महाकुम्भ में जा रहे गुजरात के श्रद्धालुओं की कार पर बूंदी में गिरा बड़ा पत्थर, इससे हुए हादसे में ड्राइवर की मौत, अंदेशा है कि सड़क किनारे हो रहे अवैध खनन के कारण यह पत्थर उछला
एनसीआई@कोटा
बूंदी जिले के डाबी थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 27 पर महाकुम्भ में जा रहे गुजरात निवासी श्रद्धालुओं की कार के सामने के कांच पर अचानक एक बड़ा पत्थर आकर लगा। इससे ड्राइवर गम्भीर घायल हो गया। कोटा मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान इसकी मौत हो गई। मृतक के शव को मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल की मोर्चरी में शिफ्ट करने के अलावा इसके परिजनों को सूचना दे दी गई है।

डाबी थाने के हेड कॉन्स्टेबल शिवराज सिंह ने बताया कि कार सवार सभी लोग गुजरात के रहने वाले हैं। ये बुधवार, 19 फरवरी को प्रयागराज के लिए निकले थे। श्रीनाथजी के दर्शन करते हुए नेशनल हाईवे 27 से प्रयागराज जा रहे थे। सुबह साढ़े आठ बजे करीब बुधपुरा व डाबी के बीच बंजारों का पराना के सामने यह हादसा हो गया। लोगों ने बताया कि पास की खान में हुए ब्लास्टिंग से पत्थर उछलकर कार के सामने के कांच पर क्या लगा था। इससे कार का बैलेंस बिगड़ गया और वह डिवाइडर से टकराकर पास की नाली में गिर गई। इस हादसे में मोरबी जिले के जैतपुर थाना इलाके का निवासी 50 वर्षीय ड्राइवर विनोद उर्फ वीनू पुत्र लाल जी पटेल गम्भीर घायल हो गया।
डाबी थाना अधिकारी हेमराज शर्मा के अनुसार कार के कांच से टकराया पत्थर करीब 4 किलो वजन का था। तेज गति से चल रही कार पर गिरने से कांच टूट गया और ड्राइवर गम्भीर घायल हो गया। इसी के साथ कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर को पार करते हुए दूसरी तरफ चली गई। गनीमत रही कि तेज गति में होने के वावजूद भी वह पलटी नहीं। बताया गया है कि पास में हुए माइनिंग ब्लास्ट के कारण यह पत्थर उछला था।
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ड्राइवर को तुरंत उपचार के लिए डाबी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया। यहां से उसे कोटा रेफर कर दिया गया, लेकिन कोटा में उसने दम तोड़ दिया। हादसे में तीन अन्य श्रद्धालुओं को कोई चोट नहीं लगी है। कोटा मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में पहुंचे असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर कैलाश सिंह का कहना है कि ड्राइवर के चेहरे पर काफी गम्भीर चोट लगी।
जांच रिपोर्ट के आने का इंतजार
इस मामले में अवैध खनन के कारण यह हादसा होने के अंदेशे को लेकर बूंदी के असिस्टेंट माइनिंग इंजीनियर पीएल सरोया से बात की। इस पर उनका कहना था कि मामले की जांच के लिए मौके पर टीम भेजी है। उसकी रिपोर्ट के बाद ही यह बताया जा सकेगा कि यह खनन अवैध था या नहीं।
