हुए बसंत पंचमी पर यह स्नान करने की बात कही थी, मगर स्थिति सामान्य होने व प्रशासन तथा सरकार के प्रयास के बाद वे वापस इसके लिए राजी हो गए हैं। अब इनका अमृत स्नान भी शुरू हो जाएगा।

भगदड़ की घटना और इसके बाद के बचाव कार्यों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं नजरें बना रखी हैं। पिछले दो घंटे में वह तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात कर चुके हैं। मोदी हर प्रकार की सहायता का आश्वासन दे चुके हैं। अब विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अखाड़ा परिषद ने कहा है कि भीड़ छंटने के बाद अखाड़े स्नान के लिए जाएंगे।
लोगों को संगम क्षेत्र से बाहर निकालने के लिए बैरिकेडिंग हटा दी गई है। हालांकि, अब भी संगम तट पर लोगों का तांता लगा हुआ है। भगदड़ के बाद भी लोग किसी तरह से संगम तट की तरफ जाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। साधु-संत आम लोगों से संगम तट पर न जाने की अपील कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि 13 जनवरी से शुरू हुए महाकुम्भ में अब तक करीब 20 करोड़ लोग गंगा में डुबकी लगा चुके हैं। आज यानी बुधवार को मौनी अमावस्या पर ही 10 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
आसपास के जिलों से डॉक्टरों को भेजने के निर्देश
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आसपास के जिलों से भी डॉक्टरों को मेला क्षेत्र में आवश्यकता अनुसार भेजा जाए। उन्होंने अखाड़ा परिषद के प्रमुख आचार्यों से बात की और स्नान के आयोजन को सुचारू रूप से जारी रखने के निर्देश दिए।

घटना सरकार की संवेदनहीनता दिखाती है: अजय राय
महाकुम्भ में मची भगदड़ पर राजनीति भी शुरू हो गई है। विपक्षी पार्टियों को प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ बीजेपी को घेरने का यह बड़ा मुद्दा मिल गया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस चीफ अजय राय ने इस पर कहा,’महाकुम्भ में मौनी अमावस्या के नहान के दिन भगदड़ होने से कई लोगों के मृत और घायल होने का समाचार पीड़ादायक है। यह दुखद घटना इस मेले की अव्यवस्था और उत्तरप्रदेश सरकार की नाकामियों को उजागर कर रही है। योगी सरकार ने सारा पैसा सिर्फ अपनी ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर खर्च किया, ना कि महाकुम्भ में आए श्रद्धालुओं की व्यवस्था पर। ये इस सरकार की संवेदनहीनता को प्रदर्शित करता है। हम लगातार ऐसी ही घटना के प्रति सचेत करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन शासन -प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। दुर्घटना के पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। हम मृतकों की आत्मा की शांति व घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं। हम सरकार से यह आग्रह करते हैं कि मृतकों के लिए उचित मुआवजा व घायलों को मुआवजे के साथ मुफ्त इलाज का प्रबंध करे।’

प्रयागराज आने वाली सभी स्पेशल ट्रेनें रद्द करने या नहीं करने पर असमंजस
महाकुम्भ में भगदड़ के बाद पहले यह खबर सामने आई कि प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रयागराज आने वाली सभी स्पेशल ट्रेनें रद्द कर दी हैं। हालांकि, बाद में रेलवे की तरफ से कहा गया कि किसी भी ट्रेन को रद्द नहीं किया गया है। रेलवे का कहना है कि ट्रेनें चलती रहेंगी।
आखाड़ा परिषद की घोषणा-भीड़ छंटने के बाद स्नान के लिए जाएंगेे अखाड़े
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने घोषणा कर दी है कि अखाड़े अब स्नान के लिए जाएंगे। भीड़ छंटने के बाद स्नान के लिए जाया जाएगा। अखाड़े रथ के साथ स्नान करेंगे, हालांकि इनमें अब भीड़ थोड़ी कम होगी।

लोगों को अनुशासित रहना होगा-बाबा रामदेव
योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा, ‘दुखद घटना है। प्रार्थना की है। सांकेतिक और शांति से स्नान किया है। महोत्सव के रूप में स्नान नहीं किया है। लोगों को अनुशासित रहना होगा।
अमृत स्नान की शोभायात्रा नहीं निकालेंगे- स्वामी अवधेशानंद गिरि
शुरू में जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा,’अखाड़ा परिषद ने निर्णय लिया कि हम अमृत स्नान की शोभायात्रा नहीं निकालेंगे। बैंड बाजे के साथ यात्रा नहीं निकाली जाएगी। हमने स्वतंत्र स्नान किया। लोग पीड़ित हैं, इसलिए आज का अमृत स्नान अखाड़ों ने स्थगित कर दिया है।’ हालांकि अब यह निर्णय बदल गया है।
संगम नोज की तरफ जाने का प्रयास न करें: सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जो मां गंगा के जिस घाट के समीप है, वहीं स्नान करे। संगम नोज की ओर जाने का प्रयास न करें। स्नान के लिए कई स्नान घाट बनाए गए हैं। कहीं भी स्नान किया जा सकता है। प्रशासन के निर्देशन का अनुपालन करें। व्यवस्था बनाने में सहयोग करें। किसी भी अफवाह पर ध्यान ना दें।
जेपी नड्डा ने भी सीएम योगी से की बात
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के अलावा केन्द्रीय मंत्री और बीजेपी चीफ जेपी नड्डा ने भी सीएम योगी से फोन पर बात की है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि केन्द्र सरकार की तरफ से सभी स्वास्थ्य सेवाओं की मदद की जाएगी। महाकुम्भ में बीजेपी कार्यकर्ता सभी तरह से प्रशासन की हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। बातचीत के दौरान सीएम योगी ने जेपी नड्डा को बताया कि प्रशासन ने हालात पर काबू पा लिया है।

आर्मी को दी जाए कुम्भ की सुरक्षा: महामंडलेश्वर प्रेमानंद पुरी
पंचायती अखाड़े श्री निरंजनी के महामंडलेश्वर प्रेमानंद पुरी ने हादसे के लिए प्रशासन को दोष देते हुए कहा,’प्रशासन निकम्मा है। हम लोग पहले से कह रहे थे कि कुम्भ की सुरक्षा आर्मी के हवाले की जाए। किसी ने हमारी नहीं सुनी। प्रशासनिक व्यव्स्था से कुम्भ कलंकित हो गया।’
अनुमान से ज्यादा आ गई है भीड़- साध्वी निरंजन ज्योति
पूर्व केन्द्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा,’जो हुआ अच्छा नहीं हुआ। कुम्भ क्षेत्र में 12 करोड़ जनता आ गई है। आगे जो होना है वो देखते हैं। जांच का विषय है कि यह घटना कैसे हुई। जनता अनुमान से ज्यादा आ गई है। सारे केम्प भरे पड़े हैं। जहां नजर जा रही है जनता ही जनता है।भीड़ इतनी आई है तो यह नहीं कह सकते कि तैयारियों में कमी थी।’
शवों को मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में ले जाया गया
कई शवों को प्रयागराज मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में ले जाया गया है। मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए उमड़ी संगम पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग लगाने के बावजूद पुलिस और पैरामिलेट्री फोर्स को तैनात किया गया है। अत्यधिक भीड़ की वजह से डिफेंस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान बैरिकेडिंग को पकड़कर भीड़ नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं।
