भूमि विकास बैंकों को मिला 130 करोड़ का पुनर्वित्त, किसानों को मिलेगी राहत, न्यूनतम दरों पर होगा ऋण उपलब्ध, भूमि विकास बैंक कोटा के अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने सहकारिता मंत्री से मिलकर जताया आभार
एनसीआई@कोटा
राजस्थान की 36 जिला भूमि विकास बैंकों को 130 करोड़ रुपए का पुनर्वित्त स्वीकृत किया गया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए भूमि विकास बैंक कोटा के अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने जयपुर प्रवास के दौरान सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दत्त से शिष्टाचार मुलाकात कर आभार व्यक्त किया।
कोटा जोन को मिला विशेष आवंटन
राठौड़ ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में कोटा जोन के विभिन्न जिलों को ऋण वितरण के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इनमें कोटा भूमि विकास बैंक को 2 करोड़, झालावाड़ को 1 करोड़ तथा बूंदी व बारां को 50-50 लाख रुपए का लक्ष्य 31 मार्च 2025 तक के लिए आवंटित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा ब्याज अनुदान दिए जाने के परिणामस्वरूप भूमि विकास बैंकों द्वारा वितरित दीर्घकालीन कृषि ऋण मात्र 5.05 प्रतिशत और दीर्घकालीन अकृषि उत्पादक ऋण मात्र 7.05 प्रतिशत की ब्याज दर पर उपलब्ध होगा। राठौड़ ने कहा कि राजस्थान में मात्र भूमि विकास बैंक ही न्यूनतम दरों पर किसानों को ऋण उपलब्ध करवाता है।
किसानों के लिए वरदान
राठौड़ ने कहा-“यह पुनर्वित्त स्वीकृति किसानों के लिए वरदान साबित होगी, क्योंकि सबसे कम दरों से किसानों को कृषि व अकृषि ऋण उपलब्ध होंगे। पिछले कई वर्षों से इन बैंकों को ऋण वितरण के लक्ष्य आवंटित नहीं किए जा रहे थे। राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड, जयपुर की वार्षिक आमसभा में हमने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दत्त तथा प्रमुख शासन सचिव सहकारिता मंजू राजपाल के सक्रिय प्रयासों से नाबार्ड द्वारा यह ऋण पुनर्वित्त स्वीकृत किया गया है। इससे किसानों को कृषि विकास के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता मिल सकेगी और वे अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकेंगे।”
कृषि विकास के लिए सुलभ वित्तीय सहायता
राठौड़ ने कहा, किसानों को अब आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध होगा। भूमि विकास बैंक द्वारा प्रदान किए जाने वाले इस ऋण से किसान खेती के लिए आवश्यक उपकरण, बीज, उर्वरक और सिंचाई के साधन खरीद सकेंगे। बैंक की सरल ऋण प्रक्रिया से छोटे और सीमांत किसान भी लाभांवित हो सकेंगे। किसानों को उचित ब्याज दरों पर वित्तीय सहायता मिलेगी, जिससे उनका कृषि व्यवसाय सुदृढ़ होगा। पुनर्वित्त से प्राप्त ऋण के माध्यम से किसान आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों को अपना सकेंगे।साथ ही उन्नत बीज, जैविक खाद और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन बढ़ा सकेंगे। राठौड़ ने कहा कि फसल चक्र के अनुसार समय पर ऋण मिलना अत्यंत महत्वपूर्ण है। नए पुनर्वित्त से बैंक के पास पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होगी, जिससे किसानों को फसल की बुवाई, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए समय पर ऋण मिल सकेगा।
